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बीमार हुए तो अस्पताल में ही करने लगे पढ़ाई, नवजीवन पवार के IAS बनने की दिलचस्प कहानी

यूपीएससी की परीक्षा देने से पहले नवजीवन पवार को जिंदगी की कई परीक्षाओं से गुजरना पड़ा। एक बार उन्हें कुत्ते ने काट लिया था और वो काफी बीमार हुए थे। डेटा से भरा उनका मोबाइल फोन भी एक बार चोरी हो गया था।

IAS नवजीवन पवार। फोटो सोर्स- सोशल मीडिया

कई लोगों का सपना होता है कि वो यूपीएससी की परीक्षा पास कर एक प्रतिष्ठित नौकरी का हिस्सा बनें। इस परीक्षा में पास होने के लिए लोग कड़ी मेहनत भी करते हैं औऱ ईमानदारी से की गई मेहनत का परिणाम भी लोगों को मिलता है। आज हम आपको एक ऐसी शख्सियत के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने बीमार पड़ने के बाद अस्पताल के बिस्तर पर लेटे-लेटे ही यूपीएससी की तैयारी की थी औऱ बाद में इसमें सफल भी हुए।

नवजीवन विजय पवार ने एक साक्षात्कार में एक किस्से का जिक्र करते हुए बताया था कि एक बार उनके टीचर उन्हें ज्योतिष के पास लेकर गए थे। ज्योतिष ने उनसे कहा था कि 27 साल की उम्र से पहले तुम आईएएस नहीं बन पाओगे। आप दिल्ली में केवल टाइम पास करने के लिए आए हैं। नवजीवन पवार को ज्योतिष की यह बात काफी चुभ गई और उन्होंने उसी दिन ठान लिया था कि वो इस परीक्षा को जरूर क्रैक करेंगे।

नवजीवन पवार के पिता महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में खेती करते हैं। नवजीवन के बारे में आपको बता दें कि वो बचपन से ही सामान्य माहौल में पढ़े-लिखे। शुरूआती शिक्षा गांव में हासिल करने के बाद में उन्होंने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा देने का फैसला किया। पिताजी की सलाह पर नवजीवन यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए और दिन रात मेहनत से पढ़ने लगे। यहां उन्होंने बहुत से काबिल कैंडिडेट्स को असफल होते भी देखा लेकिन फिर भी हिम्मत नहीं हारे।

यूपीएससी की परीक्षा देने से पहले नवजीवन पवार को जिंदगी की कई परीक्षाओं से गुजरना पड़ा। एक बार उन्हें कुत्ते ने काट लिया था और वो काफी बीमार हुए थे। डेटा से भरा उनका मोबाइल फोन भी एक बार चोरी हो गया था। इसके बावजूद भी वो कभी निराश नहीं हुए। पहले ही अटेंम्ट में यह परीक्षा पास करने वाले नवजीवन पवार ने बताया था कि उन्होंने साल 2017 में यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। इस साल मैंने पहला अटेंप्ट दिया। प्रीलिम्स में सफलता हासिल की।

नवजीवन ने बताया था कि ‘मेन्स एग्जाम के एक महीने पहले मुझे तेज बुखार और शरीर में दर्द होने लगा। अस्पताल ले गए तो पता चला कि मुझे डेंगू हो गया है। मैं घर गया तो मुझे तुरंत अस्पताल भर्ती कर दिया गया। अस्पताल में एक हाथ पर डॉक्टर इंजेक्शन लगा रहे थे और मेरे दूसरे हाथ पर किताब थी’

अस्पताल के बिस्तर पर ही तैयारी करते हुए नवजीवन पवार ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली। नवजीवन ने यूपीएससी 2018 में 316वीं रैंक हासिल कर सपने को साकार कर डाला।

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