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शिक्षिका की करतूतः तीसरी कक्षा के छात्र के क्लास में उतरवाए कपड़े, 40 सहपाठियों से मरवाए थप्पड़

कानपुर के स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे के साथ शिक्षिका बहुत बेरहमी से पेश आईं, क्लास में कपडे उतरवाने के साथ सहपाठियों से 40 थप्पड़ लगवाने का आरोप लगा है, घटना के बाद स्कूल ने आरोपी टीचर को निकाल दिया।

Author नई दिल्ली | January 20, 2018 7:39 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर

कुछ शिक्षक बच्चों को ऐसी सजा देते हैं कि घटना सुर्खियों में आ जाती है। कानपुर में एक शिक्षिका पर बेहरमी से बच्चे की पिटाई करने का आरोप लगा है। आरोप है कि शिक्षिका न जहां भरी क्लास में बच्चे का यूनिफॉर्म उतरवाया वहीं 40 साथियों से थप्पड़ मरवाए। जब बच्चे ने यह बात घरवालों को बताई तो वे भड़क उठे और अगले दिन शनिवार को स्कूल पहुंचकर हंगामा किया। घटना सिविल लाइंस स्थित यूनाइटेड पब्लिक स्कूल की बताई जाती है। हंगामे के बाद स्कूल प्रबंधन ने शिक्षिका की छुट्टी कर दी।

बच्चे का परिवार ग्वालटोली थाना क्षेत्र में रहता है। परिवारवालों ने आरोप लगाया कि विज्ञान शिक्षिका जहीन फातिमा बच्चे पर ट्यूशन पढ़ने का भी दबाव डाल रहीं थीं। ऐसा न करने पर भरी क्लास में बच्चे के साथ बदसलूकी और उत्पीड़न किया।  बच्चे के पिता ने कहा कि शिक्षिका ने होमवर्क दिया था, मगर बच्चा पूरा नहीं कर सका। जिस पर जहीन फातिमा ने उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद क्लास में साथ पढ़ने वाले 40 अन्य बच्चों से थप्पड़ लगवाए। बच्चे के पिता ने सवाल उठाते हुए कहा कि सहपाठियों से थप्पड़ लगवाना कौन सी टीचिंग का तरीका है ? हमने बच्चे का नाम कटवा कर ट्रांसफर सर्टिफिकेट( टीसी) भी लिया है।
स्कूल की प्रिंसिपल शैली धीर ने मामले के तूल पकड़ने पर शिक्षिका को निकाले जाने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी क्लास रूम में सीसीटीवी लगाने का काम चल रहा है। बच्चो को किसी भी तरह का दंड देने पर मनाही है।उधर आरोपी शिक्षिका ने 40 बच्चों से थप्पड़ लगाने की घटना से इन्कार किया है।कहा कि उसने होमवर्क पूरा न करने पर बच्चे को सिर्फ डांटा-फटकारा और हल्की पिटाई की थी। दो अन्य बच्चों ने सिर्फ टच भर किया था। बाकि आरोप निराधार हैं।

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