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जीऊं या मर जाऊं, लड़की ने सोशल मीडिया पर पोल करा उठा लिया एक खौफनाक कदम

बता दें कि इस लड़की की एक दोस्त ने बताया कि यहां D का मतलब Death है और L का मतलब Life है। इस पोल पर ज्यादातर लोगों ने Death के पक्ष में वोट दिया।

suicide, crime, crime newsइस सर्वे के दौरान लड़की को कई तरह की प्रतिक्रियाएं मिलीं। प्रतीकात्मक तस्वीर।

इस खबर को जानने के बाद आप यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि आज सोशल मीडिया का दखल हमारी जिंदगी में किस कदर बढ़ गया है। यूं तो सोशल मीडिया के कई फायदे हैं लेकिन क्या कोई इंसान इसी सोशल मीडिया के जरिए अपनी जान भी दे सकता है? मलेशिया में 16 साल की एक लड़की ने सुसाइड कर लिया। दरअसल इस लड़की ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक पोल करवाया। इस पोल में लड़की ने यूजर्स से पूछा कि मैं जीऊं या मर जाऊं? बड़ी हैरानी की बात है कि करीब 69 फीसदी लोगों ने लड़की के इस पोल पर अपना जवाब देते हुए कहा कि उसे मर जाना चाहिए।

‘द गार्जियन’ में छपी खबर के मुताबिक मलेशिया में जांच अधिकारियों ने इस लड़की का नाम उजागर करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस लड़की ने फोटो शेयरिंग ऐप पर मैसेज डाल कर पोल कराया। इस लड़की ने लिखा ‘सच में काफी जरुरी है…मेरी मदद करें D/L चुनने में। बता दें कि इस लड़की की एक दोस्त ने बताया कि यहां D का मतलब Death है और L का मतलब Life है। इस पोल पर ज्यादातर लोगों ने Death के पक्ष में वोट दिया। इसके बाद बीते 13 मई को इस लड़की ने अपने घर की छत से छलांग लगा दी।

लड़की के द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद यहां वकीलों का कहना है कि जिन लोगों ने सोशल मीडिया पर Death के पक्ष में मत दिया वो लड़की को आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पेनांग के नॉर्थ-वेस्टर्न स्टेट के सांसद और वकील रामकृपाल सिंह ने कहा है कि ‘अगर इंस्टाग्राम पर यूजर्स लड़की की हिम्मत बढ़ाते की उसे जिंदा रहना चाहिए तो शायद वो आज हमारे बीच जिंदा होती..क्या सचमुच इन यूजर्स के फैसले ने लड़की को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया।’ बता दें कि मलेशिया में आत्महत्या करना कानूनन जुर्म है और किसी को सुसाइड के लिए उकसाना भी यहां अपराध माना जाता है।

मलेशिया के युवा और खेल मंत्री सैयद शादिक सैयद अब्दुल रहमान ने कहा कि ‘इस तरह की ट्रेजडी यह बताती है कि देश में लोगों के दिमागी स्वास्थ्य पर चर्चा होनी चाहिए। मैं देश के युवाओं के दिमागी स्वास्थ्य को लेकर सचमुच काफी चिंतित हूं। यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है और इसे काफी गंभीरता से लिए जाने की जरुरत है।’

बता दें कि साल 2017 में ब्रिटेन के रहने वाले 14 साल के एक लड़के मॉली रसेल ने भी सुसाइड कर लिया था। मॉली के परिजनों ने उस वक्त कहा था कि उसने ऐप पर सुसाइड संबंधी तस्वीरें देखने के बाद यह कदम उठाया है। इसके बाद फरवरी के महीने में इंस्टाग्राम की तरफ से कहा गया था कि वो ऐप पर मौजूद संवेदनशील तस्वीरों को हटाने की दिशा में काम करेगा। इधर लड़की की मौत पर इंस्टाग्राम की तरफ से भी बयान आया है। इंस्टाग्राम ने बच्ची की मौत पर दुख जताया है। इंस्टाग्राम की तरफ से कहा गया है कि ‘यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इसे ऐसा बनाए कि इसे इस्तेमाल करने वाले लोग खुद को महफूज समझें।’ इंस्टाग्राम ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें ऐप पर कुछ भी संवेदनशील नजर आता है तो वो रिपोर्टिंग टूल्स का इस्तेमाल करें। (और…CRIME NEWS)

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