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मॉब लिंचिग: Whatsapp पर फैली अफवाह, 200 लोगों ने बीच बाजार महिला को निर्वस्त्र कर पीटा

महिला की जान सिर्फ इसलिए बच गई क्योंकि उस वक्त अचानक कुछ पुलिस कर्मी वहां पहुंच गए। इन पुलिस वालों ने किसी तरह सैकड़ों लोगों की भीड़ से इस महिला को जिंदा बाहर निकाला।

mob lynching, crime, crime newsभीड़ में शामिल लोगों ने पहले महिला का बुर्का हटाया और फिर उसे निर्वस्त्र कर उसकी पिटाई कर दी। सांकेतिक तस्वीर।

Whatsapp पर फैली एक अफवाह ने महिला की जिंदगी बर्बाद कर दी। अफवाह की वजह से महिला को भीड़ की दरिंदगी का शिकार बनना पड़ा। भीड़तंत्र के क्रूर रवैये से जुड़ी यह खबर उत्तर प्रदेश के मेरठ से आई है। मेरठ में एक Whatsapp मैसज कई लोगों को भेजा गया। इस मैसेज में एक महिला की तस्वीर थी जिसके बारे में कहा जा रहा था कि यह महिला कथित तौर से एक बच्चा चोर है। यहां लोगों ने जब इस तस्वीर से मिलती-जुलती चेहरे वाली एक महिला को देखा तो उन्हें शक हो गया कि यहीं वो महिला है जिसकी तस्वीर Whatsapp पर शेयर की जा रही है।

इसके बाद तो जैसे भीड़ के सिर पर खून सवार हो गया। बिना सोचे-समझे और बिना किसी जांच -पड़ताल के भीड़ ने इस महिला की सरेबाजार पिटाई शुरू कर दी। करीब 200 लोगों की भीड़ ने इस महिला को जमकर पीटा। इतना ही नहीं महिला को इस भीड़ ने निर्वस्त्र कर तब तक पीटा जब तक कि वो अधमरी हालत में ना हो गई।

जानकारी के मुताबिक इस महिला की उम्र 25 साल है। यह महिला मेरठ की रहने वाली भी नहीं थी और यहां अपने मामा के घर आई थी। बीते मंगलवार (27 अगस्त, 2019) की शाम को यह महिला बाजार गई थी जहां लोगों ने उसे बच्चा चोर होने के शक में धर लिया।

भीड़ ने घंटों महिला के साथ क्रूरता की। महिला की जान सिर्फ इसलिए बच गई क्योंकि उस वक्त अचानक कुछ पुलिस कर्मी वहां पहुंच गए। इन पुलिस वालों ने किसी तरह सैकड़ों लोगों की भीड़ से इस महिला को जिंदा बाहर निकाला। अब इस महिला की शिकायत के आधार पर 10 नामजद तथा 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

पुलिस ने इस सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या की कोशिश), 354 (महिला को प्रताड़ित करने) और धारा 323 (क्रूरता करने) के तहत मामला दर्ज किया है।

बीच बाजार किसी महिला को इस तरह पीटे जाने की खबर सामने आने के बाद पुलिस महकमे के होश उड़ गए हैं। मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने इस तरह के मामलों में कठोर कार्रवाई करने की बात कही है।

उन्होंने बताया कि भीड़ की क्रूरता के ज्यादातर मामले सोशल मीडिया से फैले अफवाह की वजह से सामने आ रहे हैं। बता दें कि सिर्फ मेरठ जोन में अब तक 25 ऐसे मामले सामने आए हैं और 55 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। यूपी के अलग-अलग जिलों में मॉब लिचिंग की बात करें तो रिपोर्ट्स के मुताबिक गाजियाबाद में 2 मामलों में 4 लोग गिरफ्तार हुए हैं, बुलंदशहर के 8 मामलों में 6 गिरफ्तारी हुई है, गौतमबुद्ध नगर में 2 मामलों में 1 गिरफ्तार, बागपत में 5 मामलों में 14 गिरफ्तार, हापुड़ में 1 मामला सामने आया है। इसके अलावा मुजफ्फरनगर के 3 मामलों 5 गिरफ्तारी हो चुकी है। (और…CRIME NEWS)

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