ताज़ा खबर
 

लव मैरिज कर इस्लाम कबूला था, हिंदू रीति से अंतिम संस्कार की आखिरी हसरत, ‘रहमान’ टाइटल सुनकर भड़के शवदाह कर्मचारी

शवदाह गृह के कर्मचारियों ने अदिति का अंतिम संस्कार करने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया क्योंकि उनके नाम के अंत में 'रहमान' लगा था।

Author Published on: October 22, 2019 9:43 AM
शवदाह गृह कर्मियों का रवैया देख परिवार वाले दंग रह गए। प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो सोर्स – Indian Express

जब मुकुलेश्वर रहमान से इस लड़की को प्यार हुआ था तब उन्होंने लव मैरिज कर इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था। उस वक्त यह लड़की, अदिति चौधरी से बन गई ‘अदिति रहमान।’ 69 साल के उम्र में अदिति की मौत हो गई लेकिन अपने मरने से पहले अदिति ने इच्छा जताई थी कि उसका अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज के मुताबिक किया जाए। प्यार की खातिर अदिति ने अपना नाम तो बदल लिया लेकिन दिल में बसी हिन्दू धर्म से जुड़ी आस्था को वो खत्म ना कर सकीं। शादी के बाद भी अदिति हिन्दुओं के भगवान की पूजा-अर्चना किया करती थीं।

जीते-जी अदिति को शायद उनके नाम की वजह से कभी परेशानी नहीं हुई लेकिन उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि मरने के बाद उनके नाम की वजह से उन्हें कभी भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। शवदाह गृह के कर्मचारियों ने अदिति का अंतिम संस्कार करने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया क्योंकि उनके नाम के अंत में ‘रहमान’ लगा था।

कोलकाता के गरिया क्षेत्र में स्थित शवदाह गृह में कर्मचारियों के स रवैये ने अदिति के परिजनों को हैरान-परेशान कर दिया। नाम में ‘रहमान’ होने की कीमत अदिति को मौत के बाद चुकानी पड़ेगी यह शायद उन्होंने कभी नहीं सोचा था। शवदाह गृह के कर्मचारियों को मुकुलेश्वर और रिश्तेदारों ने समझाया कि अदिति हिंदू रीति-रिवाज से ही रहती थी और यहां तक की भगवान गणेश और कृष्ण की पूजा भी करती थी।

लेकिन यहां के कर्मचारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। इसके बाद उन्होंने वार्ड 110 से टीएमसी के पार्षद अनूप चक्रवर्ती से इस पूरे मामले में मदद की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को समझते हुए अनूप चक्रवर्ती ने तुरंत कोलकाता म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के डिप्टी मेयर अतिन घोष से सलाह मांगी। इसके बाद टीएमसी सांसद के हस्तक्षेप से अदिति की आखिरी इच्छा पूरी हो सकी और शवदाह गृह के कर्मचारियों ने उनका अंतिम संस्कार किया।

आपको बता दें कि 24 परगना के रहने वाले मुकुलेश्वर रहमान की डायमंड हार्बर की रहने वाली अदिति चौधरी से मुलाकाता साल 1977 में हुई थी। दोनों के बीच जल्दी ही प्यार हुआ और फिर उन्होंने रुढ़िवादी और धार्मिक बेड़ियों को तोड़ साल 1984 में शादी रचा ली। मुकुलेश्वर रहमान कई निजी कंपनियों में अहम पद संभाल चुके हैं तो अदिति एक रीसर्च स्कॉलर रह चुकी हैं और उन्होंने कई बच्चों को पढ़ाया भी है। (और…CRIME NEWS)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 NCRB की क्राइम रिपोर्ट : 80 फीसदी मामले अकेले दिल्ली से, सामने आई खौफनाक तस्वीर
2 Triple Talaq: मायके से 1 लाख रुपए नहीं लाई तो पति ने दो बच्चों समेत घर से भगाया, छीन ली बेटी
3 Kamlesh Tiwari Murder Case: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक बातें लिखने वालों पर पुलिस सख्त, प्रयागराज से 4 गिरफ्तार