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महादलित महिला का बलात्कार करने से रोका तो दबंगों ने दिनदहाड़े पीट-पीट कर मार डाला, लाश भी जलाई

बिहार के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के अपसढ़ टोला में महादलित को दबंगों ने पीट-पीटकर मार डाला। फिर सुबूत नष्ट करने के लिए लाश को भी जलाने की कोशिश की। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने अधजला शव बरामद किया। 14 फरवरी को हुई इस घटना के अगले दिन मुख्य आरोपी गिरफ्तार हुआ। इस घटना ने बिहार की सियासत गरमा दी है।

Author नई दिल्ली | February 19, 2018 09:59 am
बिहार में महादलित की हत्या के विरोध में प्रदर्शन करते लोग( फोटो-सोशल मीडिया)

बिहार के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के अपसढ़ टोला में एक महादलित को दबंगों ने पीट-पीटकर मार डाला। फिर सबूत नष्ट करने के लिए लाश को भी जलाने की कोशिश की। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने अधजला शव बरामद किया। 14 फरवरी को हुई इस घटना के अगले दिन मुख्य आरोपी गिरफ्तार हुआ। इस घटना ने बिहार की सियासत गरमा दी है। पूर्व विधायक ने और जदयू नेता कौशल यादव ने परिवार के न्याय के लिए आंदोलन चलाने का एलान किया है। वहीं, तमाम लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

यह घटना वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के अपसढ़ टोला कंचनपुर मुसहरी में सोमवार की रात (14 फरवरी) को हुई। महादलित रोहन मांझी के बेटे चाले मांझी सोमवार की देर शाम खलिहान से काम कर घर लौटे थे। आरोप है कि गांव के दबंग धारो सिंह ने विवाद के बाद पीट-पीटकर हत्या कर दी। फिर करीबी लोगों के साथ श्मशान स्थल पर शव जलाने की भी कोशिश की। राष्ट्रीय सहारा की रिपोर्ट में घटना का कारण घर की महिला से बलात्कार की कोशिश का विरोध करने पर हत्या की बात कही गई है। जबकि दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में कुछ और बात है। इस अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक दबंग ने गांव के एक व्यक्ति ट्रैक्टर-ट्रॉली से दो बोरा धान उतारकर बेचने को कहा। मांझी ने धान चोरी करने से मना कर दिया तो आरोपी नाराज हो गए और उन्होंने लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी।

बाद में महादलित के शव को श्मशान घाटे में जलाकर साक्ष्य नष्ट करने की भी कोशिश की। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने अधजला शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। गोविंदपुर के पूर्व विधायक और जदयू के नेता कौशल यादव ने मांझी हत्याकांड का मुद्दा उठाकर परिवार को न्याय दिलने की मांग की। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी से गांव में बीजेपी का प्रदेशस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजकर स्थिति का जाजया लेने की मांग की। कहा कि घटना के बाद गांव के महादलित डरे हुए हैं। परिवार को उचित सुरक्षा मुहैया कराई जानी जरूरी है। कौशल यादव ने कहा कि जदयू का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पिंकी भारती के नेतृत्व में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा था, मगर दबंगों ने गांव में घुसने ही नहीं दिया।

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