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किचड़ में नंगे पांव दौड़ अपराधी को पकड़ा था, बहादुर अफसर कुलदीप द्विवेदी से खौफ खाते हैं अपराधी

कहा जाता है कि जहां कही भी कुलदीप द्विवेदी की पोस्टिंग हुई अपराधी उनसे थर्र-थर्र कांपते ही रहे।

IPS कुलदीप द्विवेदी। फोटो सोर्स- सोशल मीडिया

पुलिस अफसरों की बहादुरी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। आज हम एक ऐसे बहादुर पुलिसवाले के बारे में आपको बताने वाले हैं जिन्होंने अपनी सेवा के दौरान अपराधियों को नाको चने चबाने पर मजबूर कर दिया। बेखौफ होकर अपराधियों की मांद में घुसकर उनसे पंगा लेने के लिए आईपीएस अफसर कुलदीप द्विवेदी काफी मशहूर हैं। बचपन में कुलदीप द्विवेदी ने अपने गांव में दबंगई देखी थी वहीं से उन्होंने फैसला किया था कि अपनी जिंदगी में वो कुछ ऐसा करेंगे जिससे कि कोई उन्हें दबा ना पाए।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पढ़ाई करते हुए उन्होंने टॉप किया और फिर आईएएस बनने का सपना लिए जी-तोड़ तैयारी शुरू की। पहले ही प्रयास में उन्हें 117वीं रैंक मिली और वो आईपीएस बन गये। ट्रेनिंग के बाद कुलदीप द्विवेदी को झारखंड कैडर मिला। कहा जाता है कि जहां कही भी कुलदीप द्विवेदी की पोस्टिंग हुई अपराधी उनसे थर्र-थर्र कांपते ही रहे। प्रोबेशन के बाद पहली पोस्टिंग बोकारो में मिली और पहली ही पोस्टिंग में सामना हुआ माओवादियों से। उन्होंने यहां माओवादियों पर शिकंजा कसा।

जब साल 2009 में उन्हें लातेहार की जिम्मेदारी मिली तब यह पहला साल था जब जिले में चुनाव के दौरान कोई नक्सली वारदात नहीं हुई थी। हालांकि, इसी साल वो माओवादियों के एक आईईडी ब्लास्ट में बाल-बाल बचे भी थे और 6 पुलिसकर्मी शहीद भी हुए थे। साल 2010 में उन्हें माओवादियों के खिलाफ चलाए ऑपरेशन ‘तूफान’ के लिए सीएम का गैलेंट्री अवॉर्ड मिला था।

बोकारो का एक कुख्यात था इलियास चौधरी। यह कुख्यात आयरन तस्करी के लिए जाना जाता था। इलियास चौधरी पर शिकंजा कसने का श्रेय इसी बहादुर आईपीएस को जाता है। एक साक्षात्कार में कुलदीप द्विवेदी ने बताया था कि ‘बोकारो स्टील प्लांट की चारदीवारी के अंदर इलियास ने एक पूरा गांव बसा रखा था… जिसमें ज़्यादातर ऐसे लोग रहते थे जो उसके लिए स्मग्लिंग का काम करते थे। उन दिनों बोकारो में ‘टाइगर मोबाइल’ घूमा करती थी। ये चौधरी के गुंडों की टीम होती थी। ये चौधरी के लिए वही काम करती थी, जो सरकार के लिए पुलिस करती थी. बोकारो के लोगों में खौफ था।’ इलियास को बंगाल से पकड़ा गया था।

साल 2017 में अक्टूबर के महीने में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई थी। इस तस्वीर में कुलदीप द्विवेदी नंगे पांव नजर आए थे औऱ उनके दाएं हाथ में एके-47 था। दरअसल उस वक्त रांची के एसएसपी के पद पर रहते हुए कुलदीप द्विवेदी ने तीन सुपारी किलर्स को धान के खेत में दौड़ा कर पकड़ा था। इस दौरान कीचड़ की वजह से उनका जूता खुल गया था। इस बहादुर अफसर पर देश को नाज है।

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