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हाथरस में विवाद के बाद घर से उठा ले गई थी पुलिस, हिरासत में मौत के बाद 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Hathras Custodial Death: हिरासत में मौत के मामले में मृतक के परिजनों की ओर से आठ लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या का प्रयास के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। जबकि चार पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। (Photo Credit – Indian Express)

हाथरस के बिसाना गांव में मंगलवार को पुलिस हिरासत में 55 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक राजकुमार सिंह चौहान को सोमवार रात को उनके पड़ोसी के साथ हुई लड़ाई के लिए गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि ऑटोप्सी रिपोर्ट में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है। हिरासत में मौत के मामले में उसके परिजनों की ओर से एसएचओ, सब-इंस्पेक्टर और पीड़ित के पड़ोसी आकाश समेत आठ लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस उप महानिरीक्षक (अलीगढ़ रेंज) दीपक कुमार ने कहा कि चांदपा एसएचओ सहित चार पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। कुमार ने कहा कि इस मामले में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा एक मजिस्ट्रियल जांच को भी चिह्नित किया गया है। दीपक कुमार ने कहा, “हम न्यायिक जांच के लिए जिला न्यायाधीश को एक रिपोर्ट भी भेजेंगे।”

डीआईजी दीपक कुमार ने कहा कि मामले की जांच दूसरे जिले की अपराध शाखा द्वारा की जाएगी। पुलिस ने कहा कि उन्हें सोमवार रात करीब 10 बजे झड़प की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उन्होंने दो समूहों को एक-दूसरे पर पथराव करते हुए देखा। ऐसे में उन्होंने राजकुमार और उनके पड़ोसी आकाश को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया था।

एसपी बिकाश कुमार बैद्य ने कहा कि आरोपी ने सुबह करीब 4 बजे बेचैनी की शिकायत की और तीन पुलिस कर्मियों द्वारा तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के बाद उसे वापस थाने भेज दिया गया, लेकिन सुबह करीब साढ़े छह बजे उसकी हालत बिगड़ गई। उन्हें एक बार फिर अस्पताल ले जाया गया, जहां राजकुमार की मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है।

हालांकि, परिजनों ने राजकुमार की मौत में पुलिस का हाथ होने का आरोप लगाया। प्राथमिकी में मृतक के भाई रमन सिंह ने दावा किया कि राजकुमार को उनके बाएं हाथ और दाहिने पैर में गोली लगी थी, जब उनके पड़ोसी ने “मारने के इरादे से उन पर गोलियां चलाईं थीं”। रमन ने आरोप लगाया कि पुलिस मेरे भाई को थाने ले गई, जहां उसे बुरी तरह से पीटा गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने उसे भर्ती नहीं किया और वापस थाने लाकर उसके साथ मारपीट की। फिर पुलिस ने उसे मार डाला

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