ताज़ा खबर
 

पुलिस के संरक्षण में ‘मोहपाश’ का खेल

पुलिस के कहने पर पीड़ित आरोपियों को चौकी पर 50 हजार रुपए देने पहुंचा, तभी टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों को दबोच लिया। गिरोह से जुड़ी एक अन्य युवती का भी पता चला है।

Author June 12, 2019 1:39 AM
उत्तर प्रदेश पुलिस (प्रतीकात्मक तस्वीर- इंडियन एक्सप्रेस)

आशीष दुबे

सड़क किनारे खड़ी अकेली युवती को लिफ्ट देना खतरनाक भी साबित हो सकता है। नोएडा पुलिस ने मंगलवार को एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो पुलिस कर्मियों की मिलीभगत से कार चालक को ब्लैकमेल कर लाखों रुपए वसूलता था। पूरा गिरोह एक सब इंस्पेक्टर (चौकी प्रभारी) अन्य पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर संचालित कर रहा था। जिसमें दो महिला समेत अन्य लोग शामिल हैं।

गिरोह में शामिल युवतियां सूनसान सड़क के किनारे खड़े होकर कार चालकों से लिफ्ट लेती थीं। कार जैसे ही पुलिस की पीसीआर के पास पहुंचती थी, तो कार में बैठी युवती चिल्लाने लगती थी कि उसके साथ बलात्कार किया गया है। इसके बाद फिल्मी किरदारों की तरह पीसीआर पर तैनात पुलिसकर्मी कार चालक को चौकी लेकर पहुंचते थे। जहां युवती अपने गिरोह में शामिल दूसरे लोगों को बुला लेती थी। गिरोह में शामिल लोगों में एक वकील बन जाता था, जो अपने साथियों के साथ मिलकर वाहन चालक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर उसे जेल भिजवाने की धमकी देते थे। इस दौरान बीच-बचाव के नाम पर लाखों रुपए वसूल किए जाते थे।

वसूली का यह खेल छह महीने से चौकी प्रभारी के संरक्षण में खेला जा रहा था। सोमवार शाम को गिरोह के हाथ फंसे एक पीड़ित का मामला एसएसपी तक पहुंचा। एसएसपी ने मामले की पड़ताल कर तुंरत सेक्टर-44 चौकी प्रभारी समेत वहां तैनात तीन पुलिस कर्मी, पीसीआर पर तैनात तीन चालक, कार चालकों को फंसाने वाली दो युवतियों समेत 15 को गिरफ्त में ले लिया है।

एसएसपी वैभव कृष्ण के मुताबिक सेक्टर- 44 चौकी पर तैनात सब इंस्पेक्टर सुनील शर्मा, कांस्टेबल मनोज कुमार, अजय वीर सिंह, देवेंद्र कुमार और पीसीआर-50 पर तैनात चालक विपिन सिंह, दुर्वेश कुमार, राजेश के अलावा अनूप, सलीम खान, सतीश उर्फ अंकित, हरिओम शर्मा, सुरेश कुमार, देशराज और कार चालकों को मोहपाश में फंसाकर लूटने वाली विनीता व पूजा को गिरफ्तार किया गया है।

मामले के खुलासे में पता चला कि गिरोह का साथी सुरेश कुमार वकील का किरदार निभाता था। देशराज अवाना बीच-बचाव की भूमिका निभाता था। कुमार चौकी प्रभारी को तुरंत पत्र लिखकर चौकी प्रभारी को देकर आरोपी पर दबाव बनाने के लिए तुरंत गिरफ्तार करने को कहता था। तब अवाना को इलाके का प्रतिष्ठित व्यक्ति बताकर पीड़ित से बात कराई जाती थी। अवाना मामले को सुलझाने के नाम पर लाखों रुपए का सौदा करता था। आरोपी अंकित युवतियों का इंतजाम करता था। जबकि सलीम समेत अन्य सभी दलाली करते थे। आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि पिछले छह महीनों में करीब 20 लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल कर लाखों रुपए की उगाही की है। पीड़ित एक शख्स से तो छह लाख रुपए वसूले थे।

गिरोह ने सोमवार को भी युवती के जरिए कार सवार व्यक्ति को फंसा लिया था। उससे लाख रुपए में सौदा तय हो गया था। उसने 50 हजार रुपए तभी और बाकी 50 हजार रुपए का इंतजाम शाम तक करने को कहा था। रुपए लाने तक पीड़ित की होंडा सिटी कार सब इंस्पेक्टर ने चौकी पर खड़ी करा ली थी। रुपए के इंतजाम के लिए पीड़ित अपने परिचित समाजसेवी के घर पहुंचा और उसे पूरी बात बताई। समाजसेवी पीड़ित को लेकर एसएसपी के पास पहुंचे। इस पर एसएसपी ने एएसपी डॉ. कौस्तुभ की अगुवाई में टीम बनाकर आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई।

पुलिस के कहने पर पीड़ित आरोपियों को चौकी पर 50 हजार रुपए देने पहुंचा, तभी टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों को दबोच लिया। गिरोह से जुड़ी एक अन्य युवती का भी पता चला है। वह अभी फरार है। एसएसपी ने बताया कि ब्लैकमेल कर जो भी रकम मिलती थी, उसका 40 फीसद हिस्सा चौकी प्रभारी का होता था। 30 फीसद हिस्सा लड़की को लाने वाले अंकित को मिलता था। देशराज अवाना को 10 फीसद और बाकी 20 फीसद हिस्से का अन्य लोगों में बंटवारा होता था। गिरफ्तार युवती विनीता आरोपी अंकित की पत्नी है। जबकि अन्य युवती पूजा उसकी दोस्त है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X