अकूत संपत्ति, महंत की मौत और शिकंजे में शिष्य!

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष तथा श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के सूत्र तीर्थ नगरी हरिद्वार से जुड़े हैं।

महंत नरेंद्र गिरि। फाइल फोटो।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष तथा श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के सूत्र तीर्थ नगरी हरिद्वार से जुड़े हैं। महंत नरेंद्र गिरि ने अपनी आत्महत्या के लिए जिन लोगों को दोषी ठहराया है, उनमें उनके एक शिष्य स्वामी आनंद गिरि भी शामिल हैं जिनका हरिद्वार के गांव गाजीवाला श्यामपुर कांगड़ी में गंगा किनारे पांच सितारा किस्म का आश्रम है। महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद सोमवार की आधी रात को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की पुलिस ने इस आश्रम को घेर लिया था और लंबी पूछताछ के बाद उत्तर प्रदेश की पुलिस इसी आश्रम से आनंद गिरि को गिरफ्तार करके प्रयागराज ले गई थी। उत्तराखंड पुलिस ने आनंद गिरि की सुपुर्दगी उत्तर प्रदेश पुलिस को की थी। महंत नरेंद्र गिरि का हरिद्वार आना-जाना रहता था क्योंकि हरिद्वार में मायापुर में गंगा किनारे श्री निरंजनी पंचायती अखाड़े का मुख्यालय है।

महंत नरेंद्र गिरि ने ही कुंभ के मौके पर इस साल निरंजनी अखाड़े का आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि को बनाया था। तब भी अखाड़े और शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के बीच आचार्य महामंडलेश्वर को लेकर जबरदस्त विवाद चला था। प्रयागराज बाघंबर पीठ लेटे हनुमान जी की संपत्ति को लेकर हरिद्वार कुंभ के बाद महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य आनंद गिरि में विवाद हो गया था। तब आनंद गिरि को श्री निरंजनी पंचायती अखाड़े से महंत नरेंद्र गिरि के कहने पर इस साल 14 मई को बर्खास्त कर दिया गया था। बाद में 26 मई को हरिद्वार से प्रयागराज पहुंचकर आनंद गिरि ने महंत नरेंद्र गिरि से क्षमा याचना की थी। तब उन्होंने आनंद को माफ कर दिया और उन्हें गुरु पूर्णिमा में आने का न्योता दिया था परंतु वे प्रयागराज नहीं गए। अब रहस्यमय स्थितियों में महेंद्र नरेंद्र गिरि की मृत्यु की स्थितियों के कारण आनंद गिरि को भी जिम्मेदार ठहराया गया।

हरिद्वार में संपत्तियों के विवाद को लेकर कई साधुओं की पहले भी हत्याएं हो चुकी हैं। कुछ साल पहले महानिर्वाणी पंचायती अखाड़े के महंत सुधीर गिरि की संपत्ति विवाद को लेकर हत्या कर दी गई थी। चार साल पहले श्री पंचायती उदासीन बड़ा अखाड़ा के महंत कोठारी मोहनदास ट्रेन से रहस्यमय स्थितियों में गायब हो गए थे। इसके पीछे भी प्रॉपर्टी का विवाद था। एक दशक पहले श्री पंचायती उदासीन अखाड़ा के संपत्ति विवाद को लेकर दो महंतों की अखाड़े में ही हत्या कर दी गई थी।

महंत नरेंद्र गिरि का चेला आनंद गिरि शौकीन मिजाज का है। वह विदेशों में घूमने का शौक रखता है। जापान, जर्मनी, आस्ट्रेलिया सहित उसने कई देशों की यात्रा की। उसे बड़ी-बड़ी आलीशान गाड़ियों में घूमने का शौक है। वह पांच सितारा सुविधाओं में रहना पसंद करता है। महंत नरेंद्र गिरि की रहस्यमयी मौत ने निरंजनी अखाड़ा के साधु-संतों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। उनकी मौत से साधु समाज पर कई सवाल उठ रहे हैं और साधु समाज बचाव की मुद्रा में है।

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