ताज़ा खबर
 

फर्जी IPS अफसर बन ठगे ढाई करोड़ रुपए, बैंक को नकली कागजात देकर लिया लोन और खरीदी 15 कारें

वह एक IPS अधिकारी के रूप में कार लोन के लिए बैंकों से संपर्क किया करता था। हर जगह वह अपनी पुलिस की वर्दी वाली तस्वीर लगाया करता था और गुरुवायुर का पता देता था। हालांकि वह भी फर्जी था। बैंक लोन से एक कार खरीदने के बाद वह इसे बिना बैंक का बकाया चुकाए, उसे बेच दिया करता था।

Author तिरुअनंतपुरम | Published on: November 8, 2019 2:34 PM
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी विपिन (फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस)

केरल के कन्नूर जिले का एक बेरोजगार युवक पिछले तीन साल से अपने को कथित रूप से आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों को धोखा दे रहा था। इस दौरान उसने कई बैंकों और लोगों से ढाई करोड़ रुपए ठग लिए। वह पुलिस की वर्दी में निकला करता था और सड़कों पर ट्रैफिक कांस्टेबल्स उसे सलूट मारते थे। गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने जालसाजी और धोखाधड़ी करके 15 कारें और लाखों रुपए कमा लिए थे। कुछ वर्ष पहले वह एक अन्य मामले में जेल भी जा चुका है। इस काम में उसकी मां भी उसकी मदद किया करती थी।

कन्नूर का निवासी था, गुरुवायूर से काम करता था : त्रिशूर रेंज के डीआईजी एस सुरेंद्रन के मुताबिक आरोपी 29 वर्षीय विपिन कार्तिक कन्नूर जिले के थालास्सेरी का रहने वाला था, लेकिन वह अपना काम त्रिशूर जिले के गुरुवायूर से करता था। उसका कुछ पुलिस अफसरों से परिचय था। वह अक्सर उनसे मिला करता था और उनकी प्रशंसा करके उनसे अपने संबंध बना लिए थे। इस दौरान दूसरों के सामने वह खुद को भी आईपीएस अफसर बताने लगा था। उसके पास कोई डिग्री नहीं है और न ही ज्यादा पढ़ा लिखा है। उसने एक तकनीकी कोर्स में प्रवेश लिया था और बाद में होटल मैनेजमेंट कोर्स में भी नाम लिखवाया था, लेकिन दोनों को पूरा नहीं किया।

Hindi News Today, 08 November 2019 LIVE Updates: देश-दुनिया की तमाम अहम खबरों के लिए क्लिक करें

मां को सरकारी नौकरी से निकाला जा चुका है : कई साल पहले जालसाजी के एक मामले में उसकी मां कुनियीय श्यामला (58) को लोअर ग्रेड की सरकारी नौकरी से निकाल दिया गया था। लेकिन बाद में वह अपने बेटे के माध्यम से लोगों को ठगने का काम करने लगी। उसे 27 अक्टूबर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। लेकिन उस समय विपिन भाग निकला था। उसे गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। गुरुवयूर में बनी पुलिस की एक वर्दी को विपिन कहीं से पा गया था। उसमें उसने पुलिस की नेम प्लेट भी लगा ली थी।

फर्जी डाक्युमेंट लगाकर लेता था कार लोन : विपिन के बारे में पुलिस ने कहा कि वह एक IPS अधिकारी के रूप में कार लोन के लिए बैंकों से संपर्क किया करता था। हर जगह वह अपनी पुलिस की वर्दी वाली तस्वीर लगाया करता था और गुरुवायुर का पता देता था। हालांकि वह भी फर्जी था। बैंक लोन से एक कार खरीदने के बाद वह इसे बिना बैंक का बकाया चुकाए, उसे बेच दिया करता था। इस बीच उसके हावभाव और उसको मिल रहे उपहारों से लोगों को कुछ शंका हुई। परिवहन विभाग में अपनी सेल डीड पूरी करने के लिए वह एक जाली बैंक स्टेटमेंट दिखाता था, जिसमें वह बताता था कि उसने बैंक के सभी बकाए चुका दिए हैं। एक नया कार लोन लेकर वह पुराना चुकाया करता था। इस तरह वह आईपीएस ऑफिसर बनकर कथित रूप से 15 कारें खरीद चुका था। डीआईजी ने कहा,  “हमें धोखाधड़ी के बारे में 15 शिकायतें मिली हैं और अधिकतर शिकायतें केरल से आ रही हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 Tik Tok Video बनाने से गुस्से में था पति, पहले पत्नी का गला घोंटा; फिर पंखे से लटका दी लाश
2 पुलिस अफसर ने पूछताछ के लिए बुलाया, फिर खंभे के पास खड़ा कर बेल्ट और बेंत से पीट डाला, वीडियो से मचा हड़कंप
3 Jharkhand Lynching: बैटरी चोरी के शक में पीट-पीटकर मुबारक अंसारी की हत्या, बेटा बोला- जानने वाले थे वो लोग, पुलिस को क्यों नहीं सौंपा