नशा बेच कर की थी मोटी कमाई, लेडी डॉन सुनीता का हुआ था रोंगटे खड़े कर देने वाला अंजाम

बता दें कि सुनीता गांजा बेचने के आरोप में पहले जेल भी जा चुकी थी।

crime, crime newsसांकेतिक तस्वीर। फोटो सोर्स- एक्सप्रेस अर्काइव

कई महिला गैंगस्टरों की कहानी हमने अब तक आपको बताई है। आज हम जिस महिला गैंगस्टर की यहां बात कर रहे हैं उसने नशे का बड़ा कोराबार फैलाया था। नशे के कारोबार के बूते इस लेडी डॉन ने मोटी कमाई की थी। भोपाल के पुराने शहर में शराब, गांजा बेचने वाली इस महिला को लेडी डॉन के नाम से भी जाना जाता था। चांदबड़ बजरिया की रहने वाली 24 साल की सुनीता सिंह अप्सरा टॉकीज के पास एक छोटी से दुकान चलाती थी। कहा जाता है कि इसी दुकान की आड़ में वो गांजा का धंधा करती थी।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया था कि सुनीता पिपलानी में रहने वाले गांजा तस्कर मंसूर के साथ काम करती थी। वो मंसूर के बेहद करीब थी। हालांकि यह बात मंसूर के भाई को पसंद नहीं था। मंसूर का भाई राज सुनीता को रास्ते से हटाना चाहता था। यह भी बताया जाता है कि सुनीता का अपराध से पुराना रिश्ता रहा है। उसके अलावा उसका भाई दुर्गा उर्फ बाबा ठाकुर, हत्या, हत्या के प्रयास समेत कई अन्य वारदातों में जेल भी जा चुका था।

बाद में साल 2017 में इस लेडी डॉन की हत्या हो गई थी। उस वक्त 24 साल की सुनीता सिंह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रही थी। इसी दौरान राधाकृष्णन मंदिर लाला लाजपत राय कॉलोनी के पास बाइक सवार ने ओवरटेक करते हुए उसे रोक लिया था। सुनीता कुछ समझ पाती इससे पहले हत्यारे ने उसके गले पर चाकू से हमला कर दिया था। हत्यारा मौके पर ही चाकू छोड़कर फरार हो गया था। सुनीता के गर्दन में चाकू की गहरी चोट लगी थी। बाद में अस्पताल में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

बताया जाता है कि सुनीता की हत्या से ठीक 10 दिन पहले मंसूर के भाई राजा ने उसे धमकी भी दी थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद सुनीता के छोटे भाई शक्ति सिंह ने पुलिस को बताया था कि सुनीता का चांदबड़ के रहने वाले देवेन्द्र प्रजापति, दिनेश, गुडडू समेत अन्य से पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। बता दें कि सुनीता गांजा बेचने के आरोप में पहले जेल भी जा चुकी थी।

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