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इंदिरा गांधी को धमकाने वाले डकैत के गांव का अनिल दुजाना जो बना कुख्यात गैंगस्टर

अनिल दुजाना पर 62 केस दर्ज हैं, जिनमें डेढ़ दर्जन से ज्यादा मामले हत्या व हत्या की साजिश जैसे संगीन जुर्मों से जुड़े हैं।

पश्चिमी यूपी में अपराध को बढ़ाने में कई नाम शामिल रहे। आपसी रंजिश, जातीय दुश्मनी के मामूली झगड़ों ने कब बड़ा रूप ले लिया, यहां कोई समझ ही नहीं पाया। इन्हीं में एक नाम खूंखार गैंगस्टर अनिल दुजाना का भी शामिल है। लेकिन पुलिस के सिरदर्द बने अनिल दुजाना को बीते दिनों ही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि अनिल दुजाना पर 62 केस दर्ज हैं, जिनमें डेढ़ दर्जन से ज्यादा मामले हत्या व हत्या की साजिश जैसे संगीन जुर्मों से जुड़े हैं।

अनिल दुजाना, बादलपुर के उसी दुजाना गांव का रहने वाला है, जहां के कुख्यात डकैत सुंदर नागर उर्फ सुंदर डाकू ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को जान से मारने की धमकी दी थी। 70-80 के दशक में सुंदर डाकू का दिल्ली-एनसीआर में खूब आतंक था। अनिल दुजाना का असली नाम अनिल नागर है। अनिल नागर ने अपनी दुश्मनी के चलते ही अपने बड़े भाई को भी खो दिया।

आपराधिक इतिहास: दुजाना गांव के कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना पर पहला मामला साल 2002 में गाजियाबाद के कवि नगर में दर्ज हुआ था। इस मामले में उस पर हरबीर पहलवान नाम के व्यक्ति की हत्या का आरोप था। अनिल दुजाना पर करीब 62 केस दर्ज है, जिनमें से 18 केस हत्या के हैं और बाकी लूटपाट, रंगदारी, जमीन कब्ज़ा और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले हैं। इसके अलावा उस पर गैंगस्टर और रासुका भी लग चुका है। अनिल दुजाना का खौफ तब ज्यादा हो गया, जब उसने गैंगस्टर सुंदर भाटी पर एके-47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थी।

एके-47 से बरसाया कहर: दरअसल, पश्चिमी यूपी में दो गैंगस्टर की गैंगवार बहुत चर्चा में रहती थी और वो दो नाम नरेश भाटी और सुंदर भाटी थे। लेकिन साल 2004 में जिला पंचायत अध्यक्ष नरेश भाटी की हत्या सुंदर भाटी गुट ने कर दी गई। नरेश के भाई रणदीप और भांजे अमित कसाना ने हत्या का बदला लेने के लिए अनिल दुजाना का साथ लिया। साल 2011 के नवंबर में सुंदर भाटी को मारने के लिए तीनों ने सुंदर भाटी के भांजे की शादी चुनी। मकसद सबके सामने मौत के घाट उतार कर दहशत फैलाना था। रणदीप, कसना और दुजाना ने गैंगस्टर सुंदर भाटी पर एके-47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई, लेकिन भाटी बच निकल और इस घटना में तीन लोग मारे गए।

रंगदारी का खिलाड़ी: इस तिहरे हत्याकांड में अनिल दुजाना 2012 में धरा गया और जेल भेज दिया गया। इसके बाद साल 2014 में सुंदर भाटी ने पलटवार करते हुए दुजाना के भाई को मार डाला। जेल में रहते हुए ही उसके गुर्गों ने 2019 में दिल्ली के एक कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी मांगी थी और इसके बाद वह जनवरी 2021 में जमानत पर बाहर आ गया। इसके बाद इसी साल अक्टूबर में दुजाना ने एक और व्यापारी से 1 करोड़ की रंगदारी मांगी थी। वहीं एक और हत्या के मामले में गवाह को धमकाया था। अनिल दुजाना इन सब मामलों के अलावा अन्य केस की पेशी में भी नहीं जाता था, जिस कारण उस पर अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया था और यूपी पुलिस ने 75 हजार का इनाम भी रखा था।

शादी का किस्सा भी बड़ा रोचक: अनिल दुजाना की शादी साल 2021 में पूजा नाम की लड़की से हुई। लेकिन ये किस्सा भी बड़ा रोचक है, क्योंकि अनिल दुजाना एक केस के सिलसिले में जिला अदालत में पेशी के लिए आया था। पेशी ख़त्म हुई तो उसने मंगनी के लिए बनवाए गए शपथपत्र पर साइन कर अदालत परिसर में ही पूजा को अंगूठी पहना दी थी। इसके बाद बागपत की रहने वाली पूजा अपने परिजनों के साथ घर वापस चली गई थी।

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