ताज़ा खबर
 

पुलिस बोली- फिरौती दे दो किडनैपर्स पकड़ लेंगे, ‘पैसे ले गए, लड़का भी न आया’; अब थाने के बाहर धरना दे रहे परिजन

परिवार का कहना है कि पुलिस की टीम उनके साथ थी। किडनैपर्स ने कहा कि पैसों से भरा बैग वो एक फ्लाईओवर से नीचे फेंक कर चले जाएं। पीड़ित परिवार ने ऐसा ही किया लेकिन पुलिस वहां कुछ नहीं कर सकी और पैसे भी किडनैपर्स ने ले लिये।

crime, crime newsकानपुर पुलिस पर लापरवाही के बड़े आरोप लगे हैं। सांकेतिक तस्वीर।

उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप लगाने वाले पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस ने उनसे कहा था कि किडनैपर्स को पैसा दे दो और वो उन्हें पकड़ लेंगे। हालांकि किडनैपर्स बड़ी आराम से फिरौती की रकम ले गए और पुलिस हाथ मलती रह गई। अब दुखी परिवार के सदस्यों ने थाने के सामने धरना दिया है। इस मामले में मंगलवार (14-07-2020) को दुखी परिवार के सदस्यों ने कानपुर पुलिस के पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी के दफ्तर के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद इस मामले में जांच के आदेश दिये गये हैं।

पुलिस ने कहा-कैश का इंतजाम कर लो: बताया जा रहा है कि 22 जून को कुछ बदमाशों ने 29 साल के एक शख्स का अपहरण कर लिया था। युवक को छोड़ने के लिए 30 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि कानपुर के बारा पुलिस थाने के पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा था कि वो लोग 30 लाख रुपए कैश का इंतजाम कर लें और किडनैपर्स को दे दें। किडनैपिंग के बाद परिवार के सदस्यों को किडनैपर्स ने 15 बार फोन किया था औऱ पैसे नहीं देने पर अगवा शख्स की हत्या कर देने की धमकी भी दी थी।

फेल हो गई पुलिस की प्लानिंग: परिवार के सदस्यों को सोमवार को फिरौती की रकम पहुंचाने के लिए कहा गया था। इन लोगों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पुलिस वालों ने उन्हें आश्वस्त किया था कि जहां फिरौती की रकम अपराधियों को दी जाएगी वहां वो मौजूद रहेंगे और किडनैपर्स को दबोच लेंगे। परिवार के मुताबिक सोमवार को प्लानिंग के मुताबिक कुछ भी नहीं हुआ। परिवार वालों का कहना है कि यहां की एक आईपीएस अधिकारी अपर्णा गुप्ता ने उन्हें आश्वस्त किया था कि किडनैपर्स को पकड़ने के लिए सभी इंतजाम कर लिये गये हैं।

अगवा किये गये शख्स की बहन का कहना है कि वो लोग पैसे ले गए लेकिन ना तो पुलिस उन्हें पकड़ सकी और ना ही उनके भाई को अब तक रिहा किया गया है। पुलिस लगातार यह कहती रही कि वो किडनैपर्स को पकड़ लेंगे और किडनैपर्स से पैसे भी वापस ले लेंगे लेकिन पहली प्राथमिकता है आपके परिवार के सदस्य को बरामद कर लेना।

परिवार ने घर बेच कर जुटाए थे पैसे: पीड़िता परिवार का कहना है कि पुलिस की टीम लगातार उनके साथ थी। यहां तक कि फिरौती की रकम लेने से पहले अपहरणकर्ताओं ने करीब 30 मिनट तक उनके पिता से बातचीत की थी और उनसे कहा कि पैसों से भरा बैग वो एक फ्लाईओवर से नीचे फेंक कर चले जाएं। पीड़ित परिवार ने ऐसा ही किया लेकिन पुलिस वहां कुछ नहीं कर सकी और पैसे भी किडनैपर्स ने ले लिये। परिवार वालों का कहना है कि वो एक मध्यम वर्ग से आते हैं और उन्होंने पैसे जुटाने के लिए अपना घर और गहने सबकुछ बेच दिया है।

पुलिस दे रही सफाई: वहीं इस मामले पर अब अपर्णा गुप्ता का बयान भी सामने आय़ा है। उनका कहना है कि ‘पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। हमारी टीमें इस केस पर काम कर रही हैं और हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही उन्हें अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लेंगे। परिवार के साथ मेरी पूरी सहानुभूति है। जब हमारी उनसे मुलाकात हुई थी तब हमने उन्हें इस केस पर विस्तृत तौर से चर्चा की थी। हमने परिवार से कोई भी चीज नहीं छिपाई है।’

इस मामले पर यहां के एसपी दिनेश कुमार पी ने कहा कि ‘मैं परिवार से बातचीत कर रहा हूं। इस मामले में अगर किसी पुलिस वाले की गलती पाई गई तो कठिन कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई फिरौती दी गई है तो पैसे परिवार वालों को जरुर वापस दिलाए जाएंगे।’

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 यूपी: 3 दिन से बोरवेल खोद ITI छात्र की डेड बॉडी ढूंढ़ रही पुलिस, सबूत नहीं मिलने से आऱोपी गिरफ्तारी से दूर
2 पश्चिम बंगाल: रस्सी से झूलते BJP विधायक देबेंद्र नाथ की जेब से मिला था सुसाइड नोट, 1 युवक धराया
3 यूपी: घर में पति-पत्नी और बच्चों का शव! टीवी स्क्रीन पर चिपका था सुसाइड नोट, जांच जारी
ये पढ़ा क्या?
X