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टॉफी देने के बहाने 5 साल की बच्ची से किया था रेप, मिली फांसी की सजा

रेवाली गांव का आरोपी राजकुमार अपने पड़ोस में रहने वाली पांच साल की बच्ची को टॉफी देने के बहाने सुनसान जगह पर ले गया और उससे दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के बाद उसने बच्ची के सिर पर भारी पत्थर मार उसकी हत्या कर दी।

Author जयपुर | June 12, 2019 5:33 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर

राजस्थान के अलवर जिले में पोक्सो अदालत ने पांच साल की बच्ची का बलात्कार कर उसकी हत्या के मामले में एक व्यक्ति को बुधवार को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि विशिष्ट न्यायाधीश (पोक्सो) अजय कुमार शर्मा ने यह फैसला सुनाया।
उन्होंने आरोपी राजकुमार उर्फ धर्मेंद्र को बच्ची का बलात्कार कर उसकी हत्या करने का दोषी ठहराते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई। घटना एक फरवरी 2015 को राजस्थान के बहरोड़ जिले की है। रेवाली गांव का आरोपी राजकुमार अपने पड़ोस में रहने वाली पांच साल की बच्ची को टॉफी देने के बहाने सुनसान जगह पर ले गया और उससे दुष्कर्म किया।

दुष्कर्म के बाद उसने बच्ची के सिर पर भारी पत्थर मार उसकी हत्या कर दी। पुलिस थाना बहरोड ने अभियुक्त के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 363,365 ,201 ,376 , 302 व पोक्सो कानून के तहत आरोपपत्र पेश किया था। अदालत ने उसे धारा 376 के तहत आजीवन कारावास व 302 में मृत्युदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने अपराध को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ करार दिया।

गौरतलब है कि कश्मीर के कठुआ में आठ वर्षीय खानाबदोश लड़की से सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या के सनसनीखेज मामले में तीन मुख्य आरोपियों को 10 मई को यहां की एक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई जबकि साक्ष्यों को नष्ट करने के लिए तीन अन्य को पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई गई। करीब 17 महीने पहले हुई इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।

वहीं दूसरी ओर दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर अलीगढ़ के टप्पल में एक छोटी बच्ची की हत्या करने वाले लोगों को मौत की सजा देने की मांग की है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में मालीवाल ने दुख जताया कि 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों से बलात्कार के लिए मौत की सजा का प्रावधान करने के बावजूद ऐसी घटनाएं नहीं रूक रही हैं। बच्ची के लापता होने के तीन दिन बाद दो जून को उसका शव कूड़े के ढेर में पाया गया। लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या इसलिए की गई कि वह आरोपियों के दस हजार रुपये का ऋण नहीं चुका पाए।

मालीवाल ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा, ‘‘उन्नाव और कठुआ बलात्कार के मामलों ने देश को झकझोर दिया और इस तरह के अपराधों में कड़ी सजा की मांग करते हुए लोग सड़कों पर उतर आए। मैंने भी भूख हड़ताल की थी। आपकी कैबिनेट एक अध्यादेश लाई थी जिसमें 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों से यौन अपराध करने वालों को मौत की सजा देने का प्रावधान था।’’ पत्र में कहा गया, ‘‘आपने भी वादा किया था कि फास्ट ट्रैक अदालतों की संख्या बढ़ाई जाएगी और पीड़ितों को तेजी से न्याय देने के लिए फोरेंसिक जांच की बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। लेकिन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कोई नया कदम नहीं उठाया गया।’’ डीसीडब्ल्यू की प्रमुख ने कहा कि अलीगढ़ में ढाई वर्ष की बच्ची से हैवानियत की घटना में ‘‘क्रूरता की सभी हदें लांघ दी गईं।’’

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