scorecardresearch

कुख्यात गैंगस्टर आनंद पाल सिंह जिसे मौत के बाद दी गई उम्रकैद की सजा और थम गया था पूरा प्रदेश

आनंद पाल सिंह कोर्ट में सुनवाई के लिए आता तो बाकायदा फोटो शूट कराता और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता था।

कुख्यात गैंगस्टर आनंद पाल सिंह जिसे मौत के बाद दी गई उम्रकैद की सजा और थम गया था पूरा प्रदेश
आनंद पाल सिंह। (Photo Credit – Express/Social Media)

राजस्थान का इनामी बदमाश आनंद पाल सिंह जब तक जीवित रहा, तब तक वह खौफ का पर्याय रहा। इसके अलावा राजपूत समुदाय के बीच उसकी लोकप्रियता आनंद पाल के एनकाउंटर के बाद भी देखी गई। लेकिन आज हम बताएंगे कि आखिर आनंद पाल सिंह की दुनिया कैसी थी? राजस्थान के नागौर जिले के सांवराद गांव में जन्मा आनंद पाल सिंह पहले बड़ा ही सीधा-साधा सा था। आनंद पाल ने बी.एड. किया ताकि टीचर बन सके लेकिन किस्मत ने उसे अपराध की क्लास का हेडमास्टर बना दिया।

जुर्म की दुनिया में उसने सबसे पहला कदम शराब की तस्करी करने से रखा। अब आनंद पाल की चाहत शराब माफिया बनने की थी और इसी के चलते उसने डीडवाना में जीवनराम गोदारा की हत्या कर दी। यह वही गोदारा था जिसने उसे बारात में घोड़ी चढ़वाई थी। साल 2001 में नागौर में एक हत्याकांड हुआ। मामला दर्ज हुआ तो आरोप था कि खेराज राम नाम का एक व्यक्ति सुजानगढ़ के रास्ते निकला था, लेकिन आनंद पाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे मार डाला। हालांकि, इस मामले की सजा सुनने के लिए आनंद पाल सहित तीन आरोपी जिंदा ही नहीं थे। क्योंकि इस मामले का फैसला आनंद पाल सिंह के एनकाउंटर के दो साल बाद आया था।

आनंद पाल ने राजनीति में भी हाथ आजमाया लेकिन वह दो बार चुनाव के बाद हार गया। साल 2006 के बाद आनंद पाल सिंह ने ऐसा आतंक मचाया कि वह राजस्थान का सबसे बड़ा गैंगस्टर हो गया। आनंद पाल पर 1992 से 2017 तक उस पर 37 केस दर्ज हुए और इन्हीं में से 24 मामलों में वह वांछित था। लेकिन आनंद पाल की धाक जम चुकी थी और राजपूत समाज अब उसे अपना मसीहा मान चुका था।

आनंद पाल के गैंग में करीब 100 बदमाश शामिल थे, जो उसके इशारे पर काम करते थे। आनंद पाल को पकड़ने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। भारी नाकाबंदी करने के साथ-साथ पुलिस कर्मी को ट्रेनिंग दी जाती। पुलिस ने कई बार उसे पकड़ा लेकिन हर बार वह फरार हो जाता। साल 2015 में वह पुलिस वालों को नशीली मिठाई खिला के फरार हो गया और इसके बाद जमकर अपराधों को अंजाम दिया। इसके अलावा कोर्ट ने आनंद पाल को 8 मामलों में भगोड़ा घोषित किया हुआ था।

सालों तक आनंद पाल को ढूंढने वाली पुलिस को 2017 में 24 जून को सूचना मिली कि, आनंद पाल सिंह चुरू के मौलासार गांव में छिपा हुआ है। ऐसे में पुलिस ने एक स्पेशल ऑपरेशन में आनंद पाल को ढेर कर दिया, लेकिन असली खेल तो अभी बाकी था। आनंद पाल सिंह की मौत के बाद राजस्थान में गुस्से का ज्वार फूट पड़ा और उसके घर वालों ने शव लेने से मना कर दिया। आनंद पाल सिंह के गृह जनपद में सरकार का भारी विरोध हुआ, वहीं अधिकारियों ने परिवार व गांव वालों को मनाने की बहुत कोशिश की थी पर सारे प्रयास असफल रहे।

एनकाउंटर के बाद आनंद पाल सिंह का शव करीब 3 हफ्तों तक डीप फ्रीज करके रखा रहा लेकिन उसके चाहने वालों ने दम नहीं छोड़ा। इसके बाद जब 12 जुलाई 2017 को 2 लाख लोग एनकाउंटर के विरोध में उतरे तो सरकार हिल गई। अगले ही दिन परिवार को अंतिम संस्कार की इजाजत के लिए बुलाया और आनंद पाल सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया। इस बार फिर परिवार ने कहा कि अंतिम संस्कार जबरदस्ती किया गया और मामला गर्मा गया, लेकिन थोड़े ही दिनों में सब कुछ ठंडे बस्ते में चला गया।

आनंद पाल सिंह अपराध के अलावा अपने स्टाइल को लेकर भी चर्चा में बना रहता था। सिर पर काऊबॉय हैट, लेदर जैकेट और आंखो पर चश्मा उसकी पहचान बन गई थी। कोर्ट में सुनवाई के लिए आता तो बाकायदा फोटो शूट कराता और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता था। हालांकि, आनंद पाल पहले इस तरह का नहीं था, लेकिन लेडी डॉन अनुराधा चौधरी के संपर्क में आने के बाद वह बिल्कुल बदल गया था। इसके अलावा आनंद पाल सोशल मीडिया पर भी काफी फेमस था।

पढें जुर्म (Crimehindi News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

First published on: 15-01-2022 at 09:56:41 pm