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तेलंगाना का खौफनाक कुंआ! 9 प्रवासियों की लाश मिलने से हड़कंप, सुसाइड की आशंका

Lockdown 4.0, 9 Migrants Dead Body Found in Well: बताया जा रहा है कि शकील जूट मिल में ड्राइवर था जबकि श्याम और श्रीराम इसी जूट मिल में काम करते थे।

india lockdown, crime, crime newsबताया जा रहा है कि यह लोग त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। सांकेतिक तस्वीर।

Lockdown 4.0, 9 Migrants Dead Body Found in Well: लॉकडाउन के चौथे चरण के दौरान तेलंगाना में एक साथ 9 प्रवासियों की लाश एक कुएं से मिलने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। वारंगल जिले के गोरेकुंता गांव में एक कुएं से एक के बाद एक नौ लोगों की लाश मिली है। इनमें से 6 लोग एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। यह भी जानकारी मिली है कि इनमें से 4 डेड बॉडी गुरुवार की शाम औऱ 5 अन्य लाशें शुक्रवार (22-05-2020) की सुबह मिली हैं।

पुलिस ने यहां बताया है कि मकसूद आलम और उसकी पत्नी 20 साल पहले वारंगल में काम की तलाश में आए थे। यह दोनों मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। वो लोग यहां जूट बैग सिलने का काम करते थे। पुलिस ने बताया कि मकसूद आलम, उसकी पत्नी, बेटी, तीन साल की उनकी पोती, आलम के बेटे सोहेल और शादाब की डेड बॉडी मिली है। इसके अलावा त्रिपुरा के रहने वाले शकील अहमद और बिहार के रहने वाले श्रीराम और श्याम की डेड बॉडी भी कुएं से बरामद की गई है।

पुलिस अभी यह मानकर चल रही है कि एक ही परिवार के 6 सदस्यों ने सुसाइड किया है। हालांकि तीन अन्य शव भी कुएं से मिले हैं लिहाजा पुलिस अलग-अलग एंगल से पूरे मामले की जांच कर रही है।

बताया जा रहा है कि आलम का परिवार करीमाबाद में किराये के मकान में रहता था। लॉकडाउन होने के बाद उन्होंने मकान मालिक से आग्रह किया था कि वो उन्हें गोदाम के एक कमरे में रहने की अनुमति दें। जिसके बाद वो लोग ग्राउंड फ्लोर पर बने गोडाउन के एक कमरे में रहते थे। इसके अलावा अन्य तीन लोग इसी बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर रहते थे।

यह घटना उस वक्त उजागर हुई जब जूट मिल के मालिक एस. भास्कर ने गुरुवार को गोदाम पहुंचे थे औऱ परिवार के सदस्य उन्हें लापता नजर आए। शुरू में पुलिस को ऐसा लगा कि फर्स्ट फ्लोर पर रहने वाले युवक परिवार के लापता होने में शामिल हैं। लेकिन उनकी लाश मिलने के बाद पुलिस ने मामले में जांच का एंगल बदल दिया है।

बताया जा रहा है कि शकील जूट मिल में ड्राइवर था जबकि श्याम और श्रीराम इसी जूट मिल में काम करते थे। मकसूद की बेटी का तलाक हो चुका था और वो अपने तीन साल के बच्चे के साथ यहां रहती थी।

एस. भास्कर ने पुलिस को बताया है कि यह लोग फिलहाल आर्थिक तंगी से नहीं गुजर रहे थे। इनके पास खाने का राशन औऱ जरुरत भर पैसे थे। भास्कर ने पुलिस को यह भी बताया कि वो फैक्ट्री को फिर से शुरू करना चाहते थे लेकिन गुरुवार को जब वो वर्कर से मिलने गए तब उन्होंने देखा कि वो लोग अपने कमरे से गायब हैं।

उनका मोबाइल नंबर स्विच ऑफ था लिहाजा उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया। शाम के वक्त खोजबीन के दौरान इन लोगों की लाश कुएं से मिली। बहरहाल पुलिस ने इस मामले में परिवार के सदस्यों के कमरे की तलाशी भी ली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भी भेजा गया है और मामले में तफ्तीश जारी है।

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