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इंटरनेशनल बाइक राइडर की हत्या मामले में फरार पत्नी चार साल बाद अरेस्ट, दोस्तों पर लगा था कत्ल का आरोप

International Biker Daeath: राजस्थान के जैसलमेर में केरल के एक बाइकर की रहस्यमयी मौत के चार साल बाद पुलिस ने उसकी पत्नी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है।

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बाइकर असबाक मोन की पत्नी सुमेरा परवेज को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया है। (Photo Credit – Twitter/@JaisalmerPolice)

राजस्थान के जैसलमेर में केरल के एक बाइकर की रहस्यमयी मौत के चार साल बाद पुलिस ने उसकी पत्नी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। कथित तौर पर दंपति के दोस्त दो लोगों को इस मामले में पहले गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि, साल 2018 में इंटरनेशनल बाइक राइडर असबाक मोन को रेगिस्तान में मार दिया गया था। पुलिस ने इसे पहले सामान्य मौत कहा लेकिन केस फिर से खुला तो असबाक की पत्नी व दोस्त पर हत्या का आरोप लगा था।

बाइकर असबाक मोन की पत्नी सुमेरा परवेज को शुक्रवार (13 मई) को साइबर सेल की मदद से बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया। वह असबाक की हत्या के बाद से ही फरार चल रही थी। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। साल 2018 में असबाक अपने दोस्तों संजय, विश्वास और अब्दुल साबिर के साथ एक मोटरस्पोर्ट्स इवेंट में भाग लेने के लिए बेंगलुरु से जैसलमेर गए थे।

प्रतियोगिता से पहले 16 अगस्त, 2018 को रेगिस्तान में एक अभ्यास के दौरान बाइकर की मौत हो गई थी। पुलिस द्वारा शुरू में कहा गया था कि वह रेगिस्तान में रास्ता भटक गया था और उसकी पानी और भूख के चलते मौत हो गई थी। इस मौत के बाद उसकी पत्नी ने भी कोई शंका जाहिर नहीं की थी, जिसके चलते पुलिस ने सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर मामला बंद कर दिया था।

हालांकि, बाद में केरल के कुन्नूर के रहने वाले असबाक की मां और भाई ने बाइकर की मौत में साजिश रचने का आरोप लगाया था। बाइकर के पोस्टमॉर्टम में कहा गया था कि उसकी मौत गर्दन पर चोट लगने से हुई है। लेकिन 20 दिसंबर को जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक अजय सिंह को बाइकर की मौत से जुड़ी घटना में कई विसंगतियां मिलने के बाद हत्या का मामला दर्ज किया था।

फिर कोर्ट में सुमेरा परवेज और अब्दुल साबिर के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 299 के तहत चार्जशीट पेश की गई। इसके बाद आरोपी को पकड़ने के कई प्रयास किए गए लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। हालांकि, जब जैसलमेर के एसपी भंवर सिंह नथावत द्वारा साइबर सेल विशेषज्ञों की एक विशेष टीम बनाई गई तो कई सालों से फरार सुमेरा परवेज को पकड़ लिया गया।

इस मामले में असबाक मोन के दोस्तों संजय और विश्वास को पिछले साल 22 सितंबर को बेंगलुरू से जैसलमेर में बाइकर की हत्या के साथ कथित तौर पर मिलीभगत करने और उसे अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वे फिलहाल जेल में बंद हैं। मामले में असबाक के परिवार की तरफ से यह बात भी सामने आई थी कि सुमेरा के संबंध किसी अन्य व्यक्ति से थे और संपत्ति को लेकर असबाक के साथ विवाद जारी था।

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