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25 साल बाद घर आया साधु, पत्‍नी ने कर्ज लेकर भंडारे के लिए 5 लाख रुपए दिए, फिर गायब हो गया

श्यामपरी देवी ने दो दिनों तक अपने पति का इंतजार किया और फिर रिश्ते में विश्वासघात से आहत होकर अपनी गुहार लेकर एसपी कार्यालय पहुंची। उसने अपने पति पर उसके साथ विश्वासघात कर ठगी करने का आरोप लगाया है।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Pixabay)

साधु का वेश धारण कर लोगों को लुटने वाले बहरूपियों के बारे में आपने अक्सर सुना होगा। लेकिन आज हम एक ऐसे शख्स की बात कर रहे हैं जिसने साधु का चोला पहनकर अपनी ही पत्नी को लूट लिया। यह घटना बिहार के बेगूसराय की है। बेगूसराय के मटिहानी थाना क्षेत्र के चकबल्ली दियारा का रहने वाला रामाशीष पासवान साल 1993 में अचानक गायब हो गया था। उस वक्त उसके घर में उसकी पत्नी श्यामपरी देवी और उसका एक महीने का बेटा भी था। करीब पांच साल तक अपने पति का शिद्दत से इंतजार करने के बाद श्यामपरी ने अपने पति को मृत मान लिया और विधवा की जिंदगी जीने लगी। लेकिन करीब 25 साल बाद अचानक श्यामपरी की जिंदगी में अचानक उस वक्त खुशियां लौट आईं जब बीते 7 सितंबर को रामाशीष अचानक वापस अपने घर लौट आया।

रामाशीष का हूलिया देख एक बार तो उसकी पत्नी भी चौंक गई। रामाशीष ने अपनी पत्नी और गांव वालों को बतलाया कि अब वो गुदड़ी बाबा बन चुका है। इसलिए उसने साधुओं का वेश धारण कर लिया है। रामाशीष के साथ उसके घर पर एक और शख्स भी आया था जिसे रामाशीष अपना शिष्य बता रहा था। रामाशीष के लौटने से जहां उसकी पत्नी गदगद थी तो वहीं उसके दोस्त और गांव वाले भी काफी खुश थे। रामाशीष ने सभी को बतलाया कि अब वो अपनी पत्नी को छोड़ कर नहीं जाएगा। लेकिन श्यामपरी देवी की जिंदगी में लौटी खुशियां ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकीं। रामाशीष ने अपनी पत्नी श्यामपरी देवी से कहा कि वो गृहस्थ जीवन तब ही जी सकता है जब वो गोरखपुर में एक भंडारा करेगा। रामाशीष ने अपनी पत्नी को बतलाया कि भंडारा के आयोजन में ढाई लाख रुपए खर्च होंगे।

श्यामपरी अपने पति को दोबारा किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहती थी। उसने लोगों से कर्ज लेकर अपने पति को भंडारा आयोजित करने के लिए ढाई लाख रुपए दे दिये। रामाशीष ने अपने चेले को यह पैसे देकर उसे कहीं भेज दिया। इसके बाद रामाशीष ने अपनी पत्नी से कहा कि भंडारे के बाद उसे 6 भर जेवरात अपने गुरू को देने होंगे। भोली श्यामपरी अपने पति के झांसे में आ गई और घर में रखे अपने गहने लेकर वो अपने पति के साथ गोरखपुर के लिए निकल पड़ी। लेकिन रास्ते में रामाशीष ने अपनी पत्नी से गहने ले लिए और उसे यह कह कर घर भेज दिया कि वो अगले दिन फिर घर वापस आ जाएगा। लेकिन पत्नी के ढाई लाख के जेवरात लेकर वो अब तक नहीं लौटा।

श्यामपरी देवी ने दो दिनों तक अपने पति का इंतजार किया और फिर रिश्ते में विश्वासघात से आहत होकर अपनी गुहार लेकर एसपी कार्यालय पहुंची। उसने अपने पति पर उसके साथ विश्वासघात कर ठगी करने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस से न्याय की गुहार लगाने के बाद फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।

 

 

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