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CM, गवर्नर, अफसर बन ठगता था, मधु कोड़ा बनकर अर्जुन मुंडा से ठगे थे 40 लाख रुपए; सबसे बड़ा ‘नटवरलाल’ धराया

रंजन के खिलाफ यूपी, एमपी, झारखंड, बिहार, असम और गुजरात में धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं। रंजन ने DM बनकर SDM को भी ठग लिया।

CRIME, CRIME NEWSसीएम बनकर इसने बीजेपी नेता अर्जुन मुंडा से लाखों रुपए ट्रांसफर करा लिए। फोटो क्रेडिट – नरेंद्र कुमार

CM, DM, गवर्नर, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया तथा ब्यूरोक्रेट बन जाना इस बहरूपिये के लिए बाएं हाथ का खेल था। अपनी पहचान छिपाकर इस शातिर ने कई बड़ी हस्तियों को चूना लगाया है। कई वीवीआईपी को ठगने वाले इस महाठग को अब तक का सबसे बड़ा ‘नटवरलाल’ भी कहा जा रहा है। हालांकि अब यह ‘नटवरलाल’ पुलिस की गिरफ्त में है और उसकी करतूतों की कहानी धीरे-धीरे बेपर्दा हो रही है। इस महाठग ने किन बड़ी हस्तियों को ठगा यह हम आपको आगे बताएंगे लेकिन सबसे पहले जान लीजिए कि इसे पकड़ा कैसे गया?

जमशेदपुर से धरा गया शातिर ठग: यूं तो इस शातिर की तलाश पुलिस को 12 साल से ज्यादा समय से थी। साल 2020 के फरवरी के महीने में लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में एक एफआईआर दर्ज हुई थी। एफआईआर दर्ज कराने वाले यूपी राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर राजमणि ने उस वक्त पुलिस को बताया था कि किसी शख्स ने खुद को उत्तर प्रदेश का एक सीनियर अफसर बताकर उनसे 8 लाख रुपए मांगे थे। इसी केस को देख रही यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स ने झारखंड के जमशेदपुर से रंजन कुमार मिश्रा को पकड़ा।

गवर्नर बनकर मांगे रुपए: इसी साल (वर्ष 2020) में रंजन कुमार मिश्रा ने खुद को मध्य प्रदेश का राज्यपाल बता कर वहां के 4 विधायकों से लाखों रुपए मांगे थे। इस मामले में एमपी के सागर जिले में एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस इस मामले की गहन तफ्तीश भी कर रही थी।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया भी बन गया: कहा जाता है कि रंजन की उल्टी गिनती उस वक्त शुरू हुई जब उसने अगस्त 2019 में लखनऊ में न्यायिक अधिकारियों के ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट जेटीआरआई के चेयरमैन को चीफ जस्टिस बनकर फोन किया। चीफ जस्टिस बनकर इसने 10 लाख रुपये एक अकाउंट में ट्रांसफर करने को कहा। इसके बाद से ही रंजन के पीछे एसटीएफ लग गई थी।

चेयरमैन, अधिकारी बन कर लगाया चूना: बताया जाता है कि जून 2019 में दिल्ली की तिहाड़ जेल से छूटने के बाद उसने अगस्त में खुद को यूपीपीसीएल का चेयरमैन बताकर लखनऊ में बिजली विभाग के ठेकेदार से 10 लाख रुपए मांगे थे। इस मामले में लखनऊ के तालकटोरा थाने में केस भी दर्ज है।

इसके अलावा साल 2018 में जेल जाने से पहले इसने केरल के बिजली और पीडब्ल्यूडी विभाग के चार ठेकेदारों से 20 लाख रुपए सीतामढ़ी के राकेश कुमार के खाते में जमा करवा लिए थे। इसी साल एमडी बनकर दिल्ली के बिजली ठेकेदार से 5 लाख रुपये भी एक खाते में जमा करवा लिए थे।

मुख्य चुनाव आयुक्त बन कर भी पैसे ऐंठे: साल 2017 में बिजली विभाग का अधिकारी बनकर रंजन ने छत्तीसगढ़ में एक ठेकेदार से 5 लाख रुपये एक खाते में जमा करवा लिए थे। वहीं साल 2011 में रंजन ने ग्वालियर के जिला निर्वाचन अधिकारी को मुख्य चुनाव आयुक्त बनकर फोन किया था और एचडीएफसी बैंक के एक खाते में 2 लाख रुपये जमा करवा लिए थे। इतना ही नहीं इसी साल वो पटना के बेउर जेल में बंद था और जेल के अंदर से ही उसने ठगी की घटना को भी अंजाम दिया था।

DM बनकर SDM को ठगा: रंजन के खिलाफ यूपी, एमपी, झारखंड, बिहार, असम और गुजरात में धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं। रंजन ने DM बनकर SDM को भी ठग लिया। बिहार के कई जिलों में उसने डीएम बनकर ठगी की करतूत को अंजाम दिया था। रंजन के कई शिकार तो ऐसे भी हैं जिन्होंने थाने में केस भी दर्ज नहीं कराया।

मधु कोड़ा बन अर्जुन मुंडा से ठगे पैसे: रंजन के गिरफ्त में आते ही उसके गुनाहों की परत दर परत उघड़ने लगी है। एक बात यह भी पता चला कि साल 2008 में उसने खुद को झारखंड का तत्कालीन मुख्यमंत्री मधु कोड़ा बताकर भारतीय जनता पार्टी के नेता अर्जुन मुंडा से 40 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए थे।

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