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कई गैंगस्टरों की मां जिसने बनाया कुख्यात गैंग, डकैती और अपहरण के लिए करती थी बेटों का इस्तेमाल

फ्रेड ने इसके बाद अचानक मशीन गन से पुलिस वालों पर हमला बोल दिया। इसके बाद तो इस घर की दीवारें गोलियों की तड़तड़ाहट से हिल उठीं। चार घंटों तक मां, बेटे ने बाहर पुलिस वालों की गोलियों का करार जवाब दिया।

इस महिला ने कभी भी अपने बेटों को अनुशासन में रहने को नहीं कहा। प्रतीकात्मक तस्वीर।

यह महिला कुख्यात बार्कर-कारपिस गैंग की कुलमाता कहलाती थी। यह गैंग मुख्य रुप से किडनैपिंग, मर्डर और बैंक डकैती के लिए कुख्यात रहा है। आज हम जिस महिला गैंगस्टर की बात कर रहे हैं उसके चारों बेटे कुख्यात गैंगस्टर थे जो अपनी मां की छत्रछाया में अपराध करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। मा बार्कर नाम की इस महिला का जन्म 8 अक्टूबर, 1873 को यूनाइटेड स्टेट्स के मिसौरी में हुआ था। मां बार्कर का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था। जानकारी के मुताबिक बचपन के दिनों में बार्कर को गाना गाना और खेलना काफी पसंद था। वो अपना काफी समय चर्च में भी गुजारती थी। बचपन में मा बार्कर ने मिसौरी में जेसस जेम्स और उसके गैंग के उत्पात को करीब से देखा था।

सन् 1892 में मा बार्कर ने जॉर्ज बार्कर नाम के एक शख्स से शादी की थी। शादी के बाद इस महिला को चार बेटे हुए। जिनका नाम हर्मन, लॉड, आर्थर और फ्रेड था। इनके चारो बच्चे जैसे-जैसे बड़े होने लगे वैसे-वैसे यह जरायम की दुनिया की तरफ आकर्षित होने लगे। इनका सबसे छोटा बेटा हर्मन साल 1910 में सबसे पहले एक चोरी के मामले में पकड़ा गया। कच्ची उम्र में ही मा बार्कर के चारों बच्चे कभी जेल जाते तो कभी सुधार गृह लेकिन बार्कर ने कभी भी इन्हें अनुशासन सिखाने का प्रयास नहीं किया। साल 1915 में इनका परिवार टुल्सा चला गया और बेटों तथा पत्नी की हरकत से परेशान जॉर्ज ने मा बार्कर को छोड़ दिया।

सन् 1931 में मा बार्कर का बेटा फ्रेड जब कंसास की जेल से परोल पर बाहर आया तब वो अपने एक साथी एल्विन कार्पिस के साथ अपने घर आया। यहां उसने एल्विन को अपने जुर्म का साथी बनाने की योजना बनाई और यहीं नींव पड़ी बार्कर-कार्पिस गैंग की। फ्रेड की मां ने बार्कर-कार्पिस गैंग को बनाने और उसे संचालित करने की अनुमति दी थी। इतना ही नहीं उसने टुल्सा के अपने घर को गैंग के सदस्यों के छिपने के लिए एक महफूज ठिकाना भी बनाया।
मा बार्कर ने अपने चारों बेटों और एल्विन कारपिस के साथ मिलकर बार्कर-कारपिस गैंग बनाया। इसी साल फ्रेड और एल्विन ने मिलकर एक शख्स की हत्या कर दिया। इस हत्याकांड को बिना सोचे-समझे इस गैंग के सदस्यों ने अंजाम दिया था। इस कांड के बाद मा बार्कर पुलिस की वांटेड लिस्ट में सबसे ऊपर हो गई।

29 मार्च, 1932 को फ्रेड, एल्विन और गैंग के अन्य सदस्यों ने मिलकर Minneapolis स्थित Northwestern National Bank को लूटा और बड़ी ही आसानी से फरार हो गए। इस डैकती के बाद इस गैंग के पास ढेर सारी दौलत जमा हो गई। सितंबर 1932 में मा बार्कर के अन्य बेटे भी जेल से बाहर आए और यह गैंग पहले से ज्यादा और भी मजबूत हो गया। मां की इजाजत लेकर इन सभी ने एक बार एक अन्य बैंक को लूटने की योजना बनाई, लेकिन इस बार इनकी योजना नाकाम हो गई।

16 जनवरी, 1935 को एफबीआई ने ओक्लावाहा के उस घर में छापेमारी की जहां मां और फ्रेड रहते थे। हथियारों से लैस एफबीआई एजेन्ट्स ने इस घर को चारों तरफ से घेर लिया और गैंग के सदस्यों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। लेकिन जब घर के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो अधिकारियों ने टीयर गैस छोड़े। फ्रेड ने इसके बाद अचानक मशीन गन से पुलिस वालों पर हमला बोल दिया। इसके बाद तो इस घर की दीवारें गोलियों की तड़तड़ाहट से हिल उठीं। चार घंटों तक मां, बेटे ने बाहर पुलिस वालों की गोलियों का करार जवाब दिया। लेकिन अंत में जब एफबीआई की टीम घर के अंदर दाखिल हुई तब फ्रेड और उसकी मां की लाश बेडरुम में पड़ी हुई थी। कई हथियार और काफी पैसे यहां से बरामद भी किए गए थे। (और…CRIME NEWS)

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