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जम्मू-कश्मीरः जनवरी से जून तक 67 युवा बने आतंकी, 24 का काम तमाम और 12 गिरफ्तार

आतंकवादियों ने पिछले एक महीने में 2 बार ऑपरेशन के दौरान मस्जिद का गलत इस्तेमाल किया है। कश्मीर के आईजी ने कहा कि 'मैं मस्जिद कमेटी से अपील करना चाहूंगा कि वो धार्मिक स्थलों को आतंकवादियों को इस्तेमाल ना करने दें।'

CRIME, CRIME NEWSआईजी ने बताया कि आतंकी छिपने या फायरिंग करने के लिए मस्जिद का इस्तेमाल करने से भी नहीं चूक रहे। फोटो सोर्स – ANI

जम्मू कश्मीर को आंतक मुक्त करने में जुटे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस टीम को लगभग हर दिन कामयाबी हाथ लग रही है। कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने मीडिया को जानकारी दी है कि इस साल जनवरी से लेकर जून तक करीब 67 युवा लड़कों ने आतंकी संगठन ज्वायन किया। इनमें से 24 मारे गए, 12 गिरफ्तार किये गये और बाकी बचे युवा अभी सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि साल 2019 में जनवरी से लेकर जून तक के महीने में 129 युवाओं ने आतंकवाद का दामन थामा था। आईजी विजय कुमार ने युवाओं से अपील की है कि आतंकवाद का साथ छोड़ कर मुख्यधारा में लौट आएं।

आपको बता दें कि इससे पहले आज आतंकवादियों और सुरक्षा बल के जवानों के बीच सोपोर में भीषण मुठभेड़ हुई। आईजी विजय कुमार ने इस बारे में भी जानकारी दी है कि ‘आतंकवादियों ने सोपोर में सीआरपीएफ पार्टी पर एक मस्जिद से फायरिंग की। जिसकी वजह से एक जवान और एक नागरिक की मौत हो गई। फायरिंग की चपेट में आने से तीन जवान जख्मी भी हो गए। आतंकवादियों ने पिछले एक महीने में 2 बार ऑपरेशन के दौरान मस्जिद का गलत इस्तेमाल किया है। मैं मस्जिद कमेटी से अपील करना चाहूंगा कि वो धार्मिक स्थलों को आतंकवादियों को इस्तेमाल ना करने दें।’

बताया जा रहा है कि सोपोर से कुपवाड़ा जा रहे एक आम नागरिक की गाड़ी आतंकवादियों की फायरिंग के बीच में आ गई। इस फायरिंग में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। दरअसल बुजुर्ग ने गाड़ी से उतरकर सुरक्षित जगह पर जाने की कोशिश की लेकिन फायरिंग की चपेट में आने से उनकी मौत हो घई। बाद में उनके साथ कुपवाड़ा जा रहे उनके पोते को सुरक्षा बलों ने जान पर खेलकर बचा लिया।

सोपोर के एसएचओ ने बताया कि ‘जब हम वहां पहुंचे थे हमने जो देखा हम उससे काफी परेशान हो गए। हमार प्राथमिकता थी कि हम पहले बच्चे को बचाएं। हालांकि यह बहुत चुनौतीपूर्ण था क्योंकि आतंकवादी हमपर लगातार फायरिंग कर रहे थे। यह बच्चा अपने दादा के साथ हंदवाड़ा जा रहा था।’

आपको बता दें कि इस साल जम्मू कश्मीर में सेना ने आतंकवादियों पर कड़ा प्रहार किया है। हिज्बुल, लश्कर के कई शीर्ष आतंकी अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराए गए हैं। त्राल और डो़डा जिले में तो आतंकवाद का पूरी तरह सफाया ही कर दिया गया है।

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