कासगंजः पुलिस कस्टडी में हुई मौत पर अल्पसंख्यक आयोग गंभीर, योगी सरकार से मांगी जांच की रिपोर्ट

कासगंज पुलिस की हिरासत में अल्ताफ नाम के युवक की मौत पर अब राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने जवाब मांगा है। आयोग के पैनल ने योगी सरकार से इस मामले पर 15 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट की मांग की है।

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कासगंज मामले पर योगी सरकार से अल्पसंख्यक आयोग के पैनल ने मांगा जवाब (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

यूपी पुलिस की कस्टडी में हुई अल्ताफ की मौत पर अब अल्पसंख्यक आयोग ने योगी सरकार से जांच, रिपोर्ट की मांग की है। पुलिस के अनुसार कासगंज में अल्ताफ नाम के युवक ने बाथरूम में नल से लटकर जान दे दी। हालांकि पुलिस की ये थ्योरी पूरी तरह से सवालों के घेरे में है।

इस मामले पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर ध्यान देते हुए, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पैनल ने राज्य से 15 दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी है। 11 नवंबर को भेजे एक नोटिस में पैनल ने कहा कि उसने “पुलिस हिरासत में युवक की मौत पर इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट का संज्ञान लिया है”, और जांच रिपोर्ट मांगी “ताकि इसे आयोग के सामने रखा जा सके”।

आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया- “हमने मुख्य सचिव और डीजीपी दोनों से रिपोर्ट मांगी है और उन्हें हिरासत में मौत पर 15 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है।”

कासगंज के कोतवाली पुलिस स्टेशन के पांच पुलिसकर्मियों को इस घटना को लेकर निलंबित कर दिया गया है। पुलिस का दावा है कि युवक अल्ताफ ने मंगलवार को अपने जैकेट के हुड से शौचालय में पानी के पाइप का उपयोग करके फांसी लगा ली थी। पुलिस की ये थ्योरी इसलिए सवालों के घेरे में है क्योंकि जो पाइप जमीन से सिर्फ दो फीट की दूरी पर है, उससे कोई कैसे लटक कर जान दे सकता है।

मृतक अल्ताफ को एक हिंदू परिवार की शिकायत पर पूछताछ के लिए पुलिस ने उठाया था। युवक पर इस परिवार ने अपनी 16 वर्षीय बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था। पुलिस ने कहा कि अल्ताफ को शौचालय में मिलने पर वे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

कासगंज के एसपी रोहन बोरत्रे प्रमोद ने कहा- दसवीं कक्षा की छात्रा लापता है। उसे खोजने के लिए टीमें बनाई गई हैं और हम सबूत जुटा रहे हैं। नाबालिग को जल्द ही ढूंढ लिया जाएगा”। शुक्रवार शाम तक कासगंज पुलिस को अल्ताफ के परिवार से घटना के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली थी। अधिकारियों ने कहा कि मौत की विभागीय जांच और मजिस्ट्रेट जांच एक साथ की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी घटना के समय थाने में मौजूद लोगों के बयान दर्ज करेंगे, जिसमें एक अन्य व्यक्ति भी शामिल है जो लॉकअप में था।

हिरासत में मौत पर विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने यूपी में मानवाधिकार उल्लघंन के रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून और व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित है।

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