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कोरोना रिपोर्ट का फर्जीवाड़ा! बैंक मैनेजर की मौत के बाद 3 गिरफ्तार; बड़े रैकेट के पर्दाफाश होने की आशंका

बैंक मैनेजर के घरवालों जब लैब से टेस्ट रिपोर्ट की मांग की तब उन्हें हाथ से लिखा गया एक टेस्ट रिपोर्ट भेजा गया और इसके अलावा यह रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भी भेजा गया जिसमें बिमल सिन्हा को कोरोना निगेटिव बताया गया था।

coronavirus, covid 19, kolkattaपता लगाया जा रहा है कि फर्जी कोरोना रिपोर्ट के आधार पर कितने लोगों को चूना लगाया गया है। सांकेतिक तस्वीर।

कोलकाता में फर्जी कोरोना रिपोर्ट से हुई एक मौत के बाद कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। आशंका जताई जा रही है कि कोई बड़ा रैकेट इसके पीछे काम कर रहा है। दरअसल यहां एक बैंक मैनेजर की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव बता दी गई और फिर कोरोना से ही उनकी मौत हो गई। 57 साल के बिमल सिन्हा की मौत के मामले में अब तक 3 तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

दरअसल बिमल सिन्हा को पिछले कुछ दिनों से बुखार, कफ और ठंड की शिकायत थी। एक पारिवारिक चिकित्सक ने उन्हें Pathological Lab में काम करने वाले एक शख्स से मिलवाया ताकि उनका टेस्ट किया जा सके। बिमल सिन्हा काफी कमजोर हो गए थे लिहाजा वो खुद लैब तक जाने में समर्थ नहीं थे। 25 जुलाई को बिमल सिन्हा के परिजनों ने लैब से संपर्क किया। इसके बाद लैब की तरफ से एक युवक ने आकर बिमल सिन्हा का स्वैब सैंपल लिया। इसके बदले में 2000 रुपए भी लिए गए।

एक दिन बाद परिवार वालों को फोन पर बताया गया कि बिमल सिन्हा की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। परिजनों ने इसके बाद टेस्ट रिपोर्ट की मांग लैब से की। लैब की तरफ से परिवार वाले को हाथ से लिखा गया एक टेस्ट रिपोर्ट भेजा गया और इसके अलावा यह रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भी भेजा गया जिसमें बिमल सिन्हा को कोरोना निगेटिव बताया गया था।

इस मामले में नेताजी नगर पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जब बिमल सिन्हा की तबीयत ज्यादा खराब हो गई तब उन्हें एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। लेकिन तबीयत ठीक नहीं होने पर उन्हें MR Bangur Hospital ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उनका कोरोना जांच किया औऱ रिपोर्ट पॉजीटिव आय़ा।

बिमल सिन्हा के बेटे हर्ष सिन्हा ने कहा है कि MR Bangur Hospital के चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि लैब की तरफ से उनके पिता की जो टेस्ट रिपोर्ट दी गई थी वो फर्जी था।

हर्ष ने बताया कि 30 जुलाई को सरकारी अस्पताल में मेरे पिता की मौत हो गई। शुरू में लैब की तरफ से जिस व्हाट्सऐप नंबर के जरिए परिवार वालों को रिपोर्ट भेजी गई थी उसी नंबर के जरिए तीनों लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

साउथ कोलकाता से पकड़े गए इंद्रजीत सिकदर, विश्वजीत सिकदर के बारे में बताया जा रहा है कि दोनों भाई हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि यह दोनों राज्य के 2 अस्पतालों में कॉन्ट्रैक्ट पर बतौर तकनीशियन काम करते थे।

इसके अलावा पुलिस ने अनित पैरा नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है जो निजी लैबोरेट्री चलाता है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि फर्जी कोरोना रिपोर्ट देकर अब तक कितने लोगों को चूना लगाया गया है।

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