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दाऊद का ‘STD’ पत्रकार बन पुलिस मुख्यालय की खबर डॉन को देता था, यूं पकड़ा गया था

छोटा राजन के पंटर का नाम 'STD' कैसे पड़ा? इसके बारे में कहा जाता है कि उस दौर में मुंबई अंडरवर्ल्ड में फोन का इस्तेमाल नहीं होता था। छोटा राजन का पंटर आम तौर पर गोपनीय सूचनाएं STD बूथ से फोन कर दिया करता था।

crime, crime newsदाऊद इब्राहिम। फाइल फोटो

अंडरवर्ल्ड का जिक्र हम जब कभी भी करते हैं तो सबसे बड़े डॉन दाऊद इब्राहिम का नाम आना लाजिमी है। भारत समेत कई मुल्कों के इस दुश्मन की पुलिस को शिद्दत से तलाश है। एक वक्त था जब दाऊद इब्राहिम मुंबई पर राज किया करता था। कई वरिष्ठ पत्रकारों और कई अन्य शख्सियतों से दाऊद से जुड़ेी कई बातें समय-समय पर सामने आती रहती हैं। आज हम बात करेंगे दाऊद के एक ऐसे गुर्गे के बारे में जो कभी पत्रकार का वेश बनाकर पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गया था। जी हां, हम बात कर रहे हैं कभी दाऊद के सबसे खास रहे छोटा शकील के एक पंटर की जिसे अंडरवर्ल्ड में ‘STD’ के नाम से भी जाना जाता था। दाऊद के खासमखास के इस पंटर का नाम ‘STD’ कैसे पड़ा? इसका जिक्र हम आगे करेंगे लेकिन आपको बताते हैं कि कैसे ‘STD’ अंडरवर्ल्ड के लिए काम करता था।

बताया जाता है कि दाऊद के ‘STD’ ने मुंबई के छोटे अखबार का आईकार्ड हासिल कर लिया था औऱ वो एक पत्रकार बन गया था। पत्रकार बनकर ‘STD’ ने बड़ी आसानी से मुंबई पुलिस मुख्यालय में एंट्री हासिल कर ली थी। ‘STD’ उस दौर में पुलिस मुख्यालय आने वाले तमाम पत्रकारों को प्रेस रूम के बाहर चाय का ऑफर भी जरूर देता था, ताकि सबसे उसकी दोस्ती रहे और फिर इन पत्रकारों के जरिए उसे टॉप पुलिस अधिकारियों के डी कंपनी के खिलाफ किए जाने वाले संभावित ऑपरेशन की खबर मिलती रहे। यह भी कहा जाता है कि जिस अखबार का आईकार्ड ‘STD’ ने रखा था उसके संपादक को दाऊद 25 हजार रुपए सैलरी दिया करता था।

छोटा राजन के पंटर का नाम ‘STD’ कैसे पड़ा? इसके बारे में कहा जाता है कि उस दौर में मुंबई अंडरवर्ल्ड में फोन का इस्तेमाल नहीं होता था। छोटा राजन का पंटर आम तौर पर गोपनीय सूचनाएं STD बूथ से फोन कर दिया करता था। ‘STD’ उस दौर में पुलिस मुख्यालय आने वाले तमाम पत्रकारों को प्रेस रूम के बाहर चाय का ऑफर भी जरूर देता था, ताकि सबसे उसकी दोस्ती रहे और फिर इन पत्रकारों के जरिए उसे टॉप पुलिस अधिकारियों के डी कंपनी के खिलाफ किए जाने वाले संभावित ऑपरेशन की खबर मिलती रहे।

कहा जाता है कि मुंबई पुलिस के एक सिपाही को सबसे पहले ‘STD’ पर शक हुआ था। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में यह भी कहा जाता है कि एसटीडी पुलिस का मुखबिर बन गया था। साल 2020 मे ‘STD’ का दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।

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