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…और गोली दाऊद के गर्दन पर जा लगी, IRS अधिकारी ने अपनी किताब में किया था बड़ा खुलासा

यह वह दौर था जब दाऊद इब्राहिम औऱ करीम लाला गिरोहों के बीच खूनी संघर्ष चरम पर था। महाराष्ट्र औऱ गुजरात में शांति-व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित थी।

crime, crime newsदाऊद इब्राहिम। फाइल फोटो।

भारत का नंबर वन दुश्मन दाऊद इब्राहिम अभी कहां छिपा बैठा है? किसी को मालूम नहीं है। आतंकी घोषित किये जा चुके दाऊद इब्राहिम की तलाश कई मुल्कों की पुलिस को है। मुंबई में 1993 के बम ब्लास्ट का आरोप सीधे तौर पर दाऊद इब्राहिम पर है और इस ब्लास्ट ने देश को गहरे जख्म दिये थे। दाऊद इब्राहिम के मुंबई की गलियों से लेकर गैंगस्टर बनने तक के सफर से जुड़ी कई कहानियां मशहूर हैं।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि जब दाऊद इब्राहिम को गोली लगी थी तब क्या हुआ? दरअसल भारतीय सीमा शुल्क विभाग के सुपर कॉप में शामिल रहे राजस्व खुफिया निदेशालय के पूर्व महानिदेशक बी.वी कुमार ने अपनी किताब ‘डीआरआई एंड द डॉन्स’ में इस बात का खुलासा किया है।

इस किताब में आईआरएस अधिकारी ने बताया है कि 80 के दशक के मध्य में वो अहमदाबाद में सीमा शुल्क आयुक्त के तौर पर नियुक्त थे। यह वह दौर था जब दाऊद इब्राहिम औऱ करीम लाला गिरोहों के बीच खूनी संघर्ष चरम पर था। महाराष्ट्र औऱ गुजरात में शांति-व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित थी।

बी वी कुमार ने अपनी किताब में लिखा है कि एक दिन वो पोरबंदर से सड़क मार्ग से मुंबई लौट रहे थे। तभी कार में पीछे की सीट पर बैठे उनके सहयोगी द्वारा चलाई गई गोली धोखे से दाऊद को लग गई थी। हालांकि उन्होंने निशाना डी-कंपनी के विरोधी करीम लाला के करीबी आलमजेब पर लगाया था। पूर्व आईआरएस अधिकारी ने अपनी किताब में खुलासा किया है कि गोली दाऊद की गर्दन में लगी थी, लेकिन चोट मामूली थी। गोली, गर्दन को छू कर निकल गई थी।

दाऊद को उस वक्त बड़ौदा के सयाजी हॉस्पिटल ले जाया गया था। किताब में बताया गया है कि “बाद में पूछताछ में दाऊद ने स्वीकार किया था कि वह दो नंबर का धंधा करता है। वो मुझसे हिंदी में बात कर रहा था। आपको बता दें कि इसी किताब में इस बात का भी जिक्र है कि जब एक बार गुजरात में दाऊद के एक ठिकाने पर छापेमारी हुई थी तब वो बिरयानी छोड़ कर भाग खड़ा हुआ था।

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