ताज़ा खबर
 

गुजरात: लाला भाई पटेल निकला ‘असलम शेख’, ATS ने बेरहम हत्यारे को 9 साल बाद यूं दबोचा

यह अपने शिकार का हाथ-पैर बांध देते थे और उसे जिंदा ही नहर में फेंक देते थे। एक बार असलम शेख ने एक ट्रक पर लदे 5 ट्रैक्टर लूट लिए और ड्राइवर को जिंदा ही नहर में फेंक दिया था।

यह बेरहम हत्यारा अपने शिकार के हाथ-पांव बांध उन्हें जिंदा ही नहर में फेंक देता था। फोटो क्रेडिट – नरेंद्र कुमार

गुजरात के Anti-Terrorist Squad को शुक्रवार (26-06-2020) को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। टीम ने करीब 9 साल बाद एक ऐसे बेरहम हत्यारे को दबोचा है जिसने अपनी पहचान पूरी तरह छिपा ली थी। इसने अपने गुर्गों के साथ मिलकर 5 हत्याएं की और फिर बरसों तक पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर छिपा रहा।

ATS ने यूं दबोचा: 9 साल से जिस अपराधी को पुलिस तलाश रही थी उसके बारे में ATS ने कई सारी गुप्त जानकारियां जुटाई। तीन महीने तक तकनीकि सर्विलांस का सहारा लिया गया। उप पुलिस अधीक्षक केके पटेल ने बताया कि इस अपराधी को सूरत के वेशु इलाके से दबोचा गया है। यह अपराधी अपनी पहचान छिपा कर यहां रह रहा था। उसे उसके घर से पकड़ा गया है।

लाला भाई पटेल निकला ‘असलम शेख’: पुलिस को इस वांछित अपराधी की शिद्दत से तलाश थी। करीब 9 साल बाद जब उसे पुलिस ने पकड़ा तो उसने अपना नाम लाला भाई पटेल बताया। शुरू में तो एटीएस भी उसका नाम सुनकर थोड़ा चौंक गई। लेकिन तफ्तीश में खुलासा हुआ कि दरअसल एटीएस जिसे लाला भाई पटेल समझ रही है वो वहीं ‘असलम शेख’ है जिसकी तलाश उन्हें बरसो से थी। पता चला कि लाला भाई पटेल बनकर असलम शेख ने फर्जी कागजात दिखाए थे और एक नर्स से शादी भी कर ली थी। 36 साल के असलम शेख के तीन बच्चे भी थे।

25-30 हजार के लिए करता था मर्डर: बताया जा रहा है कि गुजरात के माहीसागर जिले के बालासिनोर शहर का रहने वाला ‘असमल शेख’ अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। परिवार के पास एक पेट्रोल पंप और ट्रैक्टर शो-रूम भी था। घर में दौलत की कोई कमी नहीं थी बावजूद इसके असलम महज 25-30 हजार रुपए के लिए किसी की भी हत्या करने से नहीं चूकता था।

शिकार के हाथ-पैर बांध नहर में फेंक देता: बताया जा रहा है कि साल 2008 से 2011 के बीच असलम शेख और उसके सहयोगियों ने पांच हत्याएं की। यह सभी ड्राइवर और क्लीनर थे। हत्या के बाद वो इनके ट्रैक्टर को चुरा लेता था और मामूली रुपए के लिए बेच भी देता था। यह अपने शिकार का हाथ-पैर बांध देते थे और उसे जिंदा ही नहर में फेंक देते थे। एक बार असलम शेख ने एक ट्रक पर लदे 5 ट्रैक्टर लूट लिए और ड्राइवर को जिंदा ही नहर में फेंक दिया था।

अस्पताल में हेल्पर बन छिपाई पहचान: पुलिस ने साल 2011 में असलम शेख के साथियों को गिरफ्तार कर लिया था। जानकारी मिलते ही असलम गोवा भाग गया। बाद में वो सूरत लौटा और उसने अपनी पहचान छिपाकर एक अस्पताल में हेल्पर की नौकरी ज्वायन कर ली। लेकिन कहते हैं अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों ना हो कानून की नजरों से वो नहीं बच सकता। 9 साल बाद उसका चेहरा बेनकाब हो गया और आज वो कानून के शिकंजे में है।

Next Stories
1 मशहूर धर्मगुरु महाराज इंदुरिकर के खिलाफ PCPNDT एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, सत्संग में भ्रूण को लेकर कही थी यह बात…
2 लॉकडाउन के दौरान पुलिस कॉन्स्टेबल ने किया लड़की का रेप, 13 साल की नाबालिग की शिकायत पर आऱोपी गिरफ्तार
3 जम्मू कश्मीर: अनंतनाग में CRPF की टीम पर हमला, 1 जवान शहीद एक बच्चे की भी मौत
ये  पढ़ा क्या?
X