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3 हजार में खरीदना चाहता था सेकंड हैंड फोन, गंवा बैठा 7 लाख रुपए, मामला सुन पुलिस भी हैरान

दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके में रहने वाला एक शख्स 3 हजार रुपए में सेकंड हैंड फोन खरीदना चाहता था, लेकिन वह 7 लाख रुपए गंवा बैठा। बताया जा रहा है कि इसके बाद भी पीड़ित को 3 हजार रुपए वाला सेकंड हैंड फोन भी नहीं मिला।

Author नई दिल्ली | June 9, 2019 1:32 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

दिल्ली के सब्जी मंडी थाना एरिया में ठगी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनने के बाद पुलिस भी हैरान है। यहां रहने वाला एक शख्स 3 हजार रुपए में सेकंड हैंड फोन खरीदना चाहता था, लेकिन वह 7 लाख रुपए गंवा बैठा। बताया जा रहा है कि इसके बाद भी पीड़ित को 3 हजार रुपए वाला सेकंड हैंड फोन भी नहीं मिला। पीड़ित ने पूरी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की थी। फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, साइबर क्राइम टीम की भी मदद ली जा रही है।

यह है मामला: सब्जी मंडी इलाके में रहने वाले समीर रावत ने बताया कि अप्रैल 2019 के दौरान उन्होंने क्विकर ऐप पर एक सेकंड हैंड मोबाइल देखा था। उसकी कीमत 3 हजार रुपए बताई गई थी। समीर ने वह फोन खरीदने के लिए बायर को मैसेज भेजा था। इसके बाद 2 युवकों ने उन्हें कॉल किया, जिन्होंने अपने नाम राहुल व अजय बताए।

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ऐसे हुई ठगी की शुरुआत: समीर के मुताबिक, दोनों ठगों ने उन्हें बताया कि फोन खरीदने के लिए समीर को एनओसी लेनी होगी, जिसके लिए कुछ पैसे जमा कराने पड़ेंगे। पीड़ित उनकी बातों में आ गए और उन्होंने शुरुआती रकम जमा करा दी। इसके बाद कभी रजिस्ट्रेशन फीस तो कभी सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर उनसे पैसे लिए जाते रहे और यह खेल करीब 2 महीने तक चलता रहा।

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अपनी रकम मांगी तो मिला यह जवाब: पीड़ित के मुताबिक, करीब 2 महीने बाद आरोपियों ने और पैसे मांगे तो उन्होंने पैसे न होने की बात कही। साथ ही, अपनी रकम वापस करने की मांग की। आरोपियों ने जवाब दिया कि प्रक्रिया पूरी हुए बिना पैसा वापस नहीं होगा। अगर आगे पैसा नहीं दिया तो अब तक दी गई रकम भी फंड में जमा हो जाएगी। इसके बाद समीर को ठगे जाने का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी।

ऐसे जुटाते रहे रकम: समीर के मुताबिक, उन्होंने सबसे पहले उन्होंने अपने पिता से पैसे लिए, जो ठगों के पास जमा हो गए। पिता के पैसे लौटाने के लिए उन्होंने ठगों से रकम वापस मांगी, जो उन्होंने लौटाने से मना कर दिया। ऐसे में अपने पैसे वापस लेने के चक्कर में वह और पैसे देते रहे। इसके लिए उन्होंने अपने दोस्त, रिश्तेदार सबसे पैसे उधार ले लिए। बता दें कि समीर हिंदू राव अस्पताल में लैब टेक्निशन का काम करते हैं। उन्होंने 18 मई को पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद 7 जून को एफआईआर दर्ज की गई।

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