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ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में ABG Shipyard से जुड़ी 2,747 करोड़ रुपए की संपत्ति की कुर्क

ABG Shipyard Case: ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में गुजरात में स्थित सूरत और दहेज में शिपयार्ड, कृषि भूमि और भूखंड, गुजरात और महाराष्ट्र में विभिन्न वाणिज्यिक और आवासीय परिसर शामिल हैं।

ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में ABG Shipyard से जुड़ी 2,747 करोड़ रुपए की संपत्ति की कुर्क
सूरत शहर के इच्छापुर में एबीजी कंपनी का शिपयार्ड। (Photo Credit – Express Photo/Hanif Malek)

देश में 28 बैंकों के साथ 22 हजार करोड़ से अधिक के धोखाधड़ी मामले में घिरी एबीजी शिपयार्ड कंपनी पर सीबीआई के बाद अब ईडी (ED) ने एक्शन ले लिया है। ईडी ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके द्वारा एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, एबीजी से जुड़ी अन्य कंपनियों और संस्थाओं से जुड़ी 2,747 करोड़ रुपए की डॉकयार्ड, खेती की जमीन, कमर्शियल संपत्ति, बैंक खातों की रकम कुर्क की है।

कुर्क की गई संपत्तियों में यह सब शामिल

संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि जब्त संपत्तियों में गुजरात (Gujarat) में सूरत और दहेज में स्थित शिपयार्ड, खेती की जमीन और भूखंड, गुजरात और महाराष्ट्र में विभिन्न कमर्शियल और आवासीय परिसर और एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, ग्रुप कंपनियों और अन्य संबंधित संस्थाओं के स्वामित्व वाले बैंक खाते शामिल हैं।

सीबीआई ने किया था ABG के फाउंडर को गिरफ्तार

जांच एजेंसी ने बताया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत अनंतिम रूप से कुर्क की गई संपत्ति का कुल मूल्य 2,747.69 करोड़ रुपये है।प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई सीबीआई द्वारा कंपनी के फाउंडर ऋषि कमलेश अग्रवाल को गिरफ्तार करने के एक दिन बाद सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कुर्क की गई संपत्तियां एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, इसकी ग्रुप कंपनी बरमाको एनर्जी सिस्टम्स लिमिटेड धनंजय दातार, सविता धनंजय दातार, कृष्ण गोपाल तोशनीवाल और वीरेन आहूजा की हैं।

ऐसे पहुंचा था बैकों को नुकसान

ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने कहा कि जांच में पाया गया कि एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड (ABG Shipyard) और उसके अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ऋषि कमलेश अग्रवाल ने आईसीआईसीआई बैंक, मुंबई के नेतृत्व वाले बैंकों के संघ से अपने निजी व व्यावसायिक खर्चों को पूरा करने के बहाने लोन की राशि का फायदा लिया। इसके अलावा, एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड ने कंसोर्टियम से क्रेडिट सुविधाओं का गलत इस्तेमाल कर भारत और विदेशों में रकम को “डायवर्ट” भी किया। ABG के इसी कथित अवैध लेनदेन के कारण बैंकों के संघ को 22,842 करोड़ रुपये का “मौद्रिक नुकसान” (Monetary Loss) हुआ था।

पानी के जहाज बनाने का काम करती है ABG

गौरतलब है कि एबीजी शिपयार्ड भारत में पानी के जहाज बनाने और उनकी मरम्मत का काम करती है। इस कंपनी के गुजरात में दहेज और सूरत में शिपयार्ड है। यह कंपनी 16 सालों में 165 जहाज बना चुकी है।

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