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टिकट ब्लैक करने वाले छोटा राजन से कैसे हुई दाऊद की दोस्ती? यारी, दुश्मनी में बदली तब खूब मचा था कत्ल-ए-आम

बताया जाता है कि साल 2002 में पिज्जा डिलीवरी ब्वॉय बनकर आए दाऊद के लोगों ने बैंकॉक के एक होटल में छोटा राजन पर हमला किया था। कहा जाता है कि उस वक्त छोटा राजन पर कई राउंड फायरिंग की गई थी।

फाइल फोटो

राजेंद्र सदाशिव निखलजे। यह वो शख्स है जिसे अंडरवर्ल्ड की दुनिया में छोटा राजन के नाम से जाना जाता है। बड़ा राजन की मौत के बाद छोटा राजन ही वो शख्स था जो दाऊद इब्राहिम के बाद उसके गैंग में नंबर 2 की पोजिशन पर था। छोटा राजन को नाना या सेठ के नाम से भी जाना जाता है। मुंबई के चेम्बूर इलाके की तिलक नगर बस्ती में सदाशिव सखाराम निकाल्जे के घर राजेंद्र सदाशिव निखलजे का जन्म हुआ था। पश्चिम महाराष्ट्र के सतारा के फल्तान तहसील के गिरवी गांव में छोटा राजन का पैतृक घर है। वहां कभी एक झोपड़ी हुआ करती थी, जो अब एक महलनुमा बंगले में बदल चुका है। छोटा राजन ने अपना बचपन यहीं बिताया था।

कहा जाता है कि छोटा राजन ने महज 10 साल की उम्र से ही सिनेमा हॉल में टिकट ब्लैक करना शुरू किया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात बड़ा राजन से हुई थी और फिर धीरे-धीरे वो राजन नायर यानी बड़ा राजन का दाहिना हाथ बन गया और फिर जरायम की दुनिया में उसे छोटा राजन कहा जाने लगा। दाऊद से छोटा राजन की दोस्ती के किस्से काफी मशहूर हैं। कहा जाता है कि बड़ा राजन की मौत के बाद छोटा राजन ने गैंग की पूरी कमान संभाल ली। छोटा राजन तेजी से मुंबई की अपराध जगत में अपनी पहचान बना रहा था। धीरे-धीरे दाऊद इब्राहिम के साथ छोटा राजन की दोस्ती हुई और फिर दोनों ने एक साथ अपराध शुरू किया। दोनों ने एक साथ मिलकर मुंबई में वसूली, हत्या, तस्करी और फिल्में फाइनेंस करने के काम में लग गए।

बताया जाता है कि साल 1988 में छोटा राजन दुबई चला गया। इसके बाद दाऊद की सरपरस्ती में छोटा राजन की ताकत और बढ़ गई वो पूरे भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में गैर कानूनी धंधे करने लगा। दोनों की दोस्ती अंडरवर्ल्ड में काफी मशहूर हो गई थी। लेकिन जब यह यारी, दुश्मनी में बदली तब इसका नतीजा यह हुआ कि कत्ल-ए-आम मच गया। दरअसल मुंबई में साल 1993 में हुए बम ब्लास्ट के बाद दाऊद और छोटा राजन के बीच दुश्मनी पनप गई और दोनों एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन बैठे।

दोनों अपना अलग-अलग गैंग चला रहे थे और एक-दूसरे को मौत के घाट उतारने की प्लानिंग हमेशा बनाने लगे। बताया जाता है कि साल 2002 में पिज्जा डिलीवरी ब्वॉय बनकर आए दाऊद के लोगों ने बैंकॉक के एक होटल में छोटा राजन पर हमला किया था। कहा जाता है कि उस वक्त छोटा राजन पर कई राउंड फायरिंग की गई थी लेकिन वो बच निकला था।

इसके बाद बैंकॉक में ही छोटा राजन ने इस हमले का बदला लिया था। छोटा राजन के गुर्गे रवि और विमल ने साल 2003 में दुबई के एक्लब में छोटा शकील के खास शरद शेट्टी को मौत के घाट उतार दिया था। शरद शेट्टी के बारे में बताया जाता है कि वो दाऊद इब्राहिम का खास शूटर था। इसके बाद दोनों तरफ से हुई गैंगवार में कई लोगों की जान गई थी। बता दें कि 25 अक्टूबर 2015 को इंडोनेशिया के बाली से छोटा राजन को गिरफ्तार किया गया था। छोटा राजन ने आशंका जताई थी कि दाऊद इब्राहिम जेल में उसकी हत्या करवा सकता है।

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