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नोएडा: फर्जी IAS और IPS बन 8 साल से करा रहा था पुलिसवालों के तबादले, कप्तान तक देते थे सलामी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी नेताओं के नाम पर बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री के नाम पर और ट्रांसफर-पोस्टिंग करवाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठग चुके थे।

Author नोएडा | August 2, 2019 10:49 AM
नोएडा पुलिस के गिरफ्त में आरोपी

राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में पुलिस ने दो लोगों को फर्जी आईपीएस (IPS) और आईएएस (IAS) बनकर लोगों से पैसे ऐंठने के आरोप में गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए दोनों आरोपी पीएमओ (PMO) का वरिष्ठ अधिकारी बनकर लोगों से उगाही करते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी नेताओं के नाम पर बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री के नाम पर और ट्रांसफर-पोस्टिंग करवाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठग चुके थे। बताया जा रहा है कि पकडे गए इन आरोपियों ने उत्तर प्रदेश के कई आईपीएस अधिकारियों को चूना लगाया है।

क्या है मामला: दरअसल, कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन के पास से बुधवार रात को दोनों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रयागराज निवासी आदित्य उर्फ गौरव मिश्रा और मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना के निवासी सत्यवीर राठी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आदित्य, सत्यवीर का जीजा है। बीटेक पास करने के बाद आदित्य ने ग्रेटर नोएडा के एक विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को फोन कर आईपीएस का रौब दिखाते हुए एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन कराया था। इसके बदले उसे काफी पैसे जिसके बाद वह लगातार 8 सालों तक ऐसे ही उगाही करता रहा।

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आदित्य उर्फ़ गौरव मिश्र के कहने पर कई कप्तानों ने इंस्पेक्टर को दिए थाने के चार्ज तक दे दिए थे। यही नहीं गश्ती जारी करने के बाद एसपी खुद उसे सलामी देते थे। उसके व्हाट्सऐप में कई आईपीएस के कच्चे चिट्ठे मौजूद होने की बात कही जा रही है। वहीं, आशुतोष फर्जी राजनेता बनकर भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री  के नाम पर अधिकारियों को फोन कर ट्रांसफर, पोस्टिंग का झांसा देता था।

 

ऐसे हुआ खुलासा: आदित्य अधिकारी बनकर उगाही करने लगा और उसका साला आशुतोष भी फर्जी राजनेता बन गया। आशुतोष ने अधिकारियों के नाम का सहारा लेकर कई लोगों के काम कराए और जमकर पैसा कमाया। लेकिन इस बीच जुलाई में आशुतोष ने भाजपा नेता के नाम पर ट्रांसफर पोस्टिंग का दबाव बनाया तो एक नेता ने कोतवाली सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर फर्जी आईएएस, आईपीएस व फर्जी राजनेता बने जीजा-साले को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों बीते 8 सालों से इस काम में व्यस्त थे।

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