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दाऊद के लिए गोली भी खाई, डॉन के मार्गदर्शक की कहानी…

बताया जाता है कि खालिद खान बच्चा से मिलने के बाद दाऊद से उनकी गहरी दोस्ती हो गई। दोनों ने साथ मिलकर मुंबई के कई माफियाओं को या तो हमेशा-हमेशा के लिए खामोश कर दिया या फिर उन्हें घुटने पर ला दिया।

crime, crime newsदाऊद इब्राहिम। फाइल फोटो

दाऊद इब्राहिम की तलाश आज कई मुल्कों की पुलिस को है। मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर कभी राज कर चुके दाऊद इब्राहिम के कुख्यात डॉन बनने की कई कहानियां अब तक सामने आ चुकी हैं। दाऊद के पिता मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल थे और दाऊद पर जब मुंबई ब्लास्ट के आरोप लगे तब कॉन्स्टेबल के बेटे को आतंकी कहा जाने लगा। लेकिन आज हम बात कर रहे दाऊद के मेंटर कहे जाने वाले खालिद खान बच्चा की। कहा जाता है कि खालिद खान ही वो शख्स था जिसने दाऊद को माफिया बॉस बनने की राह दिखलाई और उसे अंडरवर्ल्ड का कुख्यात बनाया।

लेखक हुसैन जैदी ने ‘दाऊद मेंटर: द मैन हू मेड इंडियाज बिगेस्ट डॉन’ नाम की किताब लिखी है। इसमें उन्होंने दाऊद की खालिद से मुलाकात की कहानी विस्तार से बताई है। लेखक हुसैन जैदी के अनुसार, खालिद ने दाऊद के दिमाग में एक अमिट छाप छोड़ी थी। दाऊद को खालिद के रुप में एक ऐसा मार्गदर्शक मिल गया था जिसने उसे एक धूर्त माफिया में तब्दील कर दिया। यही नहीं खालिद ने एक बार दाऊद के लिए गोली भी खाई थी।

जैदी ने पेंगुइन रैंडम हाउस द्वारा प्रकाशित पुस्तक में लिखा, ‘दाऊद अपने जीवन और ताकत के लिए खालिद का कर्जदार है। इस पठान (खालिद खान बच्चा उर्फ खालिद पहलवान उर्फ केपी) की कहानी अभी तक बयां नहीं की गई थी।’ जैदी ने कहा, ‘मुंबई माफिया की मेरी सीमित समझ में मैंने हमेशा महसूस किया कि खालिद दाऊद के बुरे गैंग से दूर होकर भी उसका अभिन्न हिस्सा था।’

बताया जाता है कि खालिद खान बच्चा से मिलने के बाद दाऊद से उनकी गहरी दोस्ती हो गई। दोनों ने साथ मिलकर मुंबई के कई माफियाओं को या तो हमेशा-हमेशा के लिए खामोश कर दिया या फिर उन्हें घुटने पर ला दिया। कहा जाता है कि खालिद खान ने ही डी-गैंग की नींव रखी थी। जिसके बाद दाऊद ने इस गैंग को आगे बढ़ाया और फिर अंडरवर्ल्ड का सबसे बड़ा डॉन बन बैठा।

खालिद खान बच्चा को खालिद पहलवान के नाम से भी जाना जाता रहा है। बताया जाता है कि मजबूत कद-काठी का खालिद रेसलिंग भी करता था और बाद में वो एक पुलिस अफसर बनने का सपना देखने लगा।

खालिद खान इकोनॉमिक्स विषय में ग्रेजुएट था और बिजनेस की समझ भी उसे थी। डी-गैंग के बिजनेस को बढ़ाने में उसने अपने दिमाग लगाया था। कहा जाता है कि खालिद पहला स्मगलर था जो समंदर किनारे होने वाली तस्करी को मैनेज किया करता था।

बताया जाता है कि खालिद मध्य प्रदेश का रहने वाला था। कॉलेज औऱ रेसलिंग के दिनों में उसके कई दोस्त थे। यह भी कहा जाता है कि इन दिनों दोस्तों के कई बार कहने पर भी खालिद कभी शराब नहीं पिता था। बाद में उसके माफिया बनने की जब खबर सामने आई थीं तब सभी चौंक गये थे।

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