तालिबानी फरमान पर फूटा जावेद अख्तर का गुस्सा, कहा- उम्मीद है सभी मुस्लिम संगठन करेंगे निंदा, जो तीन तलाक का कर रहे थे बचाव

जावेद अख्तर ने तालिबान के एक नए फरमान को लेकर उन मुस्लिम संगठनों पर हमला बोला है जो तीन तलाक का बचाव करते रहे हैं। तालिबान ने एक नए आदेश में सभी कामकाजी महिलाओं को घर पर रहने का आदेश जारी किया है।

JAVED AKHTAR taliban
जावेद अख्तर (फोटो- एक्सप्रेस आर्काइव)

अफगानिस्तान में तालिबानी शासन रोज महिलाओं के खिलाफ नए-नए फरमान जारी कर रहा है। इन फरमानों पर कई लोग तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। इसी क्रम में बॉलीवुड लेखक जावेद अख्तर ने तालिबान के फरमानों को लेकर मुस्लिम संगठनों पर हमला बोला है।

जावेद अख्तर ने तालिबान के उस फैसले की आलोचना करते हुए गुस्सा जाहिर किया, जिसमें तालिबान ने कामकाजी महिलाओं को घर के अंदर रहने का आदेश दिया है। जावेद इन फैसलों को लेकर उन संगठनों पर निशाना साधते नजर आए, जो लगातार तीन तलाक का बचाव कर रहे थे।

जावेद अख्तर ने ट्वीट कर कहा – “अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार काबुल के मेयर ने सभी कामकाजी महिलाओं को घर पर रहने का आदेश दिया है। मुझे उम्मीद है कि सभी महत्वपूर्ण मुस्लिम संगठन इसकी निंदा करेंगे, क्योंकि यह उनके धर्म के नाम पर किया जा रहा है, वे सभी कहां हैं, जो कल तक तीन तलाक के बचाव में चिल्ला रहे थे”।

तालिबान के अफगानिस्तान में सत्ता में आते ही, महिलाओं के लिए जिंदगी मुश्किलों से भरी दिख रही है। लड़कियों के खेल-कूद पर पहले ही प्रतिबंध लगा चुका। अब उनके काम करने पर भी इन आदेशों से ग्रहण लग गया है। इससे पहले तालिबान महिला मंत्रालय को भी बंद कर चुका है।

बता दें कि जावेद अख्तर पहले बीजेपी और आरएसएस की तुलना तालिबान से करके विवादों में घिर चुके हैं। इस बार जावेद अख्तर ने मुस्लिम संगठनों को ही निशाने पर ले लिया है। दरअसल जब केंद्र की सरकार तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाते हुए इसे गैरकानूनी घोषित कर रही थी, तो कुछ मुस्लिम संगठन और पार्टियां इसे गलत बता रहे थे।

तीन तलाक के खिलाफ कानून के लिए कुछ संगठन लगातार केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा करते रहे हैं। इस बार जावेद ने तालिबानी कारनामों को याद दिलाते हुए उन संगठनों पर निशाना साधा है, जो तीन तलाक के बचाव में खड़े थे। इससे पहले जावेद अख्तर ने उन देशों की भी आलोचना की थी, जो तालिबान को मान्याता दे रहे थे। उन्होंने तब कहा था कि हर लोकतंत्रिक देश को तालिबान को मान्यता नहीं देनी चाहिए, साथ ही महिलाओं के दमन के लिए तालिबान का विरोध करना चाहिए।

जावेद अख्तर का ये ट्वीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

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