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दाउद के चहेते शार्प शूटर से बन गया दुश्मन, बेटी ने पटना में पकड़वा दिया; एजाज लकड़ावाला की कहानी..

2008 में लकड़ावाला, छोटा राजन से भी अलग हो गया। उसने अपना गैंग बना लिया। लेकिन कहा जाता है कि वो फिर भी छोटा राजन से जुड़ा था।

mumbai, crime, crime newsएजाज लकड़ावाला पर हमला भी हुआ था।

साल 2020 में मुंबई पुलिस ने वांटेड गैंगस्टर एजाज युसूफ लकड़ावाला को बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार किया था। एजाज लकड़ावाला रंगदारी मांगने के कई मामलों में वांछित था। खास बात यह है कि बरसों से पुलिस को छका रहे एजाज लकड़ावाला को क्राइम ब्रांच की एक टीम ने उसी की बेटी सोनिया लकड़ावाला की सूचना पर गिरफ्तार किया गया था। उसकी बेटी सोनिया लकड़ावाला ने पुलिस से अपने पिता का लोकेशन शेयर किया था। इसके बाद पुलिस ने 6 महीने तक लंबी-जांच पड़ताल के बाद उसे पकड़ने में सफलता हासिल की थी। यहां आपको बता दें कि लकड़ावाला इससे पहले दाउद इब्राहिम और छोटा राजन गैंग का सदस्य था।

लकड़ावाला को पकड़ने के बाद जब उसे महाराष्ट्र लाया गया तब उसपर Maharashtra Control of Organised Crime Act (MCOCA) लगाया गया था। साल 1997 से ही लकड़ावाला कनाडा, कोलंबिया, मलेशिया, नेपाल, यूके और यूएस में रह रहा था। कहा जाता है कि एजाज लकड़ावाला करीब 24 साल पहले देश छोड़कर फरार हो गया था। साल 1993 में हुए ब्लास्ट के आरोपी के तौर पर वो जेल में भी बंद था। फरार होने के बाद से ही लकड़ावाला वांटेड था।

स्कूल टीचर पर किया हमला

एजाज लकड़ावाला के बारे में कहा जाता है कि वो मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में रहता था। उसने कम उम्र में ही अपने स्कूल टीचर पर सबसे पहले हमला किया था। बताया जाता है कि लकड़ावाला ने बांद्रा के सेंट स्टेनीस्लूस स्कूल से पढ़ाई की है। कुछ समय बाद 1980 तक वो गंभीर अपराधों में संलिप्त हो गया और फिर वो जेल भी गया। जेल के अंदर छोटा राजन से उसकी मुलाकात हुई। छोटा राजन दाउद के लिए काम करता था और एजाज लकड़वाला छोटा राजन का दाहिना हाथ बन गया। जल्दी ही एजाज लकड़ावाला, दाउद की डी-कंपनी का शार्प शूटर बन गया।

दाउद से हुई दुश्मनी

माना जाता है कि जब छोटा राजन की दाउद से दुश्मनी हो गई तब एजाज लकड़ावाला ही वो पहला शख्स था जिसने छोटा राजन की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया। दोनों की दोस्ती गहरी हुई और वो मलेशिया चले गए। इन्हें जानकारी मिली कि 1993 ब्लास्ट के कुछ आऱोपी बेल पर बाहर आए हैं, इसी सूचना के आधार पर राजन के गैंग ने इनमें से कुछ लोगों की हत्या कर दी। छोटा राजन को इस मामले में उम्रकैद की सजा मिली और उसे दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया।

2008 में लकड़ावाला, छोटा राजन से भी अलग हो गया। उसने अपना गैंग बना लिया। लेकिन कहा जाता है कि वो फिर भी छोटा राजन से जुड़ा था। साल 2004 में छोटा शकील से मिला होने के आरोप में राजन ने एजाज पर बैंकॉक में हमला करवाया था। लकड़ावाला कभी दाऊद के साथ था लेकिन 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद जब छोटा राजन दाउद से अलग हो गया तब लकड़ावाला राजन के साथ चला गया।

राजन से अलग होने के बाद लकड़ावाला ने साल 2008 में अपनी गैंग बना ली। इसके बाद रंगदारी मांगने से जुड़े कई मामलों में उसका और उसके गुर्गों का नाम सामने आया था।

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