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आय से 500 फीसदी अधिक संपत्ति बनाने के मामले में IAS राम विलास यादव को विजिलेंस ने किया गिरफ्तार

IAS Ram Vilas Yadav Arrested: आईएएस अधिकारी राम विलास यादव को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। उत्तराखंड सरकार ने राम विलास यादव को पहले ही उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले के चलते निलंबित कर दिया था।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। (Photo Credit – Pixabay)

आईएएस अधिकारी राम विलास यादव को भ्रष्टाचार के आरोपों में बुधवार को देर रात विजिलेंस विभाग ने गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि, उत्तराखंड सरकार ने राम विलास यादव को उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले के चलते निलंबित कर दिया था। विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, आईएएस अधिकारी को दिन भर की पूछताछ के बाद बीती देर रात में अरेस्ट कर लिया गया था।

निलंबित आईएएस अधिकारी राम विलास यादव पर आरोप है उन्होंने आय से 500 फीसदी अधिक संपत्ति बनाई थी। इस मामले में देर रात कार्रवाई के बाद उत्तराखंड के विजिलेंस विभाग के निदेशक अमित सिन्हा ने एएनआई को बताया था कि “आईएएस राम विलास यादव को आय से अधिक संपत्ति बनाने के आरोप में विजिलेंस विभाग ने पूछताछ की है।”

अमित सिन्हा ने आगे कहा कि उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिसके बाद आईएएस राम विलास यादव को दिन भर की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि राम विलास यादव इस पूछताछ में ठीक से सवालों का जवाब देने के बजाए अधिकारियों को उलझा रहे थे।

बता दें कि, आईएएस के खिलाफ लखनऊ के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद उत्तराखंड विजिलेंस ने इस मामले के सिलसिले में लखनऊ विकास प्राधिकरण के पूर्व सचिव राम विलास यादव के परिसरों पर छापेमारी की थी। इससे पहले, आईएएस राम विलास यादव के खिलाफ 19 अप्रैल को मामला दर्ज किया गया था। साथ ही गाजीपुर और गाजियाबाद में भी छापेमारी की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, आईएएस अधिकारी ने अपनी आय से 500 फीसदी अधिक की संपत्ति अर्जित की थी।

विजिलेंस विभाग ने राम विलास यादव को पूछताछ के लिए भी तलब किया था, लेकिन लखनऊ विकास प्राधिकरण के पूर्व सचिव रहे यादव ने समन पर ध्यान नहीं दिया था। बता दें कि, गिरफ्तारी से बचने के लिए राम विलास यादव ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने उन्हें राहत नहीं दी थी और विजिलेंस विभाग के सामने बयान दर्ज कराने का आदेश दिया था।

बता दें कि, आईएएस अधिकारी राम विलास यादव को साल 2019 में उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड स्थानांतरित कर दिया गया था और फिर उन्हें उत्तराखंड में ग्रामीण विभाग में अतिरिक्त सचिव बनाया गया था। हालांकि, अब विजिलेंस ने आईएएस यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है।

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