scorecardresearch

मुझे मकान देने से पहले पूछी गई मेरी जात‍ि, मेरे प‍िता से कहा- जगजीवन चमार, चले जाओ- पूर्व लोकसभा अध्‍यक्ष मीरा कुमार ने बयां की आपबीती

Meira Kumar : पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने एक इंटरव्यू में खुद के और अपने पिता जगजीवन राम के साथ हुए जातीय दुर्व्यवहार के बारे में खुलकर बात की है।

मुझे मकान देने से पहले पूछी गई मेरी जात‍ि, मेरे प‍िता से कहा- जगजीवन चमार, चले जाओ- पूर्व लोकसभा अध्‍यक्ष मीरा कुमार ने बयां की आपबीती
पूर्व लोकसभा अध्‍यक्ष मीरा कुमार ने एक इंटरव्यू में जाति व्यवस्था को लेकर आपबीती बयां की है। (Photo Credit – File/Express photo)

Meira Kumar spoken strongly against caste system: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने राजस्थान के जालौर में एक 9 वर्षीय बच्चे की कथित पिटाई से हुई मौत पर एक ट्वीट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। मीरा कुमार ने ट्वीट में यह भी लिखा उनके पिता, पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम को भी करीब सौ साल पहले इन्हीं कारणों के चलते पीटा गया था। उनका कहना है कि “आजादी के 75 साल बाद भी भारत में कुछ भी नहीं बदला है।”

मीरा कुमार ने एनडीटीवी से ख़ास बातचीत में बताया कि “मैंने अपने पिता से पूछा कि आपने आजादी के लिए क्यों लड़ाई लड़ी? इस देश ने आपके लिए कुछ नहीं किया। देश ने आपको या आपके पूर्वजों को कुछ नहीं दिया’। ऐसे में उन्होंने कहा था कि, ‘स्वतंत्र भारत बदलने जा रहा है। हमारे पास एक जाति-विहीन समाज होगा लेकिन मुझे खुशी है कि वह अब नहीं है।”

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने बयां की आपबीती

इस बातचीत के दौरान मीरा कुमार ने बताया कि जाति की समस्या सात समंदर पार भी वैसी ही है जैसी की देश में है। मीरा कुमार ने कहा कि जब वह लंदन में किराए पर एक घर की तलाश कर रही थी तो एक ईसाई घर मालिक ने उनकी जाति के बारे में पूछा था। मीरा कुमार ने कहा कि मुझे घर पसंद आ गया था और मैंने कह दिया था कि वह यहां शिफ्ट हो जाएंगी, तभी मालिक ने जाते हुए सवाल किया कि ‘क्या आप ब्राह्मण हैं?’

मीरा कुमार बोली- दलित मूर्ख नहीं होते, वे सब समझते हैं

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती कुमार ने आगे कहा कि उन्होंने इस सवाल के जवाब में कहा कि- नहीं, मैं ब्राह्मण नहीं हूं। मैं अनुसूचित जाति से हूं। क्या आपको कोई समस्या है?’ उसने कहा ‘नहीं’। हालांकि, उसने मुझे घर नहीं दिया।” उन्होंने कहा, “ऐसा माना जाता है कि दलित मूर्ख होते हैं लेकिन दलितों में भावनाएं होती हैं, बुद्धि होती है। हम जानते हैं कि हमें कब अपमानित किया जा रहा है।”

मेरे पिता को कहा गया- “जगजीवन चमार, चले जाओ”

मीरा कुमार ने बातचीत में आगे कहा कि “मेरे पिता ने बहुत कुछ हासिल किया लेकिन आज भी उन्हें एक दलित नेता कहा जाता है। एक वाकया साझा करते हुए मीरा कुमार ने कहा कि साल 1978 में जब मेरे पिता बाबू जगजीवन राम उप प्रधानमंत्री के रूप में संपूर्णानंद की प्रतिमा का अनावरण करने गए थे तो वहां भी उन्हें अपमानित किया गया। उन लोगों ने कहा- “जगजीवन चमार, चले जाओ”। फिर उन्होंने गंगा जल से मूर्ति को धोया भी था, जो कि उनकी नजर में दूषित हो गई थी।

राजस्थान के जालौर से सामने आई थी घटना

गौरतलब है कि राजस्थान के जालौर जिले के सायला थाना क्षेत्र के सुराणा में एक 9 साल के बच्चे की स्कूल में कथित पिटाई के बाद मौत हो गई थी। घटना में बताया गया कि बच्चे ने कथित तौर पर स्कूल में रखे एक मटके से पानी पी लिया था। वह अनुसूचित जाति से आता था, इस बात पर शिक्षक ने उसकी पिटाई कर दी। घटना के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उदयुपर-अहमदाबाद में 24 दिन तक चले इलाज के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी थी।

पढें जुर्म (Crimehindi News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.