नक्सली इलाके में मेडिकल स्टोर चलाते थे पिता, बेटे ने पूरा किया UPSC का सपना, पढ़ें प्रवीण कुमार की कहानी

पढ़ाई के दौरान ही प्रवीण का सेलेक्शन आईआईटी कानपुर के लिए हो गया। वहां से वह 2017 में बीटेके (सिविल इंजीनियरिंग) की। 2018 में गेट परीक्षा दी तो उसमें उन्हें ऑल इंडिया में पांचवां रैंक हासिल हुआ।

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सिविल सर्विस में सातवां रैंक पाने वाले बिहार के जमुई के छात्र प्रवीण कुमार। (फोटो- सोशल मीडिया)

कहते हैं कि अगर सपने के प्रति लगन है और अपनी मेहनत में कोई कसर नहीं तो हालात कैसे भी हों लक्ष्य को हासिल किया ही जा सकता है। ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने विपरित परिस्थितियों और कम संसाधन में ऐसा करके दिखाया है। बिहार के नक्सल प्रभावित जमुई जिले प्रवीण कुमार ऐसे प्रतिभावान छात्र हैं, जो बेहद साधारण घर से होकर असाधारण सफलता प्राप्त की।

प्रवीण कुमार ने यूपीएससी की परीक्षा में 7वां रैंक हासिल किया। इसके पहले वह 2018 में इंजीनियरिंग सर्विसेज में ऑल इंडिया में तीसरा रैंक प्राप्त किया। इस सफलता के बाद उन्हें रेलवे में ज्वाइनिंग मिली। वहां प्रशिक्षण के दौरान ही उन्होंने तैयारी करते हुए यूपीएससी की परीक्षा भी सफलता पूर्वक निकाल ली।

खास बात यह है कि प्रवीण के परिवार में कोई भी इस बैकग्राउंड का नहीं है। आर्थिक स्थिति भी बहुत मजबूत नहीं है। पिता सीताराम वर्णवाल एक साधारण मेडिकल स्टोर चलाते हैं, जबकि मां वीणा देवी गृहणी हैं। भाई धनंजय वर्णवाल और बहन दीक्षा वर्णवाल अभी पढ़ाई कर रहे हैं।

हालात भले ही साधारण रहे हों लेकिन प्रवीण खुद साधारण नहीं थे। वे असाधारण प्रतिभावान थे। पढ़ाई के दौरान ही उनका सेलेक्शन आईआईटी कानपुर के लिए हो गया। वहां से वह 2017 में बीटेके (सिविल इंजीनियरिंग) की। 2018 में गेट परीक्षा दी तो उसमें उन्हें ऑल इंडिया में पांचवां रैंक हासिल हुआ। इसी साल इंजीनियरिंग सर्विसेज में ऑल इंडिया में तीसरा रैंक प्राप्त किया। वहां से वह रेलवे में ज्वाइन किए। और इसके बाद उन्हें सिविल सर्विस में सफलता मिली। यानी एक के बाद एक वह परीक्षाएं पास करते रहे।

प्रवीण का कहना है कि वे अच्छे सपने देखते हैं और उसको पाने के लिए प्रयास करते हैं। उनके आदर्श महात्मा गांधी, जे कृष्णामूर्ति, आईएएस ऑफिसर ई श्रीधरन, आदित्य रंजन, टीएन सेशन आदि हैं। उनका मानना है कि कम संसाधन को अपनी कमजोरी नहीं बनानी चाहिए। आपके पास जो है, उसी में तैयारी करिए। अगर लगन सही तो सफलता जरूर मिलेगी।

उन्होंने ग्रेजुएशन के सब्जेक्ट को ही अपना विषय चुना। कहा कि सब्जेक्ट वही रखने से तैयारी आसान हो जाती है। इसके अलावा उनका मानना है कि करेंट अफेयर्स पर जरूर फोकस रखें। समाचार पत्र और पत्रिकाओं का अध्ययन करने से हमेशा अपडेट रहेंगे।

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