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वाहन चेकिंग के दौरान BJP नेता को पकड़ा तो कहने लगे अपशब्द, चालान काट मुकदमा दर्ज कराने वाले अफसर अमित पाठक की कहानी…

एसटीएफ में तीन साल के कार्यकाल के दौरान अमित पाठक ने कई सनसनीखेज घटनाओं का खुलासा किया था। इनमें सोशल मीडिया में 3700 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश कर उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार किया था

crime, crime newsIPS अजय पाठक को बच्चों से भी काफी लगाव रहा है। फोटो सोर्स – सोशल मीडिया

इस पुलिस अफसर के बारे में कहा जाता है कि वो जहां कहीं भी अपनी सेवा देते हैं, कानून को अपने हाथ में लेने वालों को जमकर सबक सिखाते हैं। हम बात कर रहे हैं साल 2007 के आईपीएस अधिकारी अमित पाठक की। इसी साल मार्च के महीने में जब उन्होंने गाजियाबाद जिले में पुलिस कप्तान की कमान संभाली थी तब साफ कर दिया था कि संगठित अपराध करने वाले गैंग और आदतन अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लुटेरों, डकैतों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा था कि किसी भी कीमत पर उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

इससे पहले अमित पाठक वाराणसी में भी अपनी बेमिसाल सेवा दे चुके हैं। इसी तरह मुरादाबाद में अपनी पोस्टिंग के दौरान आईपीएस अमित पाठक ने कई बड़े कारनामों को अंजाम दिया था। मुरादाबाद को अतिक्रमण से लगभग मुक्त कराने का श्रेय इसी निडर औऱ साहसी अफसर को जाता है।

साल 2019 में अमित पाठक ने थाना सिविल लाइन क्षेत्र में वाहन चेकिंग अभियान चलाया था। बगैर हेलमेट औऱ लाइसेंस बाइक चला रहे कई लोगों पर उस वक्त कार्रवाई की गई थी और उनसे जुर्माना वसूला गया था। इसी दौरान जब अपनी बाइक से बिना हेलमेट आ रहे बीजेपी के एक स्थानीय नेता अरविंद को जब पुलिस ने रोका तो वो भड़क गए। चेकिंग कर रहे इंस्पेक्टर शक्ति सिंह ने भाजपा नेता की बाइक की चाबी निकाल ली।

इसके बाद भाजपा नेता भड़क गए। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उस वक्त भाजपा नेता गालियां देने लगें। उनसे थोड़ी ही दूर पर उस वक्त पुलिस कप्तान अमित पाठक खड़े थे। इस बात की सूचना मिलते ही वो मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अरविंद का ना सिर्फ चालान कटावाया बल्कि संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश भी दिया था।

आईपीएस अमित पाठक का जन्म उन्नाव में 22 जनवरी 1979 को हुआ था। अमित पाठक केमेस्ट्री से एमएससी हैं। यूजीसी नेट क्वालीफाई कर वह कानपुर विश्वविद्यालय में ऑर्गेनिक केमेस्ट्री के लेक्चरर नियुक्त हुए थे। वर्ष 2007 में आईपीएस चयनित होने के बाद बेहतर पुलिसिंग की बदौलत अमित पाठक हमेशा सुर्खियों में रहे।

एसटीएफ में तीन साल के कार्यकाल के दौरान अमित पाठक ने कई सनसनीखेज घटनाओं का खुलासा किया था। इनमें सोशल मीडिया में 3700 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश कर उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनसे 650 करोड़ रुपये की बरामदगी की थी। इसके अलावा पेट्रोल पंपों पर घटतौली और चिप के मामले का भी उन्होंने खुलासा किया था।

बिहार के चर्चित डॉक्टर दंपती अपहरण कांड का पर्दाफाश भी अमित पाठक की उपलब्धि में शामिल है। एसटीएफ ने अमित के नेतृत्व में डॉक्टर दंपती को सकुशल बरामद किया था। इसके अलावा बिजनौर में एनआइए अधिकारी तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या का पर्दाफाश भी उनकी उपलब्धियों में शामिल है।

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