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600 गुंडों की बनाई फौज, अवैध शराब, जिस्मफरोशी और जुए का रैकेट चलाने वाले गैंगस्टर Al Capone की कहानी

कहा जाता है कि Capone ने पुलिसवाले, न्यायाधीश और यहां तक की मेयर को को भी घूस देने की कोशिश की।

crime, crime news, biharतस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

न्यूयॉर्क के Brooklyn में साल 1899 में जन्में Al Capone ने छठी तक पढ़ाई के बाद पढ़ाई-लिखाई छोड़ एक खूंखार स्ट्रीट गैंग को ज्वायन कर लिया। इस गैंग का लीडर Johnny Torrio हुआ करता था। साल 1920 में Johnny Torrio के आमंत्रण पर Al Capone ने शिकागो में उसे ज्वायन कर लिया और यहां जॉनी ने Al Capone को अवैध शराब, जुआ के धंधे में मास्टर बनाया। Al Capone जल्दी ही जॉनी का राइट हैंड बन बैठा।

साल 1925 में जॉनी की हत्या की कोशिश हुई और बुरी तरह जख्मी हो गया। उसका कंट्रोल गैंग पर से हट गया और वो ब्रूकलीन वापस लौट आय़ा। उसके आने के बाद Al Capone गैंग का सरदार बन गया। उस वक्त कई गैंगवार हुए और Al Capone ने एक निडर गैंगस्टर की तरह अपनी भूमिका इन सभी गैंगवारों में निभाई।

Al Capone को दुनिया के सबसे ख़तरनाक और गैंगस्टर भी कहा जाता है। Capone ग़ैरक़ानूनी शराब, जिस्मफ़रोशी, जुए के रैकेट चलाता था। बताया जाता है कि इन धंधों से Capone की आय लगभग 100 मिलियन डॉलर सालाना थी। कहा जाता है कि Capone ने पुलिसवाले, न्यायाधीश और यहां तक की मेयर को को भी घूस देने की कोशिश की। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ Capone ने 600 गैंगस्टर को नौकरी पर रखा था जो दूसरे गैंग से Capone के धंधे की सुरक्षा करते थे।

17 मई, 1929 को Al Capone अपने बॉडीगार्ड के साथ फिलाडेल्फिया में पकड़ा गया और उसके पास कई अवैध और खतरनाक हथियार मिले। उसे एक साल की सजा मिली पर जेल में अच्छे व्यवहार की वजह से वो नौ महीने में ही जेल से बाहर आ गया।

28 फरवरी, 1931 Al Capone को एक फेडरल कोर्ट में अदालत की अवमानना का दोषी पाया गया। उसे कुक काउंटी जेल में 6 महीने की सजा हुई।

16 जून, 1931 को Al Capone को टैक्स चोरी के मामले में दोषी पाया गया। इस मामले में ट्रायल चलने के बाद इसी साल अक्टूबर के महीने में उसे 11 साल जेल की सजा हुई। इसके अलावा उसपर भारी जुर्माना भी लगा।

7 साल जेल में गुजारने के बाद Al Capone ने फाइन भरा और टैक्स के पैसे भी लौटाए जिसके बाद वो जेल से रिहा हो गया। बताया जाता है कि जेल से रिहा होने के बाद वो शिकागो में कभी सार्वजनिक तौर से नजर नहीं आया। वो काफी बीमार रहने लगा और अस्पताल में कई दिनों तक उसका इलाज चला। 25 जनवरी 1947 को स्ट्रोक औऱ निमोनिया की वजह से उसकी मौत हो गई।

 

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