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साइनाइड मल्लिका: भारत की पहली लेडी सीरियल किलर जो आज भी लोगों के लिए रहस्य है

देश की पहली महिला सीरियल किलर की कहानी कहीं ज्यादा रोंगटे खड़े कर देने वाली है। 45 साल की इस डेडली वुमेन का नाम है केडी केम्पामा। पोटैशियम साइनाइड का इस्तेमाल कर बेंगलुरु में केम्पामा ने कई सारी हत्याएं की हैं। इस लेडी किलर को 'साइनाइड मल्लिका' का तमगा भी हासिल है।

Author March 17, 2019 11:37 AM
केडी केम्पामा पर कई हत्याओं का आरोप है। फोटो सोर्स – फेसबुक

‘सीरियल किलर’! यह शब्द सुनते ही आप के दिल-ओ-दिमाग में एक अंजाना सा खौफ भर जाता है। जेहन में एक ऐसे हत्यारे की अनदेखी चित्र उभरने लगती है जिसको सोच कर ही आप सिहर उठते हैं। आज हम जिस हत्यारे की चर्चा कर रहे हैं वो है भारत की पहली महिला ‘सीरियल किलर’। आम तौर पर अपराध को लेकर यह मानसिकता होती है कि पुरुष ही खून-खराबा करने में यकीन रखते हैं और किसी गंभीर अपराध को अंजाम देते हैं लेकिन देश की पहली महिला ‘सीरियल किलर’ की कहानी कहीं ज्यादा रोंगटे खड़े कर देने वाली है। 45 साल की इस डेडली वुमेन का नाम है केडी केम्पामा। पोटैशियम साइनाइड का इस्तेमाल कर बेंगलुरु में केम्पामा ने एक के बाद एक कई सारी हत्याएं की हैं। इस लेडी किलर को ‘साइनाइड मल्लिका’ का तमगा भी हासिल है।

इस ‘सीरियल किलर’ की खौफनाक कहानी आपको अंदर से दहला कर रख देगी। ‘साइनाइड मल्लिका’ ज्यादातर उन महिलाओं को अपना शिकार बनाती थी जो पारिवारिक समस्याओं से परेशान होकर धार्मिक स्थलों पर पूजा-पाठ और मिन्नतें मांगने जाती थीं। वैसी महिलाएं जिनकी वैवाहिक जीवन में समस्याएं हों, जिन्हें संतान ना हुआ हो और जिन्हें धार्मिक कर्मकांडों में गूढ़ विश्वास हो उन महिलाओं पर यह किलर नजर जमाए रखती थी। इन मध्यम उम्र की महिलाओं को यह किलर भरोसा दिलाती थी कि उसे पूजा-पाठ करने में महारत हासित है और उनकी तमाम समस्याओं को वो अपने चमत्कार से ठीक कर सकती है।

पहले से ही परेशान इन महिलाओं का विश्वास पूरी तरह से जीतने के बाद यह शातिर किलर उन्हें महंगे कपड़ों और ज्वैलरी पहनकर पूजा-अनुष्ठान में आने के लिए कहती थी। एक खास बात यह भी है कि पूजा-पाठ करने के लिए ‘साइनाइड मल्लिका’ मंदिरों के आसपास के ही किसी सूनसान जगह को चुनती थी। यहां आने वाली महिलाओं को वो पूजा के वक्त अपनी आँखें बंद करने को कहती और फिर जबरदस्ती खाने या फिर किसी पेय पदार्थ के जरिए उन्हें साइनाइड दे देती थी। साइनाइड के असर से तड़प-तड़प कर महिलाओं की मौत हो जाती थी और फिर यह ‘साइनाइड मल्लिका’ उनके महंगे जेवर लेकर मौके से फरार हो जाती थी।

बेंगलुरु के विभिन्न मंदिरों के आसपास इस महिला ने पिछले 9 सालों में कई कोल्ड ब्लडेड मर्डर को अंजाम दिया है। जब पुलिस ने मल्लिका को एक बस स्टैंड के पास से पकड़ा तो उसके पास से कैश और ज्वैलरी बरामद किये गये। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस औरत ने पुलिस को बतलाया कि उसने लूट के इरादे से ही सभी हत्याएं की हैं। वो किसी मानसिक रोग से पीड़ित नहीं है।

इस ‘साइनाइड मल्लिका’ की शादी कम उम्र में एक गरीब दर्जी से हुई थी। घर में पैसों की हमेशा किल्लत रहती थी। इस महिला को महंगी जिंदगी जीने और ऐशो-आराम के शौक थे। वो ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाना चाहती थी। ‘सीरियल किलर‘ बनने से पहले वो एक चिट फंड भी चलाती थी। उसने कुछ छोटी-मोटी नौकरियां भी की हैं। अभी पुलिस यह मान कर चल रही है कि आर्थिक समस्याएं ही उसके ‘सीरियल किलर‘ बनने के पीछे की प्रमुख वजह है हालांकि अभी पुलिसिया तफ्तीश जारी है। फिलहाल इस महिला ‘सीरियल किलर‘ के गिरफ्त में आने के बाद बेंगलुरु में लोगों ने राहत की सांस ली है।

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