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ED का मनी लांड्रिंग मामले में एक्शन, नौ चीनी नियंत्रित फर्मों के 9.82 करोड़ रुपए फ्रीज, जानें मामला

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग केस में ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म के मर्चेंट खातों में रखे 9.82 करोड़ रुपए जब्त कर लिए हैं।

ED का मनी लांड्रिंग मामले में एक्शन, नौ चीनी नियंत्रित फर्मों के 9.82 करोड़ रुपए फ्रीज, जानें मामला
ED ने मनी लांड्रिंग मामले में नौ चीनी नियंत्रित फर्मों के 9.82 करोड़ रुपए फ्रीज किए हैं (फोटो सोर्स – ANI)

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘चीनी नियंत्रण’ वाले एक निवेश ऐप के खिलाफ जारी मनी लांड्रिंग के मामले की जांच के सिलसिले में करीब नौ ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म के मर्चेंट खातों में रखे हुए 9.82 करोड़ रुपये मूल्य का कोष जब्त किया है।

केंंद्रीय जांच एजेंसी ने ‘HPZ’ नाम ऐप-आधारित टोकन और इसी तरह के अन्य ऐप के गलत इस्तेमाल से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की है। ईडी ने एचपीजेड टोकन और अन्य के खिलाफ साइबर अपराध पुलिस स्टेशन, कोहिमा, नागालैंड द्वारा आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत 8 अक्टूबर, 2021 को दर्ज एक FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी।

इस मामले में जांच एजेंसी ने दूसरी बार ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म के मर्चेंट खातों में रखी हुई राशि को जब्त किया है। ईडी ने 29 सितंबर, गुरुवार को एक बयान में इस मामले में जानकारी दी। एजेंसी ने कहा, ‘‘कोमीन नेटवर्क टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड एवं कुछ अन्य चीनी नियंत्रण वाली फार्म का गैर-वित्तीय बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के साथ सेवा देने का करार है।

एजेंसी ने बयान में आगे कहा कि चीनी स्वामित्व वाली ये फर्म कैशहोम, कैशमार्ट और ईजीलोन जैसे कई संदिग्ध लोन एवं अन्य ऐप की सर्विस दे रही थी। वे इन मोबाइल ऐप के इस्तेमाल के नाम पर आम लोगों से पैसा जुटा रही थी। तभी उनकी नजर ऐप-आधारित टोकन एचपीजेड (HPZ) पर गई। जब जांच हुई तो उन्हें कई सारे संदिग्ध लेनदेन मिले।

ईडी ने बताया कि इस कड़ी में चीन नियंत्रित नौ फर्मों कोमीन नेटवर्क टेक्नोलॉजी, मोबिक्रेड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, बायतू टेक्नोलॉजी, अलिये नेटवर्क, वीकैश टेक्नोलॉजी, लार्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, मैजिक बर्ड टेक्नोलॉजी और एसपर्ल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की रकम को मनी लांड्रिंग के तहत जब्त किया गया है।

गौरतलब है कि जांच एजेंसी ने कुछ दिनों पहले भी इसी तरह का एक अभियान चलाया था, जिसमें 46.67 करोड़ रुपये की राशि जब्त की गई थी। उस अभियान में ईजबज, रेजरपे, कैशफ्री और पेटीएम जैसे ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म्स पर शिकंजा कसा गया था और उनके खातों में रखी हुई राशि को जब्त किया गया था।

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First published on: 29-09-2022 at 05:35:52 pm
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