ताज़ा खबर
 

विकास दुबे की संपत्तियों और लेन देन की जांच करेगा ईडी, एसआईटी का भी गठन

पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। कानपुर के बिकरू गांव में रैपिड एक्शन फोर्स :आरएएफ: तैनात की गयी है। पुलिस के वाहनों ने पूरे इलाके को घेर रखा है।

Vikas dubeyविकास दुबे को 9 जुलाई को मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया।

कुख्यात अपराधी विकास दुबे की संपत्तियों और लेनदेन की जांच करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय :ईडी: तैयार है। गैंगस्टर से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से दो महाराष्ट्र और दो मध्य प्रदेश में पकडे गये। पुलिस हिरासत से कथित तौर पर भागते समय विकास को शुक्रवार को पुलिस ने कानपुर के निकट मार गिराया था। शनिवार को उसकी पत्नी और बेटा विकास की अंत्येष्टि के बाद लखनऊ स्थित घर आ गये।

पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। कानपुर के बिकरू गांव में रैपिड एक्शन फोर्स :आरएएफ: तैनात की गयी है। पुलिस के वाहनों ने पूरे इलाके को घेर रखा है। स्थानीय लोगों से पुलिस अपील कर रही है कि वे विकास के बारे में जो भी जानकारी रखते हैं, उसे बताने के लिए आगे आयें। तीन जुलाई को बिकरू गांव में ही विकास ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी।

इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर नगर में घटित घटना के सम्बन्ध में शासन द्वारा सम्यक विचारोपरान्त प्रकरण की जांच विशेष अनुसंधान दल से कराने का शनिवार को निर्णय लिया। विकास के खिलाफ हत्या के आठ मामलों सहित 61 आपराधिक मामले दर्ज थे। अपर मुख्य सचिव :गृह एवं सूचना: अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि इस सम्बन्ध में अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिकरू गांव में सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला पांच लाख का इनामी और कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे शुक्रवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। विकास के एनकाउंटर के बाद पुलिस अब उसके अन्य साथियों को भी तलाश रही है। लखनऊ के कृष्णानगर पुलिस ने फरार चल रहे विकास के छोटे भाई दीप प्रकाश पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस उसकी पत्नी अंजलि से पूछताछ कर रही है और दीप के बैंक खातों का ब्योरा खंगाला रही है।

वहीं विकास दुबे के गुर्गों को शरण देने के आरोप में कानपुर की चौबेपुर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने वांछित इनामिया अपराधी शशिकांत पांडेय व शिवम दुबे को शरण दी थी। दोनों के‌ खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। शनिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा।

बता दें कुख्यात गैंग्स्टर विकास दुबे की सालाना कमाई 10 करोड़ रुपये से भी ज्यादा थी। गैरकानूनी काम कर विकास ने अकूत संपत्ति जुटायी थी। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जमीन कब्जा वसूली, बीसी और सूदखोरी से मोटी कमाई होती थी। इसके अलावा किसी से कॉन्ट्रेक्ट पर काम मिलने पर कमाई दोगुना और तीन गुना तक हो जाती थी। किसी से जमीन खाली करानी हो या किसी को कब्जा कराना हो हर एक काम के लिए उसके रेट फिक्स थे। इसके अलावा प्रोटेक्शन मनी के नाम पर हर महीने 50 लाख रुपये की आय होती थी।

Live Blog

Highlights

    22:34 (IST)11 Jul 2020
    विकास दुबे के डांस का आखिरी वीडियो आया सामने, हो रहा वायरल
    20:54 (IST)11 Jul 2020
    महाकालेश्वर मंदिर के निकास द्वार का कांग्रेस नेताओं ने किया शुद्धिकरण

    उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस के साथ हुए कथित मुठभेड़ में शुक्रवार को मारे गये कुख्यात अपराधी विकास दुबे के एक दिन पहले उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में प्रवेश करने पर कांग्रेसी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने महाकाल मंदिर के निकास द्वार पर शनिवार को गंगा एवं क्षिप्रा नदियों का जल छिड़ककर शुद्धिकरण किया। मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के नेतृत्व में हुए इस शुद्धिकरण अनुष्ठान का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें वर्मा कुछ लोगों के साथ मंदिर परिसर के गेट के बाहर कलश में रखे जल को मंत्रोच्चारण के साथ वहां पर छिड़कते नजर आ रहे हैं। शुद्धिकरण करने के बाद वर्मा ने फोन पर ‘पीटीआई- भाषा’ को बताया कि महाकाल परिसर से बाहर महाकाल मंदिर के निकास द्वार के बाहर जहां विकास दुबे पकड़ा गया था, हमने वहां पर गंगा एवं क्षिप्रा नदियों का पवित्र जल छिड़ककर आज धोया है।

    19:42 (IST)11 Jul 2020
    कानपुर प्रकरण की जांच के लिए बनी एसआईटी

    कानपुर नगर में घटित घटना के सम्बन्ध में शासन द्वारा सम्यक विचारोपरान्त प्रकरण की जांच विशेष अनुसंधान दल से कराने का शनिवार को निर्णय लिया गया। अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि इस सम्बन्ध में अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। अवस्थी ने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक हरिराम शर्मा तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक जे रवीन्द्र गौड़ को एसआईटी का सदस्य नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि विशेष अनुसंधान दल प्रकरण से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं और प्रकरण की गहन जांच सुनिश्चित करते हुए 31 जुलाई, 2020 तक जांच रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगा।

    18:57 (IST)11 Jul 2020
    विकास दुबे के दो फरार सहयोगी ठाणे में गिरफ्तार

    महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के दो फरार सहयोगियों को महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार किया है। दुबे का सहयोगी अरविंद उर्फ गुड्डन रामविलास त्रिवेदी (46) कानपुर जिले में कुख्यात अपराधी के घर छापेमारी के दौरान आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में संलिप्त था। एटीएस के पुलिस अधीक्षक विक्रम देशमाने ने कहा कि त्रिवेदी और उसके चालक सुशील कुमार उर्फ सोनू तिवारी (30) को ठाणे शहर के कोलशेट इलाके से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद दुबे एवं अन्य के साथ त्रिवेदी भी फरार हो गया था। हमले में पुलिस उपाधीक्षक सहित आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे।

    17:42 (IST)11 Jul 2020
    मारे गए कुख्यात अपराधी विकास दुबे की पत्नी, बेटा और नौकरानी लखनऊ आये

    कुख्यात अपराधी विकास दुबे के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उसकी पत्नी, बेटा और नौकरानी लखनऊ आ गये हैं। पुलिस विभाग के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि ''कानपुर में शुक्रवार को दुबे के अंतिम संस्कार के बाद उसकी पत्नी,बेटा और नौकरानी लखनऊ आ गये है।'' कृष्णानगर के एक पुलिस अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की विकास दुबे की पत्नी, बेटा और नौकरानी शुक्रवार रात ही लखनऊ वापस आ गये थे। कानपुर जेल के अधीक्षक आर के जायसवाल ने बताया कि न तो रिचा दुबे और न ही उनकी नौकरानी को कानपुर की जिला जेल या चौबेपुर में कोविड-19 के कारण बनी अस्थायी जेल में लाया गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि लखनऊ से लाने के बाद एसटीएफ ने इन तीनो को कानपुर के महिला पुलिस थाने में रखा और बृहस्पतिवार और शुक्रवार की रात इन दोनो से पूछताछ की। उत्तर प्रदेश पुलिस और (विशेष कार्यबल)एसटीएफ ने पांच घंटे से ज्यादा इन दोनो से पूछताछ की।

    17:14 (IST)11 Jul 2020
    इस तरह तीन राज्यों में घूमा विकास

    फरीदाबाद के एक होटल में जब विकास को खबर मिली कि पुलिस रेड करने आ रही है तो वह वहां से निकल पड़ा। इसके बाद उसने कार के रास्‍ते दिल्‍ली पार किया, फिर राजस्‍थान के अलवर होते हुए झालावाड़ पहुंच गया। यहां से उसने उज्‍जैन के लिए बस पकड़ी। पुलिस के मुताबिक, विकास के दो साथी उज्‍जैन तक उसके साथ थे जो बाद में गायब हो गए। व‍िकास यह बताने को तैयार नहीं हुआ कि ये दोनों साथी कौन थे। बहरहाल, विकास उज्‍जैन में अपने परिचित के यहां रुका और अगली सुबह जल्‍दी निकल गया।

    16:40 (IST)11 Jul 2020
    अमर दुबे, अतुल दुबे की मौत से वह बहुत दुखी था विकास

    विकास को उज्जैन से लेने गई एसटीएफ टीम के अधिकारियों के मुताबिक मध्य प्रदेश से उनको जानकारी हुई कि विकास दुबे बाहर से कड़ा दिखाई देने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अंदर से टूट चुका था। उसके पीछे बड़ा कारण उसके करीबियों का मारा जाना था। विशेष कर अमर दुबे, अतुल दुबे की मौत से वह बहुत दुखी था। उसने संतोष व्यक्त किया था कि उसकी गिरफ्तारी के बाद एनकाउंटर बंद हो जाएंगे। उसे इस बात की भी चिंता थी कि जब वह जेल से छूटकर गांव जाएगा तो उन परिवारों को क्या जवाब देगा, जिनके अपनों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार दिया।

    16:06 (IST)11 Jul 2020
    ATS जुहू यूनिट मुंबई ने विकास के साथी को गिरफ्तार किया

    11 जुलाई को ATS जुहू यूनिट मुंबई को एक गुप्त सूचना मिली कि कानपुर शूटआउट का एक आरोपी ठाणे में है। ATS जुहू यूनिट ने कोल्शेट रोड, ठाणे में एक जाल बिछाया और आरोपी अरविंद उर्फ गुड्डन रामविलास त्रिवेदी और उसके चालक सोनू तिवारी को गिरफ्तार कर लिया।

    15:35 (IST)11 Jul 2020
    शिवली गांव में लोग मना रहे जश्न, बिकरू गांव में लोग अभी भी घरों में दुबके

    बिकरू गांव में तो लोग अभी भी घरों में दुबके हैं, लेकिन कुछ दूर शिवली गांव में लोग जश्न मना रहे हैं। इस गांव के लोग विकास दुबे से इतना खौफ खाते थे कि उनका कहना है कि उन्हें आज नई आजादी मिली है। कानपुर देहात का शिवली कस्बा कभी विकास दुबे का आपराधिक गढ़ हुआ करता था। शिवली से ही विकास दुबे ने अपराध जगत में कदम रखा था।

    15:00 (IST)11 Jul 2020
    बिकरू गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, रैपिड एक्शन फोर्स तैनात की गई

    एनकाउंटर के बाद विकास दुबे के कानपुर स्थित बिकरू गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। गांव में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ़) तैनात की गई है। पुलिस वाले लोगों को बता रहे हैं कि विकास दुबे मारा गया है। अब डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस की गांव के लोगों के साथ मीटिंग चल रही है। मीटिंग में लोगों ने अपनी समस्याएं बताईं कि कैसे पुलिस बिल्कुल उनकी शिकायत नहीं सुनती थी। गांव में सिर्फ विकास की दबंगई चलती थी। बगैर उसके कोई कुछ नहीं करता था। जमीन कब्जा करना, लोगों का सामान ले लेना उसका रोज का काम था।

    14:06 (IST)11 Jul 2020
    विकास के बड़े बेटे से भी पुलिस ने की पूछताछ

    विकास के अंतिम संस्कार के बाद देर शाम उसका बड़ा बेटा आकाश लखनऊ में अपनी दादी सरला देवी से मिलने पहुंचा। जिसके बाद उसे पुलिस अपने साथ ले गई। आकाश मकान में दाखिल होता, इससे पहले ही उसे पुलिस पकड़कर ले गई। पुलिस ने उसे विश्वास में लेकर पूछताछ की, फिर घर पर छोड़ दिया। बताया जाता है कि आकाश विदेश में पढ़ाई कर रहा है।

    13:42 (IST)11 Jul 2020
    ईडी ने सबके खिलाफ आपराधिक मामलों पर विवरण भी मांगा

    ईडी ने 7 जुलाई को कानपुर पुलिस को दिए एक शासकीय सूचना में विकास दुबे, उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के प्रावधानों के तहत अचल और चल संपत्ति का विवरण एकत्र करने के निर्देश देने का आदेश दिया था। इसके अलावा ईडी ने इन सबके खिलाफ आपराधिक मामलों पर विवरण भी मांगा है।

    13:26 (IST)11 Jul 2020
    दुबई और थाईलैंड में भी है विकास की प्रॉपर्टी, ईडी ने चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा मांगा

    प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कानुपर पुलिस से गैंगस्टर विकास दुबे, उनके परिवार और करीबी सहयोगियों की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा मांगा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विकास दुबे के एक सहयोगी ने दुबई और थाईलैंड में पेंटहाउस खरीदे थे जिसकी कीमत 30 करोड़ रुपए है। विकास दुबे ने पिछले तीन सालों में 14 देशों की यात्रा की है। हाल ही में उसने लखनऊ में एक घर खरीदा है जिसकी कीमत 20 करोड़ रुपए से ऊपर है।

    13:07 (IST)11 Jul 2020
    अदालत लगाता था विकास दुबे, अनसुनी करने पर कई बार संबंधित को मार तक पड़ती थी

    विकास दुबे कानपुर के गीता नगर के साथ गांव बिकरू में अदालत लगाता था। इसमें जमीन के मामलों, आपसी रंजिश, उससे जुड़े किसी व्यक्ति को परेशान करने वालों को लेकर ऑन द स्पॉट फैसले सुनाता था। करीबी बताते हैं कि उसकी अदालत में अनसुनी करने पर कई बार संबंधित को मार तक पड़ती थी।

    12:46 (IST)11 Jul 2020
    पुलिसकर्मियों के छीने गए हथियारों की बरामदगी को लेकर पुलिस ने शुरू की मुनादी

    2-3 जुलाई को विकास और उसकी गैंग ने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर उनके हथियार छीन लिए थे। पुलिसकर्मियों के छीने गए हथियारों की बरामदगी को लेकर पुलिस ने मुनादी शुरू कर दी गई है। पुलिस के अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के जरिए गांव के लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास पुलिस से लूटे हथियारों की सूचना है तो वे इसके लिए पुलिस को सूचित कर दें। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास से हथियार बरामद किए जाएंगे तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    12:20 (IST)11 Jul 2020
    विकास दुबे के गुर्गों को शरण देने के आरोप में दो गिरफ्तार

    विकास दुबे के गुर्गों को शरण देने के आरोप में कानपुर की चौबेपुर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने वांछित इनामिया अपराधी शशिकांत पांडेय व शिवम दुबे को शरण दी थी। दोनों के‌ खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। शनिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा।

    11:46 (IST)11 Jul 2020
    अगर विकास दुबे मारा नहीं जाता तो 2022 में वह विधायक बन जाता

    वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान का कहना है कि अगर विकास दुबे मारा नहीं जाता तो 2022 में वह विधायक बन जाता। कमाल ने ट्वीट कर लिखा ' विकास दुबे नही मरता तो शायद ये होता : (1) डर के मारे कोई उसके खिलाफ गवाही नहीं देता। (2)अपने समाज का बड़ा नेता बन जाता। (3)2022 में विधायक/मंत्री होता। (4)जो पुलिस उसे पकड़ के ला रही थी,वो उसकी सुरक्षा में होती। (5)और हमलोग उसके बंगले के गेट पर उसकी बाइट लेने खड़े होते।'

    11:25 (IST)11 Jul 2020
    विकास का बसपा सुप्रीमो से सीधा संपर्क था, भाजपा के दो विधायक उसके बेहद करीबी

    विकास दुबे को वर्ष-1990 में अपराध जगत में उतरने के साथ ही सियासी सरपरस्ती मिलने लगी थी। डेढ़ दशक तक वो ग्राम प्रधान रहा। आज भी प्रधानी विकास के घर में ही है। विकास ने राजनीति की शुरुआत बसपा से की। करीब 15 साल तक बसपा में रहते हुए वह जिला पंचायत सदस्य भी बना। इस दौरान बसपा सुप्रीमो से लेकर पार्टी के कई बड़े नेताओं से उसका सीधा संपर्क रहा। इसके बाद सपा और भाजपा नेताओं के संपर्क में आ गया। भाजपा के दो विधायक उसके बेहद करीबी हैं। 

    10:59 (IST)11 Jul 2020
    विकास की लाश देख चीख उठी रिचा, बोली मैं चलाऊंगी बंदूक

    भैरवघाट में विकास दुबे के अंतिम संस्कार में पहुंची पत्नी रिचा अपने परी की लाश देख कर चीख उठी। पति की लाश देख रिचा ने कहा "मेरे पति को मार कर तुम सबने ठीक नहीं किया। अब मैं खुद चलाऊंगी बंदूक...पति को जिसने मरवाया है, जिसने मारा है...सब मरेंगे।" पति की मौत के बाद उसका गुस्सा पुलिस, प्रशासन और मीडिया पर साफ तौर से देखने को मिला।

    10:22 (IST)11 Jul 2020
    चौबेपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 100 से ज्यादा फैक्टरी से विकास लेता था प्रोटेक्शन मनी

    चौबेपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 100 से ज्यादा फैक्टरी हैं। विकास का यहां पर सिक्का चलता था। उद्योगपतियों से वहां पर वह काम करने और प्रोटेक्शन मनी के नाम पर हर महीने 50 लाख रुपये की आय होती थी। इसके अलावा संपत्तियों में लखनऊ में दो मकान और लगभग 150 बीघा अपनी और बेनामी जमीनों के बारे में जानकारी मिली है।

    10:03 (IST)11 Jul 2020
    प्रोटेक्शन मनी से लेकर जमीन कब्जा वसूली और सूदखोरी तक ऐसे होती थी विकास की कमाई

    विकास दुबे की सालाना कमाई 10 करोड़ रुपये से भी ज्यादा थी। गैरकानूनी काम कर विकास ने अकूत संपत्ति जुटायी थी। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जमीन कब्जा वसूली, बीसी और सूदखोरी से मोटी कमाई होती थी। इसके अलावा किसी से कॉन्ट्रेक्ट पर काम मिलने पर कमाई दोगुना और तीन गुना तक हो जाती थी। किसी से जमीन खाली करानी हो या किसी को कब्जा कराना हो हर एक काम के लिए उसके रेट फिक्स थे। इसके अलावा प्रोटेक्शन मनी के नाम पर हर महीने 50 लाख रुपये की आय होती थी।

    09:40 (IST)11 Jul 2020
    गिरफ्तार होने के बाद गुस्से में पुलिस को धमकी दे रहा था विकास दुबे

    मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार होने के बाद विकास दुबे गुस्से में था। एक पुलिस कांस्टेबल ने बताया कि बहुत गुस्से में था और बार बार किसी बिट्टू को पुकार रहा था। गिरफ्तारी के बाद विकास पुलिस वालों से कह रहा कि अगर मैं उत्तर प्रदेश में होता तो तुम्हारे घरों में आग लगवा देता, तुम्हारे हाथ-पैर कटवा देता।

    08:56 (IST)11 Jul 2020
    पंचनामा भरने नहीं आया कोई

    विकास दुबे का पंचनामा भरने के लिए एक भी आदमी नहीं मिला। इसके चलते विकास दुबे का पंचनामा नहीं भरा जा सका। कानपुर के बिकरू गांव में 2-3 जुलाई की रात सीओ और तीन सब इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला विकास दुबे बिकरू एनकाउंटर के आठवें दिन पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो गया। 8 पुलिसकर्मियों की हत्यारे गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

    08:12 (IST)11 Jul 2020
    एनकाउंटर प्वाइंट बन गया सेल्फी प्वाइंट

    कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी विकास दुबे का यूपी एसटीएफ ने जहां एनकाउंटर किया था, वह घटनास्‍थल लोगों के लिए सेल्‍फी पॉइंट बन गया है। यहां से गुजरने वाला हर व्यक्ति मौका-ए-वारदात की तस्वीर को अपने मोबाइल फोन में कैद करने की कोशिश में है। लोगों की भीड़ की वजह से कानपुर के भौती इलाके में इस जगह पर जाम की स्थिति बन रही है।

    07:42 (IST)11 Jul 2020
    रिश्तेदार दिनेश तिवारी ने कराया अंतिम संस्कार

    अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव ने संवाददाताओं को बताया कि दुबे के रिश्तेदार दिनेश तिवारी ने उसके शव का अंतिम संस्कार कराया। यह वही दिनेश है जिसे पुलिस ने पिछले हफ्ते कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के फौरन बाद पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था।

    06:20 (IST)11 Jul 2020
    दुबे की पत्नी बोली : हां, उसके साथ यही होना था

    कानपुर के सचेंडी में एसटीएफ के साथ कथित मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे की पत्नी ने कहा है कि उसके पति ने गलत किया था और उसके साथ यही होना था। दुबे के अंतिम संस्कार के वक्त उसकी पत्नी रिचा ने मीडिया कर्मियों से काफी नाराजगी से बात की। उसने एक सवाल पर कहा "हां, हां, हां, विकास ने गलत किया था और उसके साथ यही होना था।" रिचा ने दुबे का अंतिम संस्कार कवर करने आए मीडिया कर्मियों पर गुस्सा उतारा और उन्हें वहां से चले जाने को कहा। उसने दुबे की मुठभेड़ में मौत के लिए मीडिया को जिम्मेदार बताया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव ने संवाददाताओं को बताया कि दुबे के रिश्तेदार दिनेश तिवारी ने उसके शव का अंतिम संस्कार कराया। यह वही दिनेश है जिसे पुलिस ने पिछले हफ्ते कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के फौरन बाद पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। इस वारदात का मुख्य आरोपी पांच लाख रुपये का इनामी बदमाश विकास दुबे शुक्रवार सुबह कानपुर के सचेंडी इलाके में पुलिस और एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया। 

    05:39 (IST)11 Jul 2020
    पुलिसिया कार्रवाई पर उठ रहे कई तरह के सवाल

    कानपुर एनकाउंटर के बाद पुलिसिया कार्रवाई पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जिस गाड़ी से विकास दुबे को लाया जा रहा था वो रास्ते में पलट गई। लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में गाड़ी के पलटने के निशान नहीं मिलने की बात कही गई है। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि एक न्यूज चैनल के रिपोर्टर की गाड़ी भी उस काफिले के पीछे थी जिस काफिले के जरिए विकास दुबे को कानपुर लाया जा रहा था। लेकिन एनकाउंटर से ठीक पहले रिपोर्टर की गाड़ी को रोक दिया गया और कुछ ही देर बाद एनकाउंटर की बात निकलकर सामने आई। इस मामले में शहजाद पूनावाला ने मानवाधिकार आयोग से जांच कराने की गुहार भी लगाई है।

    03:53 (IST)11 Jul 2020
    मुंबई के कुछ पूर्व पुलिस अधिकारियों ने दुबे को ‘मुठभेड़ में मार गिराए जाने’ की सराहना की

    मुंबई के कुछ पूर्व पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को कुख्यात अपराधी विकास दुबे को एक कथित मुठभेड़ में मार गिराने पर उत्तर प्रदेश पुलिस की सराहना की और कहा कि बल का मनोबल ऊंचा रखने के लिए कार्रवाई की "सख्त जरूरत" थी। दुबे की शुक्रवार सुबह कानपुर के पास उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में मौत हो गयी। मुंबई के पूर्व 'मुठभेड़ विशेषज्ञ’ पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने दुबे के खिलाफ कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने पीटीआई-भाषा से बातचीत करते हुए कहा, "हमें इस साहसी कार्रवाई के लिए उप्र पुलिस को बधाई देनी चाहिए और यह वास्तविक मुठभेड़ है क्योंकि इसमें चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।" शर्मा कथित रूप से कई 'मुठभेड़ों' में शामिल रहे हैं जिनमें 100 से अधिक अपराधी मारे गए।

    02:20 (IST)11 Jul 2020
    विकास दुबे के मारे जाने से कुछ घंटे पहले न्यायालय में दायर याचिका में जताई गई थी उसकी हत्या की आशंका

    कुख्यात अपराधी विकास दुबे के शुक्रवार को कानुपर के पास पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे जाने से कुछ घंटे पहले उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दाखिल कर उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस को उसकी जान की हिफाजत करने का निर्देश देने की मांग की गई थी, साथ ही यह सुनिश्चित करने की भी मांग की गई थी कि वह पुलिस के हाथों न मारा जाए। याचिका में यह मांग भी की गई थी कि पिछले सप्ताह आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में कथित तौर पर दुबे के साथ शामिल रहे पांच सह-आरोपियों की मुठभेड़ में मारे जाने के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की जाए और शीर्ष अदालत की निगरानी में सीबीआई से जांच कराई जाए। कानपुर के चौबेपुर इलाके के बिकरू गांव में तीन जुलाई को देर रात में बदमाशों पर दबिश देने गए पुलिस दल पर अपराधियों ने हमला कर दिया था जिसमें पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे।

    00:55 (IST)11 Jul 2020
    विकास दुबे का मुठभेड़ में मारा जाना फर्जी प्रतीत होता है: शरद यादव न

    पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव ने शुक्रवार को कहा कि कुख्यात अपराधी विकास दुबे के मुठभेड़ में मारे जाने का पुलिस का दावा ‘‘फर्जी’’ प्रतीत होता है। यादव ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या की गई है क्योंकि वह कई बड़े ‘‘राज’’ खोल सकता था। यादव ने कहा,‘‘ विकास दुबे की यह मुठभेड़ (मारा जाना) फर्जी प्रतीत हो रहा है और फिल्म से उठायी गयी (कहानी) है। यह गैरकानूनी तरीका है। यह व्यक्ति कई बड़े राज खोल सकता था कि किसने इसे संरक्षण दिया.....जिन्होंने इसे संरक्षण दिया वह विकास दुबे के बराबर ही आरोपी हैं और देश को उन्हें जानने की जरूरत है।’’

    23:41 (IST)10 Jul 2020
    भैरव घाटी स्थित विद्युत शवदाह गृह में हुआ दुर्दांत अपराधी का अंतिम संस्कार

    देर शाम दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के शव का भैरव घाटी स्थित विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम करने वाले एक डॉक्टर ने बताया दुबे के अंत्यपरीक्षण की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम में जो भी सामने आया है, इस बारे में पुलिस को बता दिया गया है और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी उसे जल्द सौंप दी जाएगी। पुलिस से कहा गया है कि वह बाकी औपचारिकताएं पूरी करें।

    22:28 (IST)10 Jul 2020
    पूर्व मंत्री के भाई ने कहा- 19 साल बाद मिला न्याय

    उत्तर प्रदेश के मोस्टवांटेड अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर पर राज्य के पूर्व मंत्री सतोष शुक्ला के भाई मनोज शुक्ला ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि आज हर वह व्यक्ति खुश है, जिसके खिलाफ उसने अपराध किया था। मुझे न्याय मिलने में 19 साल लग गए। यदि उसे तब ही जेल भेज दिया जाता तो आज इतने परिवार नहीं उजड़ते। उन्होंने कहा कि माननीय योगी जी की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। उनका धन्यवाद। बता दें कि 2001 में कानपुर देहात के शिवली पुलिस स्टेशन के भीतर विकास दुबे ने दिन-दहाड़े भाजपा नेता और पूर्व मंत्री संतोष शुक्ला की कथित तौर पर हत्या कर दी थी।

    21:08 (IST)10 Jul 2020
    एनकाउंटर से पहले रोकी गईं थीं मीडिया की गाड़ियां

    उज्जैन में विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद जब उसे कानपुर लाया जा रहा था तो उसके साथ मीडिया की भी कई गाड़ियां साथ साथ चल रहीं थी। न्यूज एजेंसी एएनआई ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दिखाया गया है कि विकास दुबे के एनकाउंटर से कुछ समय पहले मीडिया और अन्य निजी गाड़ियों को रास्ते में ही रोक दिया गया था। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं? कानपुर टोल नाके के पास सचेंडी इलाके में मीडियाकर्मियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इसके कुछ देर बाद ही गोलियों के चलने की आवाज सुनाई दी, फिर खबर आई कि विकास दुबे की गाड़ी पलट गई और भागने के क्रम में विकास दुबे मुठभेड़ में ढेर हो गया।

    21:06 (IST)10 Jul 2020
    ऋचा और नाबालिग बेटे को छोड़ा

    विकास दुबे के एनकाउंटर की खबर के बाद लखनऊ पुलिस ने गैंगस्‍टर की पत्नी ऋचा और नाबालिग बेटे को छोड़ दिया। कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि ऋचा की कोई भूमिका नहीं मिली। वारदात के समय वह मौके पर भी मौजूद नहीं थी। इसके पहले विकास की पत्नी ऋचा और उसके बेटे को पुलिस ने लखनऊ के कृष्णानगर इलाके से पकड़ा था।

    18:54 (IST)10 Jul 2020
    रास्ते में जानवरों का झुंड सामने आने से पलटी थी गाड़ी- एसटीएफ

    एसटीएफ ने विकास दुबे मामले को लेकर शुक्रवार शाम प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसके माध्यम से बताया गया है कि रास्ते में जानवरों का झुंड सामने आ गया है। ड्राइवर ने इन्हें बचाने के लिए अचानक गाड़ी मोड़ दी, जिससे वह दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस घटना में कई पुलिसकर्मियों को चोट आयी है। इस दौरान विकास ने इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी की पिस्टल छीन ली और कच्चे रास्ते पर भागने लगा।

    18:52 (IST)10 Jul 2020
    बिकरू कांड में घायल दारोगा सुधाकर पांडेय स्वस्थ होकर घर लौटे

    कानपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हुए गोरखपुर के गोला क्षेत्र के बेलपार पाठक निवासी व कानपुर में तैनात दारोगा सुधाकर पांडेय स्वस्थ होकर अपने घर लौट आए हैं।

    16:57 (IST)10 Jul 2020
    लल्लन वाजपेयी बोले- ऐसा लग रहा है जैसे सदियों बाद स्वतंत्र हुए हैं

    2002 में चुनावी रंजिश के चलते विकास दुबे ने लल्लन वाजपेयी पर हमला करवाया था। उसके बाद से ही दोनों के बीच दुश्मनी चल रही थी। अब विकास दुबे की मौत के बाद लल्लन वाजपेयी ने कहा कि आज ऐसा लग रहा है कि जैसे हम सदियों बाद स्वतंत्र हुए हैं।

    16:31 (IST)10 Jul 2020
    शहीद पुलिसकर्मी के पिता बोले- आज मुझे गर्व है बेटे की शहादत खाली नहीं गई

    बिकरु कांड में शहीद हुए पुलिसकर्मी जितेन्द्र सिंह के पिता ने विकास दुबे के एनकाउंटर पर खुशी जताते हुए कहा कि मैं उत्तर प्रदेश प्रशासन को धन्यवाद देता हूं, मैं आज बहुत खुश हूं। आज मुझे गर्व है कि मेरे बेटे की शहादत खाली नहीं गई है। आज मेरे बेटे की आत्मा को संतुष्टि मिलेगी।

    15:17 (IST)10 Jul 2020
    कानपुर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारी

    विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी कानपुर पहुंचे हैं और मामले की जानकारी ले रहे हैं। वहीं बिकरु एनकाउंटर में घायल हुए पुलिसकर्मियों ने विकास दुबे के एनकाउंटर पर खुशी जतायी है। 

    15:13 (IST)10 Jul 2020
    विकास दुबे की कोरोना जांच आयी थी निगेटिव

    विकास दुबे की एनकाउंटर में मौत के बाद उसकी कोरोना जांच भी की गई थी। इसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद विकास दुबे के शव का पोस्टमार्टम किया गया। 

    15:09 (IST)10 Jul 2020
    विकास दुबे एनकाउंटर पर बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने दिया रिएक्शन

    विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद पूरे देश में इसकी चर्चा है। बॉलीवुड सेलेब्स ने भी इस पर हैरानी जतायी है। एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने इस एनकाउंटर पर ट्वीट करते हुए लिखा कि हमने इसकी कल्पना नहीं की थी!!! और फिर हम बॉलीवुड कहानियों को सच्चाई से परे मानते हैं।

    14:12 (IST)10 Jul 2020
    विकास दुबे ने भगाकर की थी शादी

    पुलिस एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे ने शादी भी युवती को भगाकर की थी। दरअसल विकास दुबे अपनी बुआ के घर कानपुर के शास्त्री नगर में पढ़ाई करने आया था तभी पड़ोस में रहने वाले एयर फोर्स कर्मी एसपी निगम की बेटी रिचा से उसकी मुलाकात हुई और फिर दोनों में प्यार हो गया। इसके बाद विकास रिचा को लेकर फरार हो गया और दोनों ने शादी कर ली।

    13:37 (IST)10 Jul 2020
    विकास दुबे की मां बोलीं- नहीं था कोई लेना-देना, नहीं जाऊंगी कानपुर

    विकास दुबे के मरने की खबर जब उसकी मां सरला देवी को पता चली तो उसके बाद से ही उन्होंने मीडिया से दूरी बना ली है और अपने आप को घर में बंद कर लिया है। कहा जा रहा है कि उनकी तबीयत भी बिगड़ गई है। साथ ही सरला देवी ने कहा है कि बेटे विकास दुबे से उनका कुछ लेना देना नहीं है और वह कानपुर नहीं जाना चाहती।

    12:42 (IST)10 Jul 2020
    तेज बारिश की वजह से पलटी पुलिस की गाड़ी

    पुलिस का गाड़ी पलटने और गैंगस्टर विकास दुबे के फरार होने की कोशिश में एनकाउंटर होने के मुद्दे पर यूपी एसटीएफ के अधिकारी अभी कुछ भी नहीं बोल रहे हैं लेकिन माना जा रहा है कि पुलिस की गाड़ी तेज बारिश की वजह से पलटी।

    12:07 (IST)10 Jul 2020
    विकास दुबे के एनकाउंटर पर वरिष्ठ पत्रकारों ने उठाए सवाल

    विकास दुबे के एनकाउंटर पर कई वरिष्ठ पत्रकारों ने सवाल उठाए हैं। राहुल कंवल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि यूपी पुलिस कानून में यकीन रखती तो विकास दुबे का त्वरित ट्रायल करके नेता-माफिया गठजोड़ का खुलासा करती लेकिन गैंगस्टर का एनकाउंटर करके यूपी पुलिस ने न्यायिक प्रक्रिया का मजाक उड़ाया है।

    12:03 (IST)10 Jul 2020
    गुरुवार शाम को ही विकास दुबे को एनकाउंटर से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई थी याचिका

    विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद उसे एनकाउंटर से बचाने के लिए गुरुवार शाम को ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इस याचिका में दुबे और यूपी पुलिस के नेटवर्क की जांच और सीबीआई जांच की मांग की गई थी। लेकिन शुक्रवार सुबह को ही विकास दुबे के एनकाउंटर से कई सवाल खड़े हो गए हैं।

    11:39 (IST)10 Jul 2020
    विकास का बड़ा बेटा विदेश में कर रहा पढ़ाई

    विकास दुबे के परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। उसका बड़ा बेटा आकाश अमेरिका में पढ़ाई कर रहा है, वहीं छोटा बेटा शानू 12वीं का छात्र है और लखनऊ में अपनी मां के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा है। यूपी पुलिस ने गुरुवार को विकास दुबे की पत्नी ऋचा और बेटे शानू को हिरासत में लिया था। ऋचा राजनीति में भी हाथ आजमा चुकी है।

    10:51 (IST)10 Jul 2020
    चार पुलिसकर्मी हुए हैं घायल

    कानपुर वेस्ट के एसपी ने बताया कि जब गाड़ी पलटी तो विकास दुबे पुलिस का पिस्टल छीनकर भागने लगा। इसके बाद पुलिस पार्टी ने उसे घेरकर सरेंडर कराने की कोशिश की लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें विकास दुबे घायल हो गया था। हालांकि, एसपी ने ये नहीं बताया कि दुबे को कितनी गोलियां लगी थीं?

    10:00 (IST)10 Jul 2020
    मुठभेड़ से पहले मीडिया को रोका गया

    विकास दुबे को उज्जैन से लेकर कानपुर जा रही यूपी एसटीएफ की गाड़ियों के काफिले के पीछे मीडिया की गाड़ियां भी चल रही थीं लेकिन कानपुर टोल नाके के पास सचेंडी इलाके में मीडियाकर्मियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इसके कुछ देर बाद ही गोलियों के चलने की आवाज सुनाई दी, फिर खबर आई कि विकास दुबे की गाड़ी पलट गई और भागने के क्रम में विकास दुबे मुठभेड़ में ढेर हो गया। एक दिन पहले भी विकास दुबे का गुर्गा प्रकाश मिश्रा इसी तरह मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था। फिलहाल पुलिस की फॉरेंसिक टीम घटनास्थल का मुआयना कर रही है।

    09:28 (IST)10 Jul 2020
    आठ दिन में पूरी गैंग का सफाया, विकास दुबे समेत 6 ढेर

    यूपी पुलिस ने पिछले आठ दिनों में विकास दुबे गैंग के पांच लोगों को मुठभेड़ में मार गिराया है जबकि दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। मुठभेड़ में मारे जाने वालों में विकास दुबे का मामा और चचेरा भाई भी शामिल है। पढ़ें पूरी खबर

    Next Stories
    1 विकास दुबे पर यूपी पुलिस ने बुलाई थी प्रेस कॉन्फ्रेन्स, यूपी में घटते अपराध के आंकड़े गिनाकर चल दिए एडीजी
    2 मुजफ्फरनगर में गोड़िया मठ से मुक्त कराए गए 8 नाबालिग बच्चे, टॉर्चर करने, खाना बनवाने और झाड़ू-पोंछा लगवाने का आरोप
    3 यूपी: पॉलीथिन में सिर-पैर और सूटकेश में धड़!, बाराबंकी में 20 साल की महिला की क्षत-विक्षत लाश मिलने से सनसनी
    ये पढ़ा क्या?
    X