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5 महीने में जिले को कर दिया प्लास्टिक फ्री, इस IAS अफसर की लगन और मेहनत को सभी करते हैं सलाम

जिले में सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली फेक न्यूज को रोकने की दिशा में भी मीर मोहम्मद अली ने बेहतरीन काम किया।

crime, crime newsIAS मीर मोहम्मद अली। फोटो सोर्स- वीडियो स्क्रीनशॉट

आईएएस ऑफिसर मीर मोहम्मद अली की गिनती उन चुनिंदा अफसरों में होती है जिन्होंने अपने काम के प्रति ईमानदारी और कड़ी लगन से लोगों के बीच खास पहचान बनाई है। यहां आपको बता दें कि अप्रैल 2017 में केरल का कन्नूर भारत का पहला ऐसा जिला बना, जो कि प्लास्टिक फ्री जिला है और यह कारनामा महज पांच महीनों में हुआ था। इस कारनामे में जिले के तत्कालीन कलेक्टर मीर मोहम्मद अली का अहम योगदान रहा। जिसकी वजह से वो काफी मशहूर हुए।

मीर मोहम्मद अली का जन्म तमिलनाडु के चेन्नई में 19 फरवरी, 1987 को हुआ। उन्होंने साल 2008 में B.S. Abdur Rahman Crescent Engineering College (अब- B.S.A. Crescent University) से ग्रेजुएशन किया। उन्होंने B.E. Electronics and Communication की डिग्री हासिल की थी।

इसके बाद मीर मुहम्मद अली यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली चले आए। इसी दौरान उन्होंने राजनीति शास्त्र से एमए भी किया। साल 2010 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की औऱ 59वां रैंक हासिल किया। मीर मोहम्मद अली ने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की थी।

अपनी ट्रेनिंग के दौरान मीर मोहम्मद अली कोजीखोड जिले में असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर तैनात थे। साल 2013 में वो थ्रिसूर जिले में सब-कलेक्टर के पद पर तैनात हुए। इसके बाद वो जिला कलेक्टर के तौर पर कन्नूर जिले में पदस्थापित हुए।

कन्नूर जिले में मीर मोहम्मद अली यूं ही लोकप्रिय नहीं हैं। उन्होंने यहां पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखने वाले बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए बड़ा प्रयास किया औऱ उनकी प्रयासों के बदौलत कन्नूर के जंगली इलाकों में रहने वाले आदिवासी लोगों के बच्चे भी शिक्षा की तरफ अग्रसर हुए।

कन्नूर वहीं जिला है जो कभी राजनीतिक दलों की आपसी हिंसा के लिए काफी विख्यात रहा था। लेकिन यहां कलेक्टर बनने के बाद मीर मोहम्मद अली ने जिले की छवि को काफी हद तक बदल डाला। जिले में साफ-सफाई के अलावा उन्होंने जिला पंचायत, ग्राम पंचायत, स्कूल को एक साथ जोड़ने की दिशा में प्रयास किया।

जिले में सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली फेक न्यूज को रोकने की दिशा में भी मीर मोहम्मद अली ने बेहतरीन काम किया। खासकर बच्चों को इन झूठी दुष्प्रचारों के खिलाफ जागरूक करने के उनके प्रयास को लोगों ने यहां काफी सराहा भी है।

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