न्यूयॉर्क शहर के पांच परिवार जिन्होंने मिलकर चलाया शहर में माफिया राज

न्यूयॉर्क में पांच परिवारों के एक गिरोह ने 1931 में इकट्ठा होकर एक संयुक्त गैंग बनाया। जिसे फाइव फैमली के नाम से जाना जाता है। यह गिरोह अमेरिका के क्राइम वर्ल्ड में कई वर्षों तक बेताज बादशाह बना रहा। हर अपराध पर इनकी पकड़ थी।

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प्रतिकात्मक फोटो (@pixabay)

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में संगठित माफियाओं की कहानी बहुत ही दिलचस्प है। एक बार शहर में पांच परिवारों का एक माफिया संगठन बना था, जो इतना खतरनाक था कि शहर में अपनी समानांतर सरकार चलाता था। कहा जाता है कि इनकी जानकारी और अनुमति के बिना शहर में कोई गलत और गैरकानूनी काम नहीं होता था।

न्यूयॉर्क के लगभग हर गुनाह में ये परिवार शामिल रहता था। यह गैंग आज भी है लेकिन अब इनका अलग-अलग मुखिया है और अलग-अलग क्षेत्र भी बंटा हुआ है। वेबसाइट बायोग्राफी.कॉम के अनुसार दुनिया के सबसे पुराने माफियाओं में से एक, इस सिंडिकेट के कई लोग आज जेल में बंद हैं, तो कई मारे जा चुके हैं। इस माफिया ग्रुप में मारंजानो-बोनानो परिवार, प्रोफेसी-कोलंबो परिवार, मैंगानो- गैम्बिनो परिवार, लुसियानो-जेनोवेस परिवार, गागलियानो -लुच्ची परिवार शामिल थे।

कहां से हुई शुरूआत- फाइव फैमिलीज यानी कि पांच परिवार का गठन 1931 में हुआ था। ये एक इतालवी-अमेरिकी माफिया के पांच प्रमुख संगठित अपराध में शामिल परिवारों का समूह था। तब इसे साल्वाडोर मारंजानो ने खड़ा किया था। पांच गैगों को मिलाकर बनाए इस गैंग का प्रमुख खुद साल्वाडोर था। इसने तब बॉस ऑफ ऑल बॉसेज के तौर पर खुद को इंट्रोड्यूस किया था।

हालांकि मारंजानो को उसी के गैंग वालों ने जल्द ही मार दिया था। उसका बॉस बनना उसी के गैंग के कई लोगों को पसंद नहीं था। इसके बाद पांचों परिवारों ने बराबर का संगठन तैयार किया। जिसमें सभी के इलाके और अपराध बांट दिए गए थे। पांचों हर चीज में बराबर के भागीदार थे। इस संगठन को कमीशन के रूप में पेश किया गया। इस गिरोह में लोगों की सही संख्या का आजतक पता नहीं चल पाया है। एफबीआई का अनुमान है कि अमेरिका में इतालवी-अमेरिकी संगठित अपराध समूहों के लगभग 3,000 सदस्य और सहयोगी हैं।

मैंगानो- गैम्बिनो परिवार: विन्सेन्ट मैंगानो नाम के एक इतावली गैंगेस्टर ने इस गिरोह की स्थापना की थी। इसे विंसेंट द एक्जीक्यूशनर कहा जाता था। बाद में कार्लो गैम्बिनो के नाम पर इसका नाम गैम्बिनो हो गया। कार्लो गैम्बिनो ही मैंगानो के बाद परिवार का मुखिया बना था। एक समय में ये परिवार बहुत शक्तिशाली था और इसके पास मुख्य रूप से ब्रुकलिन, क्वींस, मैनहट्टन, स्टेटन आइलैंड और लॉन्ग आइलैंड का हिस्सा था। इस गिरोह का एक मुखिया जॉन गौटी जो अपने पहले बॉस की हत्या में भी शामिल था, डैपर डॉन के नाम से जाना जाता था। यह महंगे सूट और प्रेस के साथ तेजतर्रार इंटरव्यू के लिए जाना जाता था। इसके बॉस रहने के दौरान गिरोह ने एक वर्ष में सैकड़ों मिलियन डॉलर कमाए थे।

हालांकि 1992 में जॉन को पांच हत्याओं, कर चोरी, जबरन वसूली और अवैध जुआ खेलने समेत कई आरोपों में दोषी ठहराया गया और उसे आजीवन कारावास की सजा हो गई। 2008 में ये गैंग तब चर्चाओं में आया जब इसके कम से कम पांच दर्जन सदस्य गिरफ्तार किए।

मारांजानो-बोनानो परिवार: यह गिरोह अमेरिकी माफिया के सबसे पुराने परिवारों में से एक है। इसी परिवार के मुखिया मारांजानो ने इस संगठन की नींव रखी थी। खुद को बॉसों का बॉस घोषित किया था। हालांकि बाद में मारंजानो को मार दिया गया था। इसके बाद जोसेफ बोनानो बॉस बना और इसी के नाम पर इस संगठन का नाम हो गया। 1930 और 1960 के दशक के बीच बोनानो के नेतृत्व में यह गिरोह देश में सबसे शक्तिशाली गिरोहों में से एक था। इस गिरोह का क्षेत्र ब्रुकलिन, क्वींस, स्टेटन द्वीप और लांग आइलैंड था। गिरोह मैनहट्टन, द ब्रोंक्स, वेस्टचेस्टर काउंटी, न्यू जर्सी, कैलिफ़ोर्निया और फ्लोरिडा में भी प्रभाव रखता है।

इस गिरोह के क्राइम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक एबीआई एजेंट छह साल तक इस गिरोह में अंडरकवर बनकर रहा। करीब 100 मामलों को उसने खुलासा किया। इतने से भी इस गिरोह पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा। ये गिरोह 2003 तक खूब मुनाफा और नाम दोनों कमाया। हालांकि 2003 में इसके बॉस को जब पकड़ा गया तो उसी ने न्यूयॉर्क क्राइम परिवार के बारे पुलिस को सबकुछ बताया था।

प्रोफेसी-कोलंबो परिवार: पांच परिवारों में सबसे छोटा गिरोह था। 1928 में जैतून का तेल व्यापारी ग्यूसेप “जो” प्रोफेसी ने इसकी स्थापना की थी। ये बाहर से व्यापारी था और अंदर से माफिया। ये जबरन वसूली, वेश्यावृत्ति और नशीले पदार्थों जैसे अपराधों में लिप्त थे। कोलंबो परिवार के पास मुख्य रूप से ब्रुकलिन, क्वींस और लॉन्ग आइलैंड था। गिरोह स्टेटन द्वीप, मैनहट्टन, द ब्रोंक्स, न्यू जर्सी और फ्लोरिडा में भी प्रभाव रखता था।

लुसियानो-जेनोवेस परिवार: चार्ल्स “लकी” लुसियानो ने इस गिरोह की स्थापना की थी। इस गिरोह का पहले नाम लुसियानो ही था। लुसियानो को 1931 में कमीशन की स्थापना के लिए अमेरिका में आधुनिक संगठित अपराध का जनक माना जाता है। इसने कास्टेलमारेस युद्ध के बाद सल्वाटोर मारानज़ानो द्वारा निर्मित बॉसों के बॉस की कहानी को खत्म कर दिया था। इसे 1936 में 30 से 50 साल तक की कैद की सजा हुई थी। इसके बाद वीटो जेनोवेस इस गिरोह की गद्दी पर बैठा और बाद इस गिरोह का नाम इसी के नाम पर रखा गया। जेनोवेस गिरोह का क्षेत्र मुख्य रूप से मैनहट्टन, द ब्रोंक्स, ब्रुकलिन और न्यू जर्सी था।

गागलियानो – लुच्ची परिवार: थॉमस गैग्लियानो ने इस गिरोह को खड़ा किया था। वह दो दशकों से अधिक समय तक लो-प्रोफाइल बॉस बना रहा। इस गिरोह के पास भी लगभग वही इलाके थे जो अन्य परिवारों के पास थे। अपने अधिकांश इतिहास में लुच्ची परिवार को देश के सबसे शांतिपूर्ण गिरोहों में एक माना जाता था। इस गिरोह का मुख्य बिजनस ड्रग्स था।

कई सालों तक ये पांचों परिवार अमेरिका के अपराध जगत में राज करते रहा। आज भी इनका संगठन मौजूद है। भले ही वो कमजोर है लेकिन खत्म नहीं हुआ है। ये गिरोह कई बार आपस में ही लड़ते रहे हैं। इसमें कई बॉस की भी मौत हो चुकी है। इस गिरोह में शामिल होने की भी सख्त प्रक्रिया थी। गद्दार को सजा के तौर पर सिर्फ मौत ही मौत मिलती थी।

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