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डीके राव: दाउद का जानी दुश्मन और मुंबई का कुख्यात गैंगस्टर जो सात गोली लगने पर भी नहीं मरा

कुख्यात गैंगस्टर डीके राव पर विरोधी गुट के कुछ बदमाशों ने पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में भी हमला किया था।

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डीके राव को छोटा राजन का राइट हैंड कहा जाता था। (Photo Credit – Social Media)

आज बात मुंबई अंडरवर्ल्ड के कुख्यात गैंगस्टर डीके राव की जो दाउद इब्राहिम का भी जानी दुश्मन रहा। 90 के दशक में डीके राव मुंबई का नामी गैंगस्टर रहा और छोटा राजन के साथ भी कई साल काम किया। कई सारे वारदातों सहित हत्याओं में उसका नाम सामने आया था। हालांकि, वह काफी समय से जेल की काल कोठरी में है। डीके राव को दिलीप मल्लेश वोरा नाम से भी जाना जाता है।

मुंबई के माटुंगा में पैदा होने वाले डीके राव का बचपन झुग्गी-बस्तियों के बीच बीता। परिवार की हालत भी आर्थिक रूप से बहुत कमजोर थी। थोड़ा बड़ा हुआ तो संगत ऐसे लोगों की मिली कि चोरी और लूटपाट में शामिल हो गया। इसके बाद उसने छोटा राजन की गैंग ज्वाइन की। इस दौरान उसने कई बैंकों में डकैती डाली और बड़े कारोबारियों की हत्याओं में भी उसका नाम आया। धीरे-धीरे वह छोटा राजन का राइट हैंड कहा जाने लगा।

जब 80 का दशक बीत रहा था तो मुंबई में गैंगस्टर डीके राव का खौफ भी बढ़ रहा था। छोटा राजन के साथ काम करते वक्त डीके राव अपहरण, फिरौती, रंगदारी जैसे धंधों में संलिप्त था। वह छोटा राजन के इशारे पर बिल्डरों से जबरन वसूली करता था और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी भी देता था। डीके राव आपराधिक मामलों के चलते कई बार जेल गया, लेकिन हर बार रिहा होने के बाद फिर से उन्हीं कामों में लग जाता था।

साल 1991-92 में डीके राव और पुलिस में मुठभेड़ भी हुई पर वह बच निकला। इसके बाद साल 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों के बाद छोटा राजन, दाउद से अलग हो गया था। तभी डीके राव भी छोटा राजन के साथ आ गया था। बताया जाता है कि इस दौरान उसे छोटा शकील ने कई बार दाउद के साथ आने की पेशकश की पर वह छोटा राजन के साथ लगा रहा।

दाउद से अलग होने के बाद कई बार वह पुलिस के निशाने पर आया और मुठभेड़ भी हुई। बताते हैं कि डीके राव और पुलिस के बीच तीन मुठभेड़ हुई, जिनमें से दो बार वह मरते-मरते बचा था। एक मुठभेड़ में उसे सात गोलियां लगी थी पर फिर भी वह बच गया। डीके राव पर हत्या, हत्या की कोशिश जैसे कई संगीन जुर्मों के तहत करीब 30 केस दर्ज हैं। हालांकि, कई मामलों में उसे बरी भी किया जा चुका है।

कई सालों तक साथ काम करने वाले छोटा राजन के पकड़े जाने और भारत लाए जाने के बाद उसने खुद का गिरोह बना लिया था। साल 2013 में डीके राव का नाम चर्चित अजय गोसालिया फायरिंग केस में भी आया था। इसके बाद एक हत्या मामले में गिरफ्तार होकर जेल भी गया था, लेकिन जुलाई 2016 में रिहा हो गया था। जेल से बाहर आने के बाद डीके ने गैंग के साथ फिर से हफ्ता मांगना शुरू कर दिया।

इसी दौरान अक्टूबर, 2017 में उसने एंटॉप हिल के एक बिल्डर से 50 लाख रूपये की रंगदारी मांगी। जिसमें बिल्डर ने पुलिस में शिकायत कर दी थी। ऐसे में इस माफिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। यह बिल्डर झुग्गी पुनर्विकास परियोजना के तहत काम कर रहा था और डीके राव ने इसे काम बंद करने को कहा था और 50 लाख रूपये की रंगदारी भी मांगी थी।

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