पढ़ाई में नहीं लगता था मन, 8 बार हुए असफल; हादसा हुआ तो बेड पर लेट कर की थी पढ़ाई, IAS वैभव छाबड़ा की कहानी…

एक शिक्षक के तौर पर पढ़ाने के दौरान ही वैभव की सोच औऱ उनकी जिंदगी में जबरदस्त बदलाव आया। छात्रों को पढ़ाने के दौरान वैभव यह महसूस करने लगे कि वो इससे भी बेहतर काम कर सकते हैं।

crime, crime newsIAS वैभव छाबड़ा। फोटो सोर्स- सोशल मीडिया

एक औसत छात्र जो अलग-अलग परीक्षाओं में 8 बार फेल हो गया। पढ़ाई में कम रुचि रखने वाले इस छात्र के बारे में तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन यह छात्र आगे जाकर आईएएस अफसर बनेगा। जी हां, जिस सफल आईएएस अफसर की बात कर रहे हैं उनका नाम वैभव छाबड़ा है। मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले वैभव छाबड़ा की पढ़ाई-लिखाई भी दिल्ली से हुई।

बताया जाता है कि बचपन के दिनों में वैभव छाबड़ा एक औसत छात्र थे। पढ़ाई-लिखाई में उनका मन ज्यादा नहीं लगता था। शुरुआती दिनों में वैभव छाबड़ा का पढ़ाई-लिखाई के दौरान औसत प्रदर्शन रहा था। वैभव छाबड़ा एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते थे। वैभव ने बीटेक का कोर्स नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट से किसी तरह से 56 प्रतिशत अंकों के साथ पूरा किया।

बताया जाता है कि बीटेक करने के बाद वैभव का मन पढ़ाई में बिल्कुल भी नहीं लगने लगा। हालांकि उस वक्त तक वैभव ने एक कोचिंग संस्थान में फिजिक्स पढ़ाने का जॉब पकड़ लिया। एक शिक्षक के तौर पर पढ़ाने के दौरान ही वैभव की सोच औऱ उनकी जिंदगी में जबरदस्त बदलाव आया। छात्रों को पढ़ाने के दौरान वैभव यह महसूस करने लगे कि वो इससे भी बेहतर काम कर सकते हैं। इसी दौरान पहली बार उनके मन में आईएएस बनने का विचार आया।

आईएएस बनने के लिए वैभव छाबड़ा ने अपनी नौकरी छोड़ दी। हालांकि इसके बाद उन्होंने बीएसएनएल ज्वायन कर लिया। लेकिन वैभव छाबड़ा का मन इस जॉब में भी नहीं लगा और फिर वो आईएएस की तैयारी में पूरी तरह रम गये। पॉजिटिव थिंकिंग को आधार बना कर वैभव ने पहले पढ़ाई की शुरुआत कुछ घंटों से शुरू किया जो धीरे-धीरे बढ़ाते गए। जैसे-जैसे इनकी पढ़ाई में कुछ रूचि बढ़ने लगी तो ये लाइब्रेरी भी जाना शुरू कर दिए और वहां पर ये 12-12 घंटे तक पढ़ाई करते रहे।

जब वैभव छाबड़ा पूरी लगन के साथ अपनी पढ़ाई कर रहे थे उसी समय वो एक हादसे का शिकार हो गये। इस दुर्घटना में इनकी पीठ में काफी चोट आने के कारण डॉक्टरों ने इनको लगभग 8 महीने के लिए बेड रेस्ट करने के लिए कहा। इस मुश्किल समय में भी वैभव ने अपनी पढ़ाई को बंद नहीं की और वे बिस्तर पर लेटे–लेटे ही अपनी तैयारी करते रहे।

इसका परिणाम यह हुआ कि साल 2018 में वैभव को आईईएस में 32वीं रैंक के रूप में सफलता प्राप्त हुई। हालांकि, वैभव इस सफलता को हासिल करने से पहले 8 दफा असफलता का भी सामना किये परन्तु उन्होंने कभी भी अपने भीतर नकारात्मकता को ठहरने ही नहीं दिया।

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