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Kamlesh Tiwari Murder Case: Facebook पर ‘रोहित’ बन अशफाक ने कमलेश तिवारी से दोस्ती बढ़ाई, जानिए खौफनाक कत्ल की पूरी साजिश

Kamlesh Tiwari Murder Case: यह भी खुलासा हुआ है कि चैट के जरिए कमलेश और 'रोहित' के बीच जो बातचीत हुई उसमें 18 अक्टूबर को दोनों के मिलने की बात हुई थी।

Author Published on: October 21, 2019 12:57 PM
कमलेश तिवारी का कातिल अशफाक ‘रोहित सोलंकी’ बन उनसे फेसबुक पर मिला।

Kamlesh Tiwari Murder Case: कमलेश तिवारी हत्याकांड में हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। हत्यारों को पकड़ने की फिराक में लगी पुलिस को अब इस स्टोरी में Facebook फ्रेंडशिप के नए एंगल ने चौंका दिया है। इस हत्याकांड में कड़ी से कड़ी को जोड़ने की फिराक में लगी पुलिस ने अब खुलासा किया है कि कमलेश तिवारी की हत्या के मुख्य आरोपी शेख अशफाक अहमद ने ‘रोहित’ बनकर Facebook पर कमलेश तिवारी से दोस्ती बढ़ाई थी। पता चला है कि कमलेश तिवारी की हत्या की साजिश काफी पहले से रची जा रही थी। साजिश की पूरी कहानी पढ़ आप चौंक जाएंगे।

हिंदुत्व का हिमायती बताता था: बीते 16 मई को अशफाक ने ‘रोहित सोलंकी’ के नाम से अपना फेक Facebook प्रोफाइल बनाया था। शेख अशफाक अहमद ने अपने पेज पर हिंदुत्व से जुड़ी कई सारी बातें, तस्वीरें, वीडियो और झंडे लगा रखे थे।

उसके प्रोफाइल से यह साफ पता चल रहा था कि वो हिंदुत्व का बड़ा सपोर्टर था और शायद उसकी यही चाल उसे कमलेश तिवारी तक पहुंचाने में कामयाब हो गई। महीनों पहले बनाए गए इस फर्जी फेसबुक आईडी पर अशफाक ‘रोहित’ बनकर घंटों तक कमलेश तिवारी से बातचीत किया करता था।

 Facebook पर प्रोफाइल पिक में लगाया झंडा: हालांकि उसने अपनी कोई तस्वीर या आईडी प्रोफाइल पिक में नहीं लगाई थी। हां खुद को कमलेश तिवारी और उनकी पार्टी का हिमायती बताने के लिए उसने प्रोफाइल पिक में हिंदू समाज पार्टी का बैनर जरुर लगा रखा था औऱ इसका टैगलाइन था ‘एक कदम हिंदुत्व की ओर।’ इस फेसबुक प्रोफाइल से सिर्फ यहीं पता चल रहा था कि ‘रोहित’ सूरत का रहने वाला है।

18 अक्टूबर को मीटिंग होनी थी: एंटी-टेररिस्ट स्वायड, गुजरात की टीम अशफाक को इस पूरी साजिश का अहम हिस्सा मान रही है। यह भी खुलासा हुआ है कि चैट के जरिए कमलेश और ‘रोहित’ के बीच जो बातचीत हुई उसमें 18 अक्टूबर को दोनों के मिलने की बात हुई थी। 18 अक्टूबर को ही कमलेश तिवारी की लखनऊ में हत्या की गई थी। सीसीटीवी फुटेज में अशफाक औऱ उसका साथी पठान मोइनुद्दीन अहमद हिंदू समाज पार्टी के दफ्तर आए थे।

Google Map से ढूंढा घर: पठान मोइनुद्दीन अहमद, शेख अशफाक अहमद ट्रेन से लखनऊ आए थे और उन्होंने यहां आकर Google Map के जरिए कमलेश तिवारी का घर ढूंढा था। लखनऊ के जिस होटल में यह दोनों ठहरे थे वहां के मैनेजर ने जब मीडिया में इनकी तस्वीरें देखी तो पुलिस से संपर्क कर इनके होटल में रुकने और फिर बिना पैसे दिए ही भाग जाने की बात बताई थी।

बाद में तलाशी के दौरान होटल के कमरे से खून से सने भगवा कपड़े मिले थे। यह वहीं भगवा कपड़े थे जिन्हें पहन कर दोनों कमलेश तिवारी के बिल्कुल पास पहुंचने में कामयाब हुए थे।

बहरहाल आपको बता दें कि इस मामले में अभी तक जांच टीम ने मौलाना मोहसिन शेख, खुर्शीद अहमद पठान और फैज़ान नाम क तीन लोगों को पकड़ा है। पुलिस को अब अशफाक और उसके साथी मोइनुदद्दीन अहमद की जोरशोर से तलाश है। (और….CRIME NEWS)

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