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बेहोश कर आरी से गर्दन काटा फिर टुकड़े-टुकड़े कर तेजाब के ड्रम में डाल दिया, अवैध संबंध में हुई खौफनाक हत्या की दास्तान

इस दिन वीरेंद्र ने डॉक्टर से कहा कि उसके दांतों में दर्द है। इसके बाद सुनील ने उसके दांत के चेकअप के बहान उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया।

महिला की हत्या में पुलिस उसके बेटे के बयान पर आगे की कार्यवाई कर रही है। प्रतीकात्मक तस्वीर।

एक हत्यारे ने पहले अपने शिकार का गर्दन धड़ से अलग किया फिर उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर सबूत मिटाने के लिए शव के टुकड़ों को तेजाब भरे ड्रम में डाल दिया। आज बात एक ऐसे मर्डर केस की जिसमें हत्यारे ने कत्ल के सबूत छिपाने के लिए बेहद ही गहरी चाल चली। लेकिन कहते हैं जुर्म छिपता नहीं और अपराधी कभी बचता नहीं। इस शख्स की भी चालबाजी बेपर्दा हो गई और यह केस पुलिस ने सुलझा लिया। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में 30 साल का एक युवक वीरेंद्र 3 फरवरी, 2019 को अचानक गायब हो गया। बेटे के घर नहीं आने पर उसके पिता काफी परेशान हो गए। अपने बेटे को तलाशते-तलाशते वो यहां के आनंदनगर इलाके में रहने वाले एक डॉक्टर सुनील के घर पहुंचे। दरअसल वीरेंद्र ने सुनील के घर एक दिन पहले ही ड्राइवर की नौकरी ज्वायन की थी। 55 साल के सुनील पेशे से सरकारी चिकित्सक थे और इटारसी के एक सरकारी अस्पताल में तैनात थे।

लेकिन डॉक्टर सुनील के घर जाने के बाद वीरेंद्र के पिता की सुनील से बहस हो गई। दरअसल वीरेंद्र के पिता चिकित्सक के घर के अंदर जाकर देखना चाहते थे कि उनके बेटा वहां है या नहीं। लेकिन इस बीच इस लड़ाई की खबर किसी ने पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस से वीरेंद्र के पिता ने कहा कि उन्हें अपने बेटे के गायब होने को लेकर डॉक्टर सुनील पर शक है लिहाजा उनके घर की तलाशी होनी चाहिए। अब पुलिस ने भी डॉक्टर सुनील से कहा कि वो उन्हें उनके घर की तलाशी लेने दें। इसके बाद एक बड़े रहस्य का खुलासा हुआ। पुलिस की नजर जब घऱ के अंदर रखे तेजाब के एक ड्रम पर पड़ी तो वो हैरान रह गई। इस ड्रम में मानव अंग के छोटे-छोटे टुकड़े डाले गए थे। अब पुलिस ने जब सुनील से इस मामले में कड़ाई से पूछताछ की तो सारा मामला खुल गया।

पता चला कि वीरेंद्र की पत्नी का सुनील से अवैध संबंध था। सुनील किसी तरह वीरेंद्र को अपने रास्ते से हटाना चाहता था। इसलिए उसने सुनील की हत्या के लिए एक गहरी साजिश रची। इस साजिश को मुकाम तक पहुंचाने के लिए उसने हत्या से एक दिन पहले वीरेंद्र को अपने यहां ड्राइवर की नौकरी दी। इस दिन वीरेंद्र ने डॉक्टर से कहा कि उसके दांतों में दर्द है। इसके बाद सुनील ने उसके दांत के चेकअप के बहान उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। वीरेंद्र के बेहोश होते ही सुनील ने आरी से वीरेंद्र का गर्दन उसके धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद उसने वीरेंद्र के शरीर के छोटे-छोटे टुकड़े किए औऱ उसे तेजाब वाले ड्रम में डाल दिया ताकि शरीर के यह टुकड़े गल जाएं और किसी को इस सनसनीखेज वारदात की खबर ना लगे। चूकि सुनील पेशे से चिकित्सक था लिहाजा उसे हड्डियों को काटना और मानव अंगों को गलाना बखूबी आता था। लेकिन सुनील की यह चालाकी पकड़ी गई और यह पूरा मामला सुलझ गया। (और…CRIME NEWS)

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