दांतों की डॉक्टर और कॉलेज टॉपर नवजोत खोसा ने कलेक्टर बनकर शुरू किया था केरल का पहला ड्राइव इन वैक्सीन मुहिम

एक निजी कंपनी में सीनियर पोजीशन पर काम करने वाले उनके पिता जगतार सिंह खोसा के मुताबिक नवजोत पढ़ाई-लिखाई में हमेशा से अव्वल रहीं। बताया कि वह हर साल स्वर्ण पदक हासिल करती रहीं हैं और विश्वविद्यालय की टॉपर भी रही हैं।

IAS Success Story, Vaccination
आईएएस डॉ. नवजोत खोसा। (फोटो- फेसबुक प्रोफाइल)

ऐसे समय में जब महिलाएं सामाजिक अन्याय से लड़ने और अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करती हैं, तब डॉ. खोसा उन्हें खुद पर भरोसा रखने और अपने सपनों पर विश्वास करने में मदद करने के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन जाती हैं। पंजाब के बठिंडा की रहने वाली डॉ. नवजोत खोसा 2012 बैच की कैरल कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। वह हमेशा समाज के लिए आगे बढ़कर कुछ करने की बात सोचने वाली महिला हैं। खास बात यह है कि वह दांतों की डॉक्टर रहीं और अब आईएएस बनकर पूरे समाज की सेवा कर रही हैं।

हमेशा टॉपर रहीं: एक निजी कंपनी में सीनियर पोजीशन पर काम करने वाले उनके पिता जगतार सिंह खोसा के मुताबिक नवजोत पढ़ाई-लिखाई में हमेशा से अव्वल रहीं। बताया कि वह हर साल स्वर्ण पदक हासिल करती रहीं हैं और विश्वविद्यालय की टॉपर भी रही हैं। अमृतसर के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज से बीडीएस स्नातक नवजोत के मन में जब समाज की सेवा करने की इच्छा जगी, तो उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा को सबसे अच्छा माध्यम पाया।

आईएएस की तैयारी के लिए ज्वाइन की कोचिंग: इसके बाद उन्होंने दिल्ली से यूपीएससी की कोचिंग ली और 2012 में उसमें सफल हो गईं। उन्हें केरल कैडर मिला। जगतार सिंह कहते हैं कि उनकी बेटी ने पूरे परिवार को गौरवान्वित किया है।

तिरुवनंतपुरम में ’24×7 ड्राइव-थ्रू टीकाकरण केंद्र’ : नवजोत की पोस्टिंग जब केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में कलेक्टर के रूप में हुई तो उन्होंने वहां पहला ड्राइव इन वैक्सीन मुहिम शुरू किया। उनकी वजह से टीकाकरण अभियान को बढ़ावा देने, अधिक लोगों को कवर करने और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के लिए ’24×7 ड्राइव-थ्रू टीकाकरण केंद्र’ शुरू करने वाला तिरुवनंतपुरम राज्य का पहला शहर है। इस पहल से लोगों को काफी फायदा हो रहा है। लोग टीके लगवाने के लिए अपने स्वयं के वाहनों, कारों, बाइक, साइकिल और यहां तक ​​कि पैदल चलकर भी आ रहे हैं।

पूरी फैमिली सामाजिक जागरूकता के प्रति संवेदनशील: डॉ. नवजोत खोसा के परिवार में रहमत सिंह खोसा और हसमत सिंह खोसा दो भाई हैं। रहमत डेंटल सर्जरी (बीडीएस) में स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि हसमत कनाडा में बस गए हैं। उनका पूरा परिवार शिक्षित होने के साथ ही सामाजिक जागरूकता के प्रति संवेदनशील है।

14 में से नौ जिलों में महिला जिला कलेक्टर: महिलाओं की प्रशासनिक क्षमता का केरल के नजरिए से समझा जा सकता है। राज्य के 14 में से नौ जिलों में अब जिला कलेक्टर के रूप में महिलाएं हैं। राजधानी तिरुवनंतपुरम और पड़ोसी जिलों कोल्लम और पठानमथिट्टा का प्रशासनिक नियंत्रण महिला कलेक्टरों के हाथों में सुरक्षित है। कोट्टायम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, वायनाड और कासरगोड अन्य जिले हैं। नवजोत खोसा, अफसाना परवीन, दिव्या अय्यर और पी.के.जयश्री इन जिलों में प्रशासन का नेतृत्व करने वाले प्रमुख अधिकारियों में से हैं। शीर्ष स्तर के प्रशासनिक पदों पर महिलाओं की उपस्थिति से समाज में महिलाओं के अनुकूल दृष्टिकोण बनाने में मदद मिलेगी।

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