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दशहरे पर पत्थरबाजीः राजस्थान के टोंक में तड़के साढ़े 4 बजे जला रावण, प्रशासन ने कर्फ्यू लगाकर बैन किया इंटरनेट

टोंक के मालपुरा में रात 12 से ही इंटरनेट बैन है और सुबह 6 बजे कर्फ्यू लगा दिया गया। सुबह वितरण के लिए पहुंचे अखबारों के बंडल भी पुलिस ने कब्जे में ले लिए। तड़के साढे़ 4 बजे स्थानीय निकाय के कर्मचारियों ने ही रावण दहन कर दिया।

Author टोंक | Published on: October 9, 2019 9:37 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

Dussehra 2019: राजस्थान के टोंक (Tonk) में दशहरे पर रावण दहन के निर्धारित कार्यक्रम से ठीक पहले पत्थरबाजी शुरू हो गई। बदमाशों की इस करतूत के चलते तय समय पर रावण का पुतला नहीं जलाया जा सका। इसके चलते एक दिन बाद बुधवार (9 अक्टूबर) को रावण का पुतला दहन (Rawan Dahan) किया गया। इस पत्थरबाजी (Stone Pelting) के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। फिलहाल इलाके में कर्फ्यू (Curfew) लगा हुआ है और इंटरनेट पर प्रतिबंध (Internet Ban) लगा दिया गया है। घटना टोंक के मालपुरा की है। लोगों ने इस घटना के बाद राज्य सरकार (Rajasthan Government) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

तड़के 4 बजे हुआ रावण दहनः प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना वाले इलाके में रात 12 से ही इंटरनेट बैन है और सुबह 6 बजे कर्फ्यू लगा दिया गया। सुबह वितरण के लिए पहुंचे अखबारों के बंडल भी पुलिस ने कब्जे में ले लिए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिला कलेक्टर की मौजूदगी में तड़के साढे़ 4 बजे स्थानीय निकाय के कर्मचारियों ने ही रावण दहन कर दिया।

बीजेपी विधायक के नेतृत्व में प्रदर्शनः मालपुरा से बीजेपी के विधायक कन्हैयालाल चौधरी (Malpura BJP MLA Kanhaiyalal Choudhary) के नेतृत्व में लोगों ने रावण दहन से पहले पत्थरबाजी करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग की। इस दौरान दशहरा मैदान और पुलिस थाने के बाहर धरना दिया गया। ऐहतियातन कई आला पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर ही मौजूद हैं। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।

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ऐसे विवादों से टोंक का पुराना नाताः पहली बार नहीं है जब टोंक में त्योहारों के दौरान इस तरह की घटनाएं सामने आई हो। जिले के अलग-अलग इलाकों में लगभग हर बार त्योहार पर कुछ न कुछ वारदात होती ही है, जिससे शांति भंग होती है। टोंक को राजस्थान के संवेदनशील इलाकों में शुमार किया जाता है।

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